देवघर: 89 साइबर क्रिमिनलों प्रोपर्टी जब्त होगी, जांच शुरु, भेजा जा रहा है नोटिस

देवघर: देवघर जिला में साइबर क्रिमिनलों का एक बड़ा रैके्ट काम कर रहा है. देवघर से साइबर क्राइम बड़ा रैकेट का संचालन किया जा रहा है. जिले में लगभग 200 साइबर क्रिमिनल एक्टिव हैं. मास्टर माइंड युवाओं से ट्रेनिंग देकर तैयार कर उसे 30 से 40 परसेंट कमीशन देकर साइबर क्राइम में उपयोग कर रहे हैं. पुलिस साइबर क्राइम कंटोरल के लिए तेजी से काम कर रही है. देवघर में भी साइबर पुलिस स्टेशन द्वारा दर्जनों साइबर क्रिमिनलों को अरेस्ट कर जेल भेजा गया है. पुलिस ने साइबर क्रिमिनलों पर आ4थिक चोट देने की कार्रवाई शुरु की है. सीओ द्वारा जिले के 12 गांवों के 89 साइबर क्रिमिनलों की प्रोपर्टी जांच करायी जा रही है. नयाखरना के 32, झगराही के 16, गोबरसाला गांव के 07, अलकुसा के 01, जमुवासोल के 01, नवादा के 02, बारा के 03, समलापुर के 05, बसहाटांड के 06, महराजगंज के 02, फुलचुवां के 08 तथा घघरा गांव के 06 क्रिमिनलों की संपत्ति जांच हो रही है. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि साइबर क्रिमिनल जमीन खरीद कर मकान बना रहे है. ट्रैक्टर, स्कॉर्पियो, बेलोरो जैसी अन्य कई महंगी वैकिल व जेसीबी मशीन खरीदा है. साइबर क्राइम का पैसा ईंट भट्टा में भी लगाया गया है. साइबर डीएसपी नेहा बाला की लीडरशीप में घिटत टीम ने 16 जून को फुलचुवां व बरदही गांव से सात साइबर क्रिमिनलों को दबोच जेल भेजी है. क्रिमिनलों के पास से क कई मोबाइल, एटीएम कार्ड, पासबुक समेत अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद की गयी है. फुलचुवां से पकड़ा गया पटु दास शातिर साइबर क्रिमिनल है. पटू के अंदर में फुलचुवां, सगरूबाद, कपसियों, रानीबांध, खरना गांव के लगभग 30 से 40 युवक कमीशन पर साइबर क्राइम में लगे हैं. पिंटु व रोहित नामक साइबर क्रिमिनल ने पांच साल के दौरान लाखों की प्रोपर्टी अर्जित की है.