HighLights:
- JPSC में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का रांची में विशाल विरोध मार्च
- जयपाल सिंह स्टेडियम से अलबर्ट एक्का चौक तक निकाला गया मार्च, कई घंटे जाम
- बारिश के बावजूद छात्रों का प्रदर्शन जारी, निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती की मांग
- संविधान की प्रस्तावना पढ़ी, राष्ट्रगान गाया और आंदोलन जारी रखने का ऐलान।
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी रांची में बुधवार को छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। तेज बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अलबर्ट एक्का चौक तक विशाल विरोध मार्च निकाला और पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सरकार और आयोगों के खिलाफ नारेबाजी की। कई घंटे तक चले आंदोलन के कारण राजधानी के प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। अलबर्ट एक्का चौक, मेन रोड और आसपास के इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। जाम में एंबुलेंस सहित कई जरूरी वाहन भी फंस गए, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने मांग की कि सभी आरोपों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। छात्रों ने कहा कि जब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त नहीं बनती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
बारिश भी नहीं तोड़ सकी छात्रों का हौसला
बुधवार को रांची में हुई तेज बारिश भी प्रदर्शनकारियों का हौसला नहीं तोड़ सकी। हाथों में तिरंगा और बैनर लेकर छात्र सड़क पर डटे रहे। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई उनके भविष्य, रोजगार और झारखंड के युवाओं के अधिकारों की है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।
संविधान की प्रस्तावना पढ़ी, राष्ट्रगान गाकर दर्ज कराया विरोध
अलबर्ट एक्का चौक पहुंचने के बाद छात्रों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया और इसके बाद राष्ट्रगान गाया। छात्रों ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है तथा संविधान में दिए गए अधिकारों के तहत वे अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
राजनीतिक दखल पर जताई नाराजगी
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने के दौरान छात्रों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह छात्र हितों से जुड़ा है और इसे किसी भी राजनीतिक दल का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो के पहुंचने पर कुछ छात्रों ने विरोध भी जताया। आंदोलनकारियों ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को उनके संघर्ष का श्रेय लेने या राजनीतिक लाभ उठाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सरकार से तत्काल संवाद की मांग
छात्रों ने झारखंड सरकार से तत्काल वार्ता शुरू करने की मांग की। उनका कहना है कि सरकार को आंदोलन को नजरअंदाज करने के बजाय अभ्यर्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन पूरे राज्य में और व्यापक किया जाएगा।
परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
छात्रों ने JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा अधिसूचना के साथ पूरी प्रक्रिया स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने आयोगों से अभ्यर्थियों की शिकायतें सुनने और जवाबदेही तय करने की मांग की।
धरना जारी रखने का ऐलान
अलबर्ट एक्का चौक पर प्रदर्शन समाप्त होने के बाद छात्र वापस जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने दोहराया कि जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती और भर्ती प्रक्रिया में सुधार नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।