झरिया मास्टर प्लान को मिलेगी नई रफ्तार: बेलगारिया में खुलेगी टेक्सटाइल फैक्ट्री, विस्थापित परिवारों को मिलेगा रोजगार
झरिया मास्टर प्लान के तहत बेलगारिया में टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने पर नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। BCCL, कोयला मंत्रालय, धनबाद प्रशासन और उद्योग जगत ने पुनर्वासित परिवारों के रोजगार व सैटेलाइट आधारित निगरानी पर चर्चा की।
HighLights:
- केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक।
- झरिया मास्टर प्लान के तहत पुनर्वासित परिवारों के लिए बेलगारिया में टेक्सटाइल यूनिट स्थापित करने पर चर्चा।
- बैठक में BCCL, कोयला मंत्रालय, धनबाद जिला प्रशासन, आदित्य बिड़ला ग्रुप और राजधानी टेक्सटाइल्स के प्रतिनिधि शामिल।
- विस्थापित परिवारों के लिए स्थायी रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर।
नई दिल्ली(Threesocieties.com Desk): झरिया मास्टर प्लान के तहत पुनर्वासित परिवारों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 17 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में बेलगारिया में टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य झरिया मास्टर प्लान के तहत विस्थापित एवं पुनर्वासित परिवारों के लिए केवल आवास ही नहीं, बल्कि स्थायी आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना था। माना जा रहा है कि यदि यह परियोजना धरातल पर उतरती है तो बेलगारिया पुनर्वास कॉलोनी के हजारों परिवारों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
बैठक में कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त, केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव पंकज जैन, BCCL के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन, आदित्य बिड़ला ग्रुप के ग्रुप प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) के. वी. सुनील तथा राजधानी टेक्सटाइल्स के कार्यकारी निदेशक प्रवेश कोचेता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
रोजगार आधारित पुनर्वास मॉडल पर जोर
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि झरिया मास्टर प्लान केवल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पुनर्वासित परिवारों को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बनाया जाए। इसी सोच के तहत बेलगारिया में टेक्सटाइल निर्माण इकाई स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि टेक्सटाइल यूनिट शुरू होने से स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए भी रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। इससे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
सैटेलाइट तकनीक से होगी संवेदनशील इलाकों की निगरानी
बैठक में नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) के अधिकारियों के साथ भी चर्चा हुई। इसमें झरिया मास्टर प्लान के तहत सैटेलाइट इमेजिंग तकनीक के उपयोग पर विचार किया गया। इस तकनीक की मदद से झरिया के आग प्रभावित और अत्यधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाली आबादी की सटीक मैपिंग की जाएगी। साथ ही, संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी कर पुनर्वास प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं वैज्ञानिक बनाया जाएगा।
BCCL की तकनीक आधारित पुनर्वास रणनीति
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि BCCL झरिया मास्टर प्लान के तहत सस्टेनेबल रिहैबिलिटेशन और टेक्नोलॉजी आधारित प्लानिंग को प्राथमिकता दे रहा है। आधुनिक तकनीक और उद्योग आधारित रोजगार मॉडल के जरिए पुनर्वास को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा।यदि बेलगारिया में प्रस्तावित टेक्सटाइल यूनिट को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो यह झरिया पुनर्वास परियोजना के इतिहास में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। इससे विस्थापित परिवारों को सुरक्षित आवास के साथ स्थायी रोजगार भी मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आने की संभावना है।




