Bihar: GM कमलेश के ठिकानों पर EOU रेड, 4.70 करोड़ की संपत्ति का खुलासा, 16 खाते फ्रीज
बिहार भवन निर्माण निगम के GM कमलेश कुमार के पटना-वैशाली स्थित चार ठिकानों पर छापेमारी में 3.12 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति और 4.70 करोड़ के फ्लैट-जमीन के दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है।
HighLights:
- बिहार राज्य भवन निर्माण निगम के GM कमलेश कुमार के चार ठिकानों पर EOU की रेड
- EOU के अनुसार, जांच में करीब 3.12 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का मामला
- छापेमारी में करीब 4.70 करोड़ रुपये के फ्लैट और जमीन से जुड़े दस्तावेज मिले
- EOU ने आय और संपत्ति के बीच बड़े अंतर को जांच का आधार बनाया
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार में आय से अधिक संपत्ति के मामलों को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक (GM) कमलेश कुमार से जुड़े पटना और वैशाली के चार ठिकानों पर EOU की टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान जमीन, मकान, फ्लैट, दुकान और बैंक खातों से जुड़े कई दस्तावेजों की जांच की गई।
EOU की जांच के मुताबिक, कमलेश कुमार के पास उनकी ज्ञात और वैध आय की तुलना में करीब 3 करोड़ 12 लाख 51 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति होने का आरोप है। यह राशि उनकी ज्ञात आय से करीब 103.30 प्रतिशत अधिक बताई गई है।
21 साल की नौकरी में संपत्ति जुटाने का आरोप
जांच में सामने आए विवरण के अनुसार, कमलेश कुमार को करीब 21 साल की सेवा अवधि में वेतन के रूप में लगभग 2.28 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। वहीं, तलाशी के दौरान करीब 4.70 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन और फ्लैट से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है।EOU अब इन संपत्तियों के स्रोत, खरीद के समय भुगतान की गई राशि और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि इन संपत्तियों को खरीदने के लिए धन का स्रोत क्या था और क्या घोषित आय के अनुरूप इतनी संपत्ति अर्जित करना संभव था।
राजीव नगर में ढाई कट्ठा जमीन पर G+4 मकान
तलाशी में पटना के राजीव नगर स्थित संपत्ति भी जांच के दायरे में आई है। यहां करीब ढाई कट्ठा जमीन पर G+4 मकान होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा राजीव नगर इलाके में दुकानों और अन्य संपत्तियों का भी विवरण जांच में सामने आया है। EOU की टीम ने संपत्तियों से जुड़े कागजात, खरीद-बिक्री के दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की।
SK पुरी में 83 लाख का फ्लैट
छापेमारी के दौरान पटना के SK पुरी स्थित मनमोहन अपार्टमेंट में एक फ्लैट का भी पता चला। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस फ्लैट की कीमत करीब 83 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा पटना में जमीन और अन्य अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी जांच टीम को मिले हैं।
नोएडा में भी फ्लैट
जांच में पटना के अलावा नोएडा स्थित फ्लैट की जानकारी भी सामने आई है। इसकी कीमत करीब 35 लाख रुपये बताई गई है। EOU अब यह पता लगाने में जुटी है कि अलग-अलग शहरों में खरीदी गई संपत्तियों के लिए रकम कहां से आई और इनका भुगतान किस माध्यम से किया गया।
जंदाहा में 12 प्लॉट और मकान
वैशाली के जंदाहा इलाके में भी कमलेश कुमार से जुड़ी संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि जंदाहा में उनके नाम से करीब 12 प्लॉट हैं। वहीं, जंदाहा में करीब 80 लाख रुपये के मकान की जानकारी भी जांच के दौरान सामने आई है।
परिजनों के नाम पर भी संपत्ति
EOU की जांच में केवल कमलेश कुमार के नाम की संपत्तियां ही नहीं, बल्कि उनके परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई जमीन और फ्लैट से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पत्नी, भाई और पत्नी के भाई के नाम पर भी संपत्ति खरीदने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी इन लेनदेन के स्रोत और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों का मिलान कर रही है।
भागलपुर की जमीन भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान भागलपुर में मीरा कुमारी और सौरभ कुमार के नाम से खरीदी गई जमीन का भी उल्लेख सामने आया है। जानकारी के अनुसार, इस जमीन को करीब 7 लाख रुपये में 2018 में बेचा गया था। इसी तरह पटना में कमलेश कुमार और मीरा कुमारी के नाम से खरीदी गई जमीन को 2021 में बेचने की बात भी सामने आई है। EOU इन खरीद-बिक्री के पुराने दस्तावेजों और रकम के लेनदेन की भी जांच कर रही है।
बैंक खातों में भी मिली रकम
छापेमारी के दौरान बैंक खातों और निवेश से संबंधित जानकारी भी जुटाई गई। उपलब्ध विवरण के अनुसार, वेतन खाते में करीब 36 हजार रुपये मिले। वहीं, PPF खाते में करीब 9.74 लाख रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग बैंक खातों में भी लाखों रुपये की राशि होने की बात सामने आई है। जांच के दौरान बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले गए और संबंधित खातों को फ्रीज किए जाने की कार्रवाई की गई।
करीब 35 लाख रुपये का लोन भी
जांच में कमलेश कुमार पर करीब 35 लाख रुपये के लोन की जानकारी भी सामने आई है। EOU संपत्ति, बैंक बैलेंस, निवेश, कर्ज और आय के बीच वित्तीय तालमेल की जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उनकी कुल संपत्ति और देनदारियों की वास्तविक स्थिति क्या है।
चार ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
EOU की टीम ने मंगलवार को कमलेश कुमार से जुड़े कुल चार स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें शामिल हैं—
वैशाली के जंदाहा थाना क्षेत्र स्थित पैतृक आवास
पटना के SK पुरी स्थित मनमोहन अपार्टमेंट का फ्लैट
राजीव नगर रोड नंबर-25C स्थित मेघा बिल्डिंग
बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड स्थित GM का कार्यालय कक्ष
इन सभी स्थानों पर दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई।
इन संपत्तियों की भी जानकारी
तलाशी से सामने आए विवरण के अनुसार जांच के दायरे में कई प्रमुख संपत्तियां शामिल हैं—
नोएडा में करीब 35 लाख रुपये का फ्लैट
SK पुरी के मनमोहन अपार्टमेंट में करीब 83 लाख रुपये का फ्लैट
राजीव नगर में करीब 1.20 करोड़ रुपये का मकान
दो दुकानें
जंदाहा में करीब 80 लाख रुपये का मकान
पटना में करीब 1.56 करोड़ रुपये की जमीन
परिजनों के नाम पर जमीन
इनोवा कार
अन्य चल-अचल संपत्तियां
EOU इन सभी संपत्तियों के दस्तावेज और वास्तविक बाजार मूल्य की भी जांच कर सकती है।
EOU की जांच में क्या है मुख्य आरोप?
पूरे मामले का मुख्य बिंदु ज्ञात आय और संपत्ति के बीच अंतर है। EOU के अनुसार, कमलेश कुमार पर करीब 3.12 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि उनके सेवा काल के दौरान अर्जित संपत्ति और उपलब्ध वैध आय में कितना अंतर है तथा संबंधित संपत्तियों की खरीद के लिए धन का स्रोत क्या था।
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