धनबाद: कतरास-महुदा में कथित अवैध कोयला खनन !, CISF DIG से शिकायत; कई नाम उजागर
धनबाद के कतरास-महुदा इलाके में कथित अवैध कोयला खनन और परिवहन की शिकायत CISF DIG से की गई है। शिकायत में कई नाम और कथित डिपो का उल्लेख है।
HighLights:
- कतरास-महुदा से चंद्रपुरा तक कथित अवैध कोयला खनन और परिवहन की शिकायत
- CISF DIG को भेजे पत्र में कई लोगों के नाम और कथित ठिकानों का उल्लेख
- जमुनिया नदी, ब्लॉक-2, कांको जोगता और मुरलीडीह का जिक्र
- शिकायत में चंदन, एनामुल, असित, डब्ल्यू, बाबर, बबलू, मुन्ना, हरेंद्र, चुनमुन और विश्वजीत के नाम
- लोदना में बिट्टू व छोटू की जोड़ी निकाल रहा है चिकचिकिया कोयला
धनबाद (Threesocieties.com Desk): बीसीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों में कथित अवैध कोयला खनन, परिवहन और अवैध डिपो संचालन को लेकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के उप महानिरीक्षक से शिकायत की गई है। महुदा बाजार निवासी एक व्यक्ति ने CISF DIG को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराने और कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में कतरास से लेकर महुदा, जोगता, रामकनाली, नागदा, भटडीह और मुरलीडीह तक कई इलाकों में अवैध उत्खनन और कोयला परिवहन किए जाने का आरोप लगाया गया है। पत्र में कुछ लोगों के नाम भी दिए गए हैं। इनमें चंदन, एनामुल, असित, डब्ल्यू, बाबर, बबलू, मुन्ना, हरेंद्र, चुनमुन और विश्वजीत के नाम शामिल हैं।
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि नामित लोगों में कई पुराने कोयला कारोबार से जुड़े रहे हैं और कुछ के खिलाफ पूर्व में जांच एजेंसियों की कार्रवाई भी हो चुकी है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित लोगों का पक्ष सामने आना बाकी है। वहीं दूसरी ओर झरिया के लोदना व आसपास एरिया में बिट्टू व छोटू की जोड़ी चिकचिकिया कोयला निकाल रहा है। यहां से प्रतिदिन छह-सास ट्रक इलिगल कोल माइनिंग का को.ला निकल रहा है। बिच्चू व छोटू का एक साल से इलिगल कोल का कारोबार चल रहा है। बिच्चू के लाइजनिंग का काम छोटू ही देखता है।
जमुनिया नदी के दोनों ओर अवैध खनन का आरोप
शिकायत के मुताबिक जमुनिया नदी के दोनों ओर, बाघमारा थाना क्षेत्र और बोकारो झरिया ओपी क्षेत्र में कथित रूप से अवैध खनन एवं कोयला परिवहन चल रहा है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि ब्लॉक-2 ओपन कास्ट परियोजना क्षेत्र से निकाले गए कोयले को जमुनिया नदी के पुल के रास्ते दामोदा होते हुए टी-मोड़ और अन्य स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमुनिया पुल, दामोदा, पटना गैराज और टी-मोड़ के आसपास CISF की प्रभावी व्यवस्था नहीं होने का कथित रूप से फायदा उठाकर अवैध कोयला परिवहन किया जा रहा है। पत्र में ब्लॉक-2 क्षेत्र में एनामुल, बबलू, असित और मुन्ना के सक्रिय होने का आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कांको मोड़ के पास रात में कोयला गिराने का आरोप
शिकायत में कांको मोड़ के समीप संचालित एक सॉफ्ट कोक भट्ठे को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्र के अनुसार रात करीब 11 बजे से सुबह 4 बजे तक साइकिल, मोटरसाइकिल, पिकअप और टाटा मैजिक जैसे वाहनों से कथित रूप से कोयला पहुंचाया जाता है।शिकायत में इस कथित डिपो को चंदन बोकारो द्वारा संचालित किए जाने का आरोप लगाया गया है।
वहीं, कांको हिल स्कूल से आगे पुल के बाद एनामुल द्वारा करीब एक सप्ताह से कथित अवैध डिपो संचालित किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। हरेंद्र और चुनमुन द्वारा कथित अवैध उत्खनन कराए जाने का आरोप लगाया है। वहीं जोगता थाना क्षेत्र में एनामुल, बाबर और डब्ल्यू पर पिकअप वाहनों के जरिए कथित रूप से कोयला उठाकर जीटी रोड के आसपास संचालित अवैध भट्ठों तक पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नागदा-भटडीह और मुरलीडीह में भी खनन का आरोप
शिकायत में नागदा, भटडीह और मुरलीडीह क्षेत्रों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार इन इलाकों में कथित रूप से अवैध खनन फिर सक्रिय हुआ है और वहां से प्रतिदिन कई ट्रकों में कोयला निकाले जाने का आरोप है। पत्र में दावा किया गया है कि अरविंद, पवन, एनामुल और विश्वजीत की टीम कथित रूप से जेसीबी मशीन और डीजल पंप लगाकर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन कर रही है। शिकायत में स्थानीय स्तर पर कुछ पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों की कथित मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पहले भी विधानसभा में उठ चुका है मामला: शिकायतकर्ता
शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में दावा किया है कि इस क्षेत्र में अवैध कोयला खनन से जुड़ा मामला पूर्व में भी विधानसभा में उठाया जा चुका है। पत्र में जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इस शिकायत में किए गए दावों और पूर्व में विधानसभा में उठाए गए मामले के बीच संबंध की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के स्तर पर नहीं की गई है।
CISF की भूमिका पर भी उठाए सवाल
शिकायत का सबसे गंभीर पहलू CISF की कथित भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कुछ इलाकों में CISF व्यवस्था का कथित रूप से फायदा उठाकर अवैध कोयला खनन और परिवहन किया जा रहा है। पत्र में पूरे मामले की जांच CISF के वरिष्ठ अधिकारियों से कराने की मांग की गई है। साथ ही कथित अवैध खनन स्थलों, डिपो और परिवहन मार्गों की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि बीसीसीएल के सुरक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों के साथ कथित सांठगांठ के बाद कुछ क्षेत्रों में कोयला तस्करी सक्रिय हुई है। यह आरोप भी शिकायतकर्ता के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अब कार्रवाई पर नजर
CISF DIG को भेजी गई शिकायत के बाद अब निगाह इस बात पर है कि मामले में विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई होती है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच शुरू होती है तो कथित अवैध खनन स्थलों, कोयला परिवहन के रास्तों, डिपो और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल इस पूरे मामले में शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। नामित व्यक्तियों, CISF और बीसीसीएल के संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
Threesocieties.com इस मामले में संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
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