बिहार: 'सुल्तानगंज नहीं, अब लिखिए अजगैवीनाथ धाम' : श्रावणी मेले के उद्घाटन पर CM सम्राट की बड़ी अपील

Shravani Mela 2026 के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुल्तानगंज को 'अजगैवीनाथ धाम' के नाम से पहचान देने की अपील की। हरिद्वार मॉडल पर घाट विकास, रोपवे, एयरपोर्ट, गंगा पथ, फोरलेन सड़क, मोबाइल ऐप और पर्यटन परियोजनाओं समेत कई बड़ी घोषणाएं की गईं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

बिहार: 'सुल्तानगंज नहीं, अब लिखिए अजगैवीनाथ धाम' : श्रावणी मेले के उद्घाटन पर CM सम्राट की बड़ी अपील
एयरपोर्ट से रोपवे तक विकास की मिली सौगात।

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     HighLights:

  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने श्रावणी मेला 2026 का किया भव्य उद्घाटन।
  • सुल्तानगंज को 'अजगैवीनाथ धाम' नाम से पहचान देने की लोगों से की अपील
  • अजगैवीनाथ धाम से अगुवानी घाट तक रोपवे और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट का ऐलान
  • 'श्रावणी मेला 2026' मोबाइल ऐप लॉन्च, श्रद्धालुओं को मिलेगा लाइव दर्शन और डिजिटल सुविधाएं।

भागलपुर (Threesocieties.com Desk):  विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के शुभारंभ अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने धार्मिक आस्था, पर्यटन और विकास को एक साथ जोड़ते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अब सुल्तानगंज को 'अजगैवीनाथ धाम' के नाम से लिखना शुरू करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब जनता इस नाम को अपनाएगी तो प्रशासन भी स्वतः इसी नाम का प्रयोग करने लगेगा।

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मुख्यमंत्री ने बाबा अजगैवीनाथ के चरणों में नमन करते हुए बिहार की समृद्धि और सुख-शांति की कामना की। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि बिहार की सांस्कृतिक पहचान और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का महापर्व है।

'जनता बदलेगी नाम, प्रशासन भी अपनाएगा'

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुल्तानगंज बाबा अजगैवीनाथ की नगरी है और इसे उसी पहचान से जाना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नाम बदलने के लिए किसी सरकारी आदेश का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। लोग अभी से अपने पत्रों, सोशल मीडिया और दैनिक जीवन में अजगैवीनाथ धाम लिखना शुरू करें। उन्होंने कहा कि जब समाज इस नाम को स्वीकार कर लेगा तो सरकारी दस्तावेजों और प्रशासनिक व्यवस्था में भी यही नाम स्वतः स्थापित हो जाएगा।

श्रद्धालुओं की सेवा सबसे बड़ी परंपरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि भागलपुर, मुंगेर और बांका के लोग पूरे वर्ष सावन महीने का इंतजार करते हैं ताकि देश-दुनिया से आने वाले कांवरियों की सेवा कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्थाएं अपनी जगह हैं, लेकिन इस क्षेत्र के लोगों की सेवा भावना ही इस मेले की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, पर्यटन, पथ निर्माण, जल संसाधन, पीएचईडी सहित सभी विभागों की टीमें मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।

नेपाल से श्रीलंका तक आते हैं श्रद्धालु

मुख्यमंत्री ने कहा कि बचपन से वह देखते आए हैं कि नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका सहित कई देशों से श्रद्धालु अजगैवीनाथ धाम पहुंचते हैं। यहां से उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर लगभग 100 किलोमीटर पैदल यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं।उन्होंने कांवर यात्रा को सामाजिक समानता का सबसे बड़ा उदाहरण बताते हुए कहा कि लाखों लोग एक जैसे वस्त्र पहनकर एक ही उद्देश्य के साथ पैदल यात्रा करते हैं। यह भारतीय संस्कृति की अद्भुत मिसाल है।

हरिद्वार की तर्ज पर विकसित होगा उत्तरवाहिनी गंगा क्षेत्र

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तरवाहिनी गंगा के दोनों किनारों को हरिद्वार की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। घाटों का सौंदर्यीकरण, तटबंध, सड़क, प्रकाश व्यवस्था और पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुंगेर से भागलपुर तक लगभग 83 किलोमीटर लंबा गंगा पथ विकसित करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

रोपवे, एयरपोर्ट और फोरलेन सड़क का ऐलान

सम्राट चौधरी ने कहा कि आने वाले वर्षों में अजगैवीनाथ धाम से अगुवानी घाट तक रोपवे बनाया जाएगा। साथ ही इस क्षेत्र में दो रनवे वाला अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट विकसित करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि बरसात समाप्त होते ही अजगैवीनाथ धाम से देवघर तक फोरलेन सड़क निर्माण शुरू होगा। इसके अलावा तारापुर-असरगंज होकर देवघर तक वैकल्पिक सड़क मार्ग विकसित किया जाएगा।

2027 तक पूरा होगा अगुवानी-सुल्तानगंज पुल

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण एजेंसी ने लिखित रूप से भरोसा दिया है कि 31 दिसंबर 2027 से पहले अगुवानी-सुल्तानगंज गंगा पुल का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुल का सुपर स्ट्रक्चर पूरी तरह बदला जा रहा है और यह परियोजना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

डॉल्फिन पर्यटन और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा में मिलने वाली डॉल्फिन को पर्यटन का बड़ा आकर्षण बनाया जाएगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक डॉल्फिन देखने का आनंद उठा सकें, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पूरे क्षेत्र को भविष्य में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। विक्रमशिला और अंग के नाम पर नई टाउनशिप बसाने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है।

शिक्षा और रोजगार पर भी फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं थे, वहां कॉलेज खोले जा रहे हैं। वहीं 551 स्थानों पर मॉडल स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं, जहां विद्यार्थियों को NEET और JEE जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाइव क्लास की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में बिहार में एक करोड़ रोजगार के अवसर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

श्रद्धालुओं के लिए लॉन्च हुआ 'श्रावणी मेला 2026' ऐप

श्रावणी मेला 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री ने 'श्रावणी मेला 2026' मोबाइल ऐप का शुभारंभ भी किया। भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बताया कि यह ऐप जिला प्रशासन और भागलपुर ट्रिपल आईटी के सहयोग से तैयार किया गया है। इस ऐप के माध्यम से श्रद्धालुओं को लाइव दर्शन, मेला मार्ग, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा सहायता, पार्किंग, आपातकालीन संपर्क और अन्य आवश्यक जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।

जनप्रतिनिधियों ने भी रखीं मांगें

समारोह में सुल्तानगंज विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, गंगाजल आधारित सिंचाई परियोजना और क्षेत्र के विकास से जुड़े कई प्रस्ताव मुख्यमंत्री को सौंपे। भागलपुर सांसद अजय कुमार मंडल और बांका सांसद गिरधारी प्रसाद यादव ने भी क्षेत्र के विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करने की मांग रखी।

'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से गूंजा परिसर

समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने देशभर से आए श्रद्धालुओं का स्वागत किया और कहा कि सरकार अजगैवीनाथ धाम को विश्वस्तरीय धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उनके संबोधन के बाद पूरा परिसर 'हर-हर महादेव', 'बाबा अजगैवीनाथ की जय' और 'बोल बम' के जयघोष से गूंज उठा।