धनबाद की 12 हजार बेटियां सीखेंगी आत्मरक्षा, 100 स्कूलों में ट्रेनिंग का MoU

धनबाद के 100 सरकारी स्कूलों में करीब 12 हजार छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण मिलेगा। 50 स्कूलों में ताइक्वांडो और 50 में कराटे की ट्रेनिंग होगी।

धनबाद की 12 हजार बेटियां सीखेंगी आत्मरक्षा, 100 स्कूलों में ट्रेनिंग का MoU
धनबाद के 100 स्कूलों में आत्मरक्षा ट्रेनिंग।

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      HighLights:

  • धनबाद के 100 सरकारी विद्यालयों में बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जाएगा
  • प्रशिक्षण से करीब 12,000 छात्राएं लाभान्वित होंगी
  • 50 मध्य विद्यालयों में ताइक्वांडो और 50 उच्च विद्यालयों में कराटे प्रशिक्षण होगा
  • डीसी आदित्य रंजन की मौजूदगी में प्रशिक्षण को लेकर MoU/सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए

धनबाद (Threesocieties.com Desk): जिले की बेटियों को आत्मनिर्भर और आत्मरक्षा के प्रति सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की मौजूदगी में बालिकाओं के लिए संचालित होने वाले रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम से संबंधित सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश के तहत जिले के सरकारी विद्यालयों में बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत 100 सरकारी विद्यालयों में प्रशिक्षण संचालित किया जाएगा। इनमें 50 मध्य विद्यालय और 50 उच्च विद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा 16 पीएम श्री विद्यालय/बालिका विद्यालयों में भी आत्मरक्षा प्रशिक्षण संचालित किया जाना है।

50 स्कूलों में ताइक्वांडो, 50 में कराटे की ट्रेनिंग

कार्यक्रम के तहत मध्य विद्यालय की छात्राओं के लिए ताइक्वांडो तथा उच्च विद्यालय की छात्राओं के लिए कराटे का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के क्रियान्वयन को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा तथा संबंधित प्रशिक्षण संघों के सचिवों ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।

इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को केवल शारीरिक रूप से सक्षम बनाना ही नहीं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और विपरीत परिस्थितियों से निपटने की क्षमता विकसित करना भी है।

करीब 12 हजार छात्राओं को मिलेगा लाभ

आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम से जिले की लगभग 12,000 छात्राओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। प्रशिक्षण को तीन महीने तक संचालित किया जाएगा। प्रत्येक महीने 12 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। हर सत्र की अवधि दो घंटे होगी। इस तरह छात्राओं को नियमित रूप से आत्मरक्षा की तकनीकों का अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद संबंधित संस्था की ओर से छात्राओं को अनुभव प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।

समय पर और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का निर्देश

MoU पर हस्ताक्षर के दौरान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने अधिकारियों एवं संबंधित प्रशिक्षण संस्थाओं को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को निर्धारित समय के अनुसार और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य अधिक से अधिक छात्राओं को इसका लाभ पहुंचाना है। इसलिए स्कूलों में प्रशिक्षण के संचालन, नियमित सत्र और छात्राओं की सहभागिता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि कार्यक्रम का अपेक्षित लाभ छात्राओं को मिल सके।

प्रशिक्षण से छात्राओं में बढ़ेगा आत्मविश्वास

रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को आपात स्थिति में स्वयं की सुरक्षा के लिए जरूरी तकनीकों की जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। स्कूल स्तर पर इस तरह के प्रशिक्षण से छात्राओं में आत्मविश्वास और सजगता बढ़ाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के तहत ताइक्वांडो और कराटे जैसे मार्शल आर्ट्स के माध्यम से छात्राओं को नियमित अभ्यास कराया जाएगा। तीन महीने की अवधि में होने वाले प्रशिक्षण सत्रों के जरिए उन्हें आत्मरक्षा से जुड़ी तकनीकों को समझने और उनका अभ्यास करने का अवसर मिलेगा।

ये अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद

इस अवसर पर प्रभाग प्रभारी डॉ. मीतू सिन्हा, धनबाद जिला ओलंपिक संघ के प्रतिनिधि पवन कुमार बरनवाल, कराटे संघ की सचिव पेमोला देवी तथा ताइक्वांडो संघ के सचिव कमलेश पांडे उपस्थित रहे।