Dhanbad: बेनीडीह CISF मुठभेड़ में 4 मौतों का मामला: खुलेगी फाइल, NHRC टीम करेगी जांच

बेनीडीह KKC साइडिंग गोलीकांड की चार साल बाद NHRC जांच करेगा। 22 से 25 सितंबर तक टीम धनबाद में स्पॉट इंक्वायरी और संबंधित लोगों से पूछताछ करेगी।

Dhanbad: बेनीडीह CISF मुठभेड़ में 4 मौतों का मामला: खुलेगी फाइल, NHRC टीम करेगी जांच
बेनीडीह गोलीकांड की 4 साल बाद खुलेगी फाइल।

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  • 22 से 25 सितंबर 2026 तक धनबाद में NHRC की टीम करेगी जांच
  • बेनीडीह KKC मेन साइडिंग गोलीकांड 19/20 नवंबर 2022 की रात हुआ था
  • घटना में चार लोगों की मौत और दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की रिपोर्ट है
  • NHRC टीम घटना की स्पॉट इंक्वायरी भी करेगी

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के बहुचर्चित बेनीडीह KKC मेन साइडिंग गोलीकांड की जांच अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) करेगा। करीब चार साल पुराने इस मामले की पड़ताल के लिए आयोग की टीम 22 से 25 सितंबर 2026 तक धनबाद में रहेगी। टीम घटना से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने के साथ मौके की जांच भी करेगी।

उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार घटना 19/20 नवंबर 2022 की देर रात बीसीसीएल ब्लॉक-2 क्षेत्र की बेनीडीह मेन लिंक/KKC साइडिंग में हुई थी। गोलीबारी की घटना में चार लोगों की मौत हुई थी, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। NHRC की जांच से करीब चार साल पुराने इस मामले के घटनाक्रम, गोलीबारी की परिस्थितियों और घटना के बाद हुई कार्रवाई से जुड़े कई सवालों की दोबारा पड़ताल होगी।

22 से 25 सितंबर तक होगी जांच

NHRC की टीम 22 से 25 सितंबर तक धनबाद में मामले की जांच करेगी। आयोग की ओर से डीआईजी स्तर के अधिकारी गौरव गर्ग के नेतृत्व में टीम के आने की जानकारी सामने आई है। टीम जांच के साथ स्पॉट इंक्वायरी भी करेगी। बाघमारा पुलिस ने घटना से जुड़े लोगों को आयोग की टीम के समक्ष उपस्थित रहने के लिए पत्र भेजा है। इसमें CISF की QRT में शामिल अधिकारी और जवान, स्थानीय पुलिस-प्रशासन तथा मामले के वादी समेत संबंधित लोगों को शामिल किया गया है।

चार साल पुराने मामले में फिर जुटेंगे तथ्य

घटना के समय बेनीडीह KKC मेन साइडिंग में कोयला चोरी को लेकर CISF की टीम और कथित कोयला चोरों के बीच गोलीबारी हुई थी। उस समय दोनों पक्षों की ओर से गोली चलने की बात सामने आई थी और चार लोगों की मौत हुई थी। दो CISF जवानों के घायल होने की भी रिपोर्ट आई थी। अब NHRC की जांच में घटना से पहले की परिस्थितियों, घटनास्थल पर मौजूद लोगों, गोलीबारी के क्रम, घायलों और मृतकों से जुड़े तथ्यों तथा घटना के बाद पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई की पड़ताल की जाएगी।

मृतकों के परिजनों और घायलों से होगी पूछताछ

जांच के दौरान मृतकों के परिजनों से घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों के संबंध में जानकारी ली जा सकती है। घायलों के परिजन, प्रत्यक्षदर्शी और घटना से जुड़े अन्य लोगों के बयान भी जांच का हिस्सा होंगे। घटना से जुड़े वाहन चालक और मामले के शिकायतकर्ता से भी पूछताछ की तैयारी की गई है। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति के पास घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है तो उसका बयान भी लिया जा सकता है।

तत्कालीन अधिकारियों से भी मांगी जाएगी जानकारी

जांच का दायरा केवल घटनास्थल पर मौजूद लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। उस समय धनबाद में पदस्थ रहे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से भी घटना और उसके बाद की कार्रवाई से जुड़े सवाल पूछे जा सकते हैं। इनमें तत्कालीन जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, ग्रामीण एसपी, संबंधित थाना प्रभारी और मामले के तत्कालीन अनुसंधानकर्ता जैसे अधिकारी शामिल हैं। घटना में शामिल सीआईएसएफ के जवानों से भी पूछताछ की जाएगी।

सूची में तीन जवानों का नाम और पहचान संख्या दर्ज है। सीआईएसएफ कांस्टेबल अरुण कुमार यादव, सीआईएसएफ उप निरीक्षक दिनेश शर्मा और पिंटू कुमार। जांच एजेंसी यह समझने की कोशिश करेगी कि घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की ओर से कौन-कौन से कदम उठाये गये थे और मामले की जांच किस प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ी।

CISF जवानों को भी उपस्थित रहने का निर्देश

NHRC जांच के दौरान घटना में शामिल CISF की QRT टीम के अधिकारी और जवान भी मौजूद रहेंगे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक संबंधित CISF कर्मियों को जांच में सहयोग करने और आयोग के समक्ष उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। इससे घटना के दौरान CISF टीम की कार्रवाई, गोलीबारी की परिस्थितियों और उसके बाद की प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों को आयोग के सामने रखने का अवसर मिलेगा।

जांच में क्या सामने आएगा, इस पर नजर

चार साल बाद शुरू हो रही NHRC जांच के कारण बेनीडीह गोलीकांड एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि, किसी अधिकारी, जवान या अन्य व्यक्ति की जिम्मेदारी अथवा दोष अभी निष्कर्ष के रूप में नहीं कहा जा सकता। जांच में उपलब्ध दस्तावेज, बयान, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर ही आयोग अपनी राय या आगे की कार्रवाई तय करेगा। NHRC की जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह भी होगा कि घटना के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित लोगों के बयान तथा तत्कालीन प्रशासनिक कार्रवाई को एक साथ देखा जाए।

चार साल बाद फिर क्यों महत्वपूर्ण हुई जांच?

घटना के करीब चार साल बाद NHRC की टीम मौके पर जांच करेगी।
मृतकों के परिवार और घायलों से जुड़े पक्षों की बात सामने आएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों से घटनाक्रम की जानकारी ली जाएगी।
CISF QRT के अधिकारी-जवान जांच के दायरे में रहेंगे।
तत्कालीन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से भी जानकारी ली जाएगी।
घटनास्थल और घटना के बाद की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों को जोड़ने की कोशिश होगी।

NHRC की यह जांच 22 से 25 सितंबर 2026 तक चलेगी। इसके बाद जांच में सामने आने वाले तथ्य यह स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे कि चार साल पुराने बेनीडीह गोलीकांड के विभिन्न पहलुओं पर आयोग की क्या निष्पत्तियां सामने आती हैं।