Dhanbad: झरिया से कतरास तक BCCL में कोयला चोरी! बंद खदानों में CCTV ने खोला राज
धनबाद में कांटापहाड़ी, धनसार और कन्वेयर क्षेत्र की बंद खदानों में कोयला चोरी की संदिग्ध गतिविधियां CCTV में कैद हुई हैं। बोरी लेकर जाते लोग और हाइवा में लोडिंग जैसी तस्वीरें सामने आईं।
HighLights:
- झरिया से कतरास तक बंद खदान क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियां
- कांटापहाड़ी में बोरी लेकर जाते दिखे कई लोग
- कन्वेयर क्षेत्र में हाइवा में कोयला लोडिंग जैसी गतिविधि CCTV में कैद
- बंद खदानों की सुरक्षा और निगरानी पर उठे सवाल
धनबाद (Threesocieties.com Desk): बीसीसीएल के बाघमारा, कतरास और झरिया कोयलांचल क्षेत्र में बंद व प्रतिबंधित खदान क्षेत्रों से कोयला निकासी की संदिग्ध गतिविधियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांटापहाड़ी, धनसार व्यू प्वाइंट और कन्वेयर क्षेत्र में लगे बीसीसीएल के पीटीजेड कैमरों में ऐसी कई गतिविधियां कैद हुई हैं, जिनमें लोग बोरी लेकर जाते और कोयला लोडिंग जैसी गतिविधियां करते दिखाई दे रहे हैं।
तीन और पांच अक्टूबर को कैद हुए सीसीटीवी फुटेज में अलग-अलग स्थानों पर लोगों की आवाजाही नजर आई। कुछ फुटेज में लोग बोरी लेकर खदान क्षेत्र की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि कन्वेयर क्षेत्र में हाइवा में कोयला लोडिंग जैसी गतिविधियां भी कैमरे में कैद हुई हैं। हालांकि, इन गतिविधियों के अवैध होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में फुटेज के आधार पर बीसीसीएल प्रबंधन, सीआईएसएफ और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की जांच जरूरी है।
कांटापहाड़ी में बंद खदान क्षेत्र के पास दिखे लोग
तीन अक्टूबर को दोपहर करीब 2:13 बजे कांटापहाड़ी टावर के कैमरे में बंद खदान क्षेत्र के आसपास कई लोगों की आवाजाही दिखाई दी। ओसीपी के समीप अलग-अलग स्थानों पर लोग नजर आए। कुछ लोगों के पास बोरी भी दिखाई दी और वे पहाड़ी की तरफ जाते दिखे। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि लोग बंद खदान क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे। यदि यहां से कोयला निकासी हो रही है तो यह सुरक्षा के साथ-साथ बंद खदानों की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है।
कन्वेयर क्षेत्र में हाइवा और बोरियों के साथ दिखे लोग
कन्वेयर क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज में भी तीन अक्टूबर को संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। कन्वेयर बेल्ट के समीप हाइवा में कोयला लोडिंग जैसी गतिविधि कैमरे में कैद हुई है। फुटेज में दो हाइवा दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा आसपास महिला और पुरुष बोरियों में कोयला बीनते हुए नजर आए। हालांकि, फुटेज में दिखाई दे रही लोडिंग वैध परिवहन या अवैध कोयला निकासी से जुड़ी है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इसके लिए बीसीसीएल को संबंधित समय के वाहन रिकॉर्ड, ड्यूटी तैनाती और कोयला परिवहन से जुड़े दस्तावेजों का मिलान करना होगा।
धनसार व्यू प्वाइंट में बोरा लेकर भागता दिखा व्यक्ति
धनसार व्यू प्वाइंट के सी-1 कैमरे में पांच अक्टूबर को सुबह करीब 11:44 बजे संदिग्ध गतिविधियां कैद हुईं। करीब 24 सेकंड के अंतर पर सामने आए दो फुटेज में एक व्यक्ति सिर पर बोरा लेकर भागता हुआ दिखाई दिया। इसी फुटेज में गड्ढे के अंदर करीब छह-सात लोगों की गतिविधियां भी नजर आती हैं। बंद खदान क्षेत्र में इस तरह लोगों की मौजूदगी कई सवाल खड़े करती है। यदि ये लोग कोयला निकालने के लिए गड्ढे में उतर रहे थे तो यह बेहद जोखिम भरा है।
बंद खदान में उतरना जानलेवा हो सकता है
बंद और परित्यक्त खदान क्षेत्रों में धंसान, जहरीली गैस, अचानक जमीन धंसने और अन्य खतरों की आशंका रहती है। ऐसे क्षेत्रों में अवैध तरीके से प्रवेश करने वाले लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है। इसके बावजूद यदि इन क्षेत्रों में लगातार लोगों की आवाजाही हो रही है तो सुरक्षा निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है। खासकर सीसीटीवी में गतिविधियां सामने आने के बाद संबंधित एजेंसियों को मौके पर जांच करनी चाहिए।
लंबे समय से गतिविधियां चलने का स्थानीय लोगों का दावा
स्थानीय लोगों का दावा है कि कोयलांचल के कुछ बंद और प्रतिबंधित खदान क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद अब यह जांच का विषय है कि कैमरे में दिखाई दे रही गतिविधियां वास्तव में किससे जुड़ी हैं और वहां मौजूद लोगों को किस उद्देश्य से प्रवेश की अनुमति थी।
जांच से सामने आ सकता है पूरा नेटवर्क
मामले की निष्पक्ष जांच के लिए बीसीसीएल प्रबंधन को संबंधित कैमरों की पूरी रिकॉर्डिंग सुरक्षित कर उसकी जांच करनी चाहिए। साथ ही फुटेज में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान, हाइवा के नंबर, खदान क्षेत्र में प्रवेश-निकास के रास्ते और उस समय ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों की जानकारी भी जुटाई जा सकती है। यदि कोयले की अवैध निकासी की पुष्टि होती है तो यह केवल चोरी का मामला नहीं रहेगा, बल्कि बंद खदानों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा।
नोट: उपलब्ध फुटेज के आधार पर गतिविधियों को संदिग्ध बताया जा रहा है। कोयला चोरी की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही मानी जानी चाहिए।
Threesocieties News Desk 



