Dhanbad: DC के जनता दरबार में 100 से अधिक फरियादी, एक सप्ताह में निपटेंगे कई मामले
धनबाद जनता दरबार में 100 से अधिक फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं। DC आदित्य रंजन ने जमीन, पेंशन, राशन कार्ड समेत कई मामलों के त्वरित निपटारे का निर्देश दिया।
HighLights:
- धनबाद में उपायुक्त आदित्य रंजन ने लगाया जनता दरबार
- 100 से अधिक फरियादियों ने रखीं अपनी समस्याएं और शिकायतें
- जमीन कब्जा, दोहरी जमाबंदी, राशन कार्ड और सड़क निर्माण से जुड़े मामले आए
- मृत्यु प्रमाण पत्र, दिव्यांग पेंशन और पारिवारिक पेंशन के मामलों पर प्राथमिकता
धनबाद (Threesocieties.com Desk): आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासन तक उनकी सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री आदित्य रंजन ने जनता दरबार का आयोजन किया। जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचे। इस दौरान 100 से अधिक फरियादियों ने अपनी-अपनी समस्याओं से उपायुक्त को अवगत कराया।

उपायुक्त ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित पदाधिकारियों को उनके त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।
जमीन कब्जा से राशन कार्ड तक पहुंचे मामले
जनता दरबार में भू-माफिया द्वारा जबरन जमीन पर कब्जा, जमीन हड़पने, दोहरी जमाबंदी में सुधार, राशन कार्ड से संबंधित समस्याएं, भू-माफियाओं द्वारा जमीन के अतिक्रमण, सड़क निर्माण में अनियमितता तथा जालसाजी के जरिए पुश्तैनी जमीन की कथित अवैध बिक्री जैसे मामले सामने आए। फरियादियों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए। उपायुक्त ने संबंधित विभाग एवं अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा लंबित मामलों का जल्द निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मृत्यु प्रमाण पत्र और पेंशन के मामलों को प्राथमिकता
जनता दरबार में बीमा राशि के भुगतान के लिए लंबित मृत्यु प्रमाण पत्र, दिव्यांग पेंशन, वर्षों से लंबित पारिवारिक पेंशन तथा राशन कार्ड में संशोधन एवं त्रुटि सुधार से जुड़े मामले भी सामने आए। उपायुक्त ने ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर अलग कर उसी दिन अथवा अगले जनता दरबार से पहले हर हाल में निष्पादित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता से जुड़े ऐसे मामलों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। प्रशासन का प्रयास है कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ समय पर मिले।
गंभीर बीमारी के मरीजों को भी मिलेगी सहायता
जनता दरबार में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों से जुड़े मामले भी सामने आए। ऐसे मरीजों को मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत चिकित्सा सहायता का लाभ दिलाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित विभागों को मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है।
भूमि विवाद और पुलिस मामलों की भी होगी मॉनिटरिंग
जनता दरबार में ऐसे कई मामले भी आए, जिनमें भूमि विवाद, पुलिस प्राथमिकी, जांच और आपसी विवाद शामिल हैं। इन मामलों में विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों को विशेष मॉनिटरिंग डैशबोर्ड के माध्यम से ट्रैक किया जा रहा है। उपायुक्त ने संबंधित अंचल एवं पुलिस अधिकारियों को मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
सप्ताह के छह दिन भी सुनी जा रही जनता की समस्याएं
उपायुक्त ने कहा कि जनता दरबार के निर्धारित दिन के अलावा भी सप्ताह के अन्य छह दिनों में जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक और अंचल स्तर पर भी व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है, ताकि लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय का बार-बार चक्कर नहीं लगाना पड़े। प्रशासन का उद्देश्य है कि लोगों को उनके उचित हक और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले। इसके साथ ही शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके समयबद्ध निष्पादन और फॉलोअप की भी नियमित निगरानी की जाए। इससे आम लोगों का प्रशासन और सरकार की कार्यशैली पर विश्वास और मजबूत होगा।
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