धनबाद में CBI का बड़ा शिकंजा: बिल पास कराने के बदले रिश्वत लेते रेलवे के सीनियर अफसर गिरफ्तार
धनबाद रेल मंडल में CBI की बड़ी कार्रवाई। सीनियर डीईई (जी) संजीव कुमार को बिल पास कराने के नाम पर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। कार्यालय और घर से लाखों रुपये बरामद, रेलवे महकमे में मचा हड़कंप।
- ऑफिस से व घर से कैश बरामद
धनबाद (Threesocieties.com Desk)। झारखंड के धनबाद रेल मंडल में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई की टीम ने बिल पास कराने के नाम पर रिश्वत लेते रेलवे के सीनियर डीईई (जी) संजीव कुमार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद पूरे रेल मंडल में हड़कंप मच गया।
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बताया जा रहा है कि रेलवे के एक ठेकेदार की शिकायत पर सीबीआई ने यह ट्रैप कार्रवाई की। गिरफ्तारी के दौरान अधिकारी के कार्यालय और आवास से नकदी भी बरामद की गई है।
बिल पास कराने के बदले मांगी गई थी रिश्वत
मिली जानकारी के अनुसार, रेलवे ठेकेदार ए.के. झा को धनबाद स्टेशन पर लिफ्ट ऑटोमेशन सहित अन्य तकनीकी कार्यों का टेंडर मिला था। काम पूरा होने में देरी होने के कारण विभाग की ओर से जुर्माना लगा दिया गया था। इसके बाद बिल पास कराने की प्रक्रिया में देरी की जा रही थी। आरोप है कि बिल पास करने के बदले सीनियर डीईई (जी) संजीव कुमार ने ठेकेदार से रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से की, जिसके बाद एजेंसी ने जाल बिछाकर ट्रैप की योजना बनाई।
ऑफिस और घर पर एक साथ छापेमारी
शिकायत की पुष्टि के बाद सीबीआई की टीम ने शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे धनबाद रेल मंडल के डीआरएम कार्यालय स्थित संजीव कुमार के कार्यालय और पूजा टॉकीज के पास स्थित उनके सरकारी आवास पर एक साथ छापेमारी की । इसी दौरान सीबीआई ने उन्हें रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। छापेमारी के दौरान कार्यालय के टेबल के ड्रावर से करीब 50 हजार रुपये बरामद किए गए। वहीं आवास से लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद मिले। इसके अलावा टीम ने कई दस्तावेज, फाइलें और प्रिंटर समेत अन्य सामग्री भी जब्त की है।
रात तक चलती रही जांच
सीबीआई की टीम देर रात लगभग सवा 11 बजे तक डीआरएम कार्यालय में जांच करती रही। इस दौरान कई कर्मचारियों और अधिकारियों से भी पूछताछ की गई। पूछताछ और जांच के बाद सीबीआई अधिकारी संजीव कुमार को अपने साथ ले गई। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
आठ साल से धनबाद में तैनात थे अफसर
सूत्रों के अनुसार, आईआरएसईई अधिकारी संजीव कुमार पिछले करीब आठ वर्षों से धनबाद रेल मंडल में तैनात थे।
वे सीनियर डीईई (जी) बनने से पहले
सीनियर डीईई (ऑपरेशन)
सीनियर डीई टीआरएस, गोमो
जैसे पदों पर भी कार्य कर चुके हैं।
छापेमारी की खबर से मचा हड़कंप
सीबीआई की कार्रवाई की खबर मिलते ही रेल मंडल के कई अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि छापेमारी की सूचना मिलते ही कुछ अधिकारी कार्यालय छोड़कर बाहर निकल गये। इलेक्ट्रिकल विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि लंच ब्रेक के बाद जब वे कार्यालय लौटे तो उन्हें मामले की जानकारी मिली। कई अधिकारी लैपटॉप लेकर अधिकारी के कक्ष में पूछताछ कर रहे थे और कर्मचारियों को अंदर जाने से रोक दिया गया था।
रेलवे में भ्रष्टाचार पर फिर उठे सवाल
इस कार्रवाई के बाद धनबाद रेल मंडल में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से अधिकारियों पर ठेकेदारों से लेनदेन के आरोप लगते रहे हैं। अब सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि रेलवे के अन्य मामलों की भी जांच तेज हो सकती है। फिलहाल सीबीआई पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे और खुलासे होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा रहा है।






