बिहार: मोकामा के बाहुबली RJD MLA अनंत सिंह को MP-MLA स्पेशल कोर्ट बड़ी राहत, डबल मर्डर किया बरी

बिहार के मोकामा से आरजेडी के बाहुबली एमएलए अनंत कुमार सिंह को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। डबल मर्डर केस में पटना की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने अनंत सिंह के अलावादो आरोपियों  बकमा गांव निवासी हरि सिंह और छोटन सिंह को बरी कर दिया है।

बिहार: मोकामा के बाहुबली RJD MLA अनंत सिंह को MP-MLA स्पेशल कोर्ट बड़ी राहत, डबल मर्डर किया बरी

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पटना। बिहार के मोकामा से आरजेडी के बाहुबली एमएलए अनंत कुमार सिंह को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। डबल मर्डर केस में पटना की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने अनंत सिंह के अलावादो आरोपियों  बकमा गांव निवासी हरि सिंह और छोटन सिंह को बरी कर दिया है। 

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बाढ़ के भदौर पुलिस स्टेशन एरिया अंतर्गत बांका गांव में 30 अक्टूबर 2015 को प्रेम कुमार सिंह और जवाहर सिंह को गोली मारकर मर्डर कर दी गई थी।जवाहर सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था जबकि प्रेम सिंह की मौत इलाज के दौरान हुई थी। घायल प्रेम सिंह ने पुलिस को अपना बयान दर्ज कराया था। घटना में एमएलए अनंत सिंह का भी उल्लेख किया गया था। प्रेम सिंह के बयान के आधार पर एपआइआर दर्ज हुआ था। इस मर्डर केस में मोकामा एमएलए अनंत सिंह समेत तीन आरोपी के खिलाफ ट्रायल चला। मृतक प्रेम कुमार सिंह एक रिटायर्ड फौजी था। आरोप था कि अनंत सिंह प्रेम कुमार को अपना बॉडीगार्ड बनाने के लिए दबाव बना रहे थे। लेकिन उन्होंने बॉडीगाऱ् बनने से इनकार कर दिया था जिसके कारण यह घटना हुई है।केस में अभियोजन पक्ष ने 10 लोगों को गवाह बनाया था। केस के आइओ व डॉक्टर छोड़कर आठ गवाह विरोधी हो गये। सबूतों के अभाव में कोर्ट ने तीन आरोपितों को बरी कर दिया.

अनंत सिंह के घर से मिले थे एके-47 और ग्रेनेड
वर्ष 2011 में अनंत सिंह के पुश्तैनी मकान लदमा से पुलिस ने रेड के दौरान एके-47 गन और एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया था। इस मामले पिछले महीने अनंत सिंह का बयान एमपी एमएलए कोर्ट के स्पेशल जज ने दर्ज किया था। अनंत सिंह ने अपने बयान में कहा कि मेरा पुश्तैनी घर नदवां में है। मेरे पुश्तैनी घर की देखरेख (केयर टेकर) अनिल राम नहीं करता है। न ही उसे हम जानते हैं। मेरे पुश्तैनी घर से कुछ बरामद नहीं हुआ है। मैं पुश्तैनी घर पर नहीं रहता हूं। मैं 17-18 वर्ष से पटना स्थित सरकारी आवास में रहता हूं। मैं दो बार नदंवा गांव गया था। एक बार बेटी की शादी के लिए और एक बार भाई के श्राद्ध में। मैं निर्दोष हूं।