धनबाद पुलिस का बड़ा ‘ऑपरेशन क्लीन-अप’: 30 साल पुराने केस समेत 1250 लंबित कांड पहुंचे कोर्ट

धनबाद पुलिस ने मई माह में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 1250 लंबित मामलों की चार्जशीट और अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में जमा कराया। तीन दशक पुराने मामलों को भी नई रफ्तार मिली है।

धनबाद पुलिस का बड़ा ‘ऑपरेशन क्लीन-अप’: 30 साल पुराने केस समेत 1250 लंबित कांड पहुंचे कोर्ट
एसएसपी प्रभात कुमार (फाइल फोटो)।
  • मई माह में धनबाद पुलिस ने 1250 लंबित मामलों की चार्जशीट/अंतिम प्रतिवेदन कोर्ट में जमा किया
  • वर्ष 1998 और 1999 के पुराने मामलों को भी न्यायिक प्रक्रिया में लाया गया
  • एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर विशेष टीम ने चलाया अभियान
  • वर्षों से रुकी ट्रायल प्रक्रिया को मिली रफ्तार, पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी
  • पुराने मामलों के निष्पादन के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा

धनबाद (Threesocieties.com Desk): वर्षों से थानों की फाइलों में दबे पड़े आपराधिक मामलों को अब नई गति मिल रही है। धनबाद पुलिस ने लंबित मामलों के निष्पादन की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए केवल मई माह के दौरान 1250 पुराने मामलों की चार्जशीट और अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में जमा कर दिया है। इनमें कई ऐसे मामले शामिल हैं जो वर्षों नहीं बल्कि लगभग तीन दशक से लंबित थे।

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जिले के विभिन्न थानों में बड़ी संख्या में ऐसे आपराधिक मामले लंबित थे जिनमें अनुसंधान पूरा होने के बावजूद चार्जशीट या अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में समय पर प्रस्तुत नहीं हो सका था। इसके कारण ट्रायल शुरू नहीं हो पा रहा था और पीड़ित पक्ष वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहा था।इसी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने सभी लंबित मामलों की विशेष समीक्षा कर पुराने मुकदमों के निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया। एसएसपी के निर्देश पर अभियोजन शाखा प्रभारी मुकेश चौधरी, एसआई रजनीकांत समेत कई अधिकारियों की विशेष टीम गठित की गई। अभियान की निगरानी डीएसपी मुख्यालय-2 नाजिर अख्तर को सौंपी गई।

फाइलों की छानबीन में सामने आई कई खामियां

विशेष टीम ने जिले के अलग-अलग थानों में लंबित मामलों की फाइलों की गहन जांच की। समीक्षा में पाया गया कि कई मामलों में अनुसंधान पूरा हो चुका था लेकिन तकनीकी, प्रशासनिक और प्रक्रियागत कारणों से वर्षों तक चार्जशीट न्यायालय में जमा नहीं हो सकी।कुछ मामलों में केस डायरी अधूरी थी, कहीं दस्तावेजों का सत्यापन लंबित था, तो कहीं रिकॉर्ड संकलन की कमी के कारण फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही थीं। टीम ने इन बाधाओं को दूर करते हुए तेजी से मामलों को न्यायालय भेजने की प्रक्रिया शुरू की।

1998 और 1999 के मामलों को भी मिली नई रफ्तार

इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि न्यायालय में जमा किए गए मामलों में कुछ बेहद पुराने मामले भी शामिल हैं। इनमें पुटकी थाना कांड संख्या 06/1998 और झरिया थाना कांड संख्या 86/1999 जैसे लगभग तीन दशक पुराने केस भी शामिल हैं।इन मामलों की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत होने के बाद अब इनकी सुनवाई और ट्रायल प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। इससे लंबे समय से अटकी न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने पर फोकस

एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि समय पर चार्जशीट दाखिल होना न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लंबे समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता देकर न्यायालय भेजा जा रहा है ताकि ट्रायल जल्द शुरू हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ सके।उन्होंने कहा कि मई माह में 1250 मामलों की चार्जशीट या अंतिम प्रतिवेदन जमा होना बड़ी सफलता है, लेकिन अभियान यहीं नहीं रुकेगा।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

धनबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में अन्य पुराने और लंबित मामलों की भी समीक्षा की जाएगी। जिन मामलों में अब तक चार्जशीट या अंतिम प्रतिवेदन जमा नहीं हो पाया है, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र न्यायालय भेजा जाएगा।पुलिस का दावा है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों को कम करना, न्यायिक प्रक्रिया को तेज करना और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करना है। लंबे समय से फाइलों में बंद पड़े मामलों को अचानक मिली इस रफ्तार को धनबाद पुलिस की बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि माना जा रहा है।