धनबाद के छाताबाद में फिर बना गोफ, देखते ही देखते तालाब का पानी जमीन में समाया
धनबाद के कतरास छाताबाद काजू बगान में फिर गोफ बनने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते तालाब का पूरा पानी जमीन में समा गया। लगातार भू-धंसान से हजारों लोग दहशत में हैं।
HighLights:
- छाताबाद काजू बगान में फिर बना गोफ,तालाब का पूरा पानी जमीन के अंदर समाया
- कुछ दिन पहले भी इसी इलाके में बना था गोफ, BCCL ने पहले गोफ की कराई थी भराई
- 7 जुलाई और 7 अगस्त को भी हुई थी भू-धंसान की घटनाएं, करीब दो दर्जन घर क्षतिग्रस्त होने की बात
- हजारों ग्रामीणों में बड़े हादसे की आशंका,भू-गर्भीय जांच और स्थायी सुरक्षा की मांग
धनबाद (Threesocieties.com Desk): कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद काजू बगान में शनिवार को एक बार फिर जमीन में गोफ बनने से इलाके में हड़कंप मच गया। सबसे चिंताजनक स्थिति उस समय सामने आई, जब देखते ही देखते तालाब का पूरा पानी जमीन के अंदर समा गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाएं किसी बड़े हादसे का संकेत हो सकती हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, छाताबाद काजू बगान इलाके में कुछ दिन पहले भी इसी तरह गोफ बना था। उस समय भी तालाब का पानी अचानक जमीन के अंदर समा गया था। घटना के बाद संबंधित एजेंसी BCCL की ओर से गोफ की भराई कराई गई थी। इसके बावजूद उसी इलाके में दोबारा गोफ बनने से सुरक्षा व्यवस्था और किए गए स्थायी इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बार-बार गोफ बनने से बढ़ी ग्रामीणों की चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि छाताबाद और आसपास के इलाकों में लंबे समय से भू-धंसान की घटनाएं सामने आती रही हैं। जमीन के अंदर लगातार हलचल और अचानक गोफ बनने की घटनाओं से लोगों के बीच भय का माहौल है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है। यहां बड़ी संख्या में परिवार रहते हैं। ऐसे में यदि अचानक जमीन का बड़ा हिस्सा धंसता है तो जान-माल के नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ गोफ की भराई कर देना स्थायी समाधान नहीं है। जब एक ही स्थान पर बार-बार जमीन धंस रही हो, तो इसकी वास्तविक वजह की वैज्ञानिक और भू-गर्भीय जांच जरूरी है।
7 जुलाई और 7 अगस्त को भी हुई थी भू-धंसान की घटना
छाताबाद में भू-धंसान का खतरा नया नहीं है। बताया जा रहा है कि इससे पहले 7 जुलाई और 7 अगस्त को भी इलाके में भू-धंसान की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं में करीब दो दर्जन घर क्षतिग्रस्त हुए थे। भू-धंसान की घटनाओं के कारण कई परिवारों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगह जाने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इसके बाद भी क्षेत्र में लगातार जमीन धंसने की घटनाएं सामने आने से स्थानीय लोगों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है।
तालाब का पानी जमीन में समाने से बढ़ा खतरा
शनिवार को गोफ बनने के बाद तालाब का पूरा पानी अचानक जमीन के अंदर समा जाना लोगों के लिए सबसे अधिक चिंता का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी का इस तरह तेजी से जमीन के अंदर चले जाना इलाके की भूमिगत स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों का सवाल है कि आखिर छाताबाद की जमीन के नीचे ऐसा क्या हो रहा है, जिसके कारण बार-बार गोफ और भू-धंसान की घटनाएं सामने आ रही हैं?
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांगी स्थायी सुरक्षा
ग्रामीणों ने प्रशासन, BCCL और संबंधित विभागों से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल गोफ की भराई करने से समस्या खत्म नहीं होगी। पूरे संवेदनशील इलाके की भू-गर्भीय स्थिति की जांच कराई जानी चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि जहां-जहां भू-धंसान का खतरा है, वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर लोगों की सुरक्षा के लिए स्थायी योजना बनाई जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय अभी से प्रभावी कदम उठाना चाहिए। खासकर घनी आबादी वाले इलाकों में जमीन के नीचे की स्थिति की जांच और संभावित जोखिम वाले परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत है। छाताबाद में दोबारा गोफ बनने और तालाब का पूरा पानी जमीन में समा जाने की घटना ने एक बार फिर धनबाद के कोयलांचल क्षेत्रों में भू-धंसान के खतरे को सामने ला दिया है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और BCCL की अगली कार्रवाई पर है।
Threesocieties News Desk 



