यमुना एक्सप्रेसवे पर AC स्लीपर बस में भीषण आग, 9 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत

ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में भीषण आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। 20 से अधिक यात्रियों ने कूदकर जान बचाई। पढ़ें हादसे की पूरी जानकारी।

यमुना एक्सप्रेसवे पर AC स्लीपर बस में भीषण आग, 9 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत
स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 यात्री जिंदा जले।

Advertisement

     HighLights:

  • यमुना एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर स्लीपर बस में लगी भीषण आग
  • बस में करीब 35 यात्री सवार बताए गए, 9 यात्रियों की मौत
  • मृतकों में 8 पुरुष और एक महिला शामिल
  • 20 से अधिक यात्रियों ने बस से कूदकर बचाई जान

लखनऊ (Threesocieties.com Desk): यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में डबल डेकर स्लीपर बस आग का गोला बन गई। एयरपोर्ट इंटरचेंज के पास दयानतपुर गांव के नजदीक हुए इस हादसे में बस के अंदर फंसे नौ यात्रियों की जलकर मौत हो गई। मृतकों में आठ पुरुष और एक महिला शामिल बताए गए हैं। हादसे में कई अन्य यात्रियों के घायल होने की सूचना है।

बताया गया कि राज कल्पना ट्रेवल्स की निजी स्लीपर AC बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। बस में करीब 35 यात्री सवार थे। रात में एयरपोर्ट इंटरचेंज के पास चालक को बस के इंजन की तरफ आग लगने का पता चला। चालक ने बस को एक्सप्रेसवे के किनारे खड़ा किया और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया।

आग फैलते ही मची अफरा-तफरी

आग तेजी से फैलने के बाद चालक और परिचालक ने यात्रियों को बाहर निकलने के लिए आवाज लगाई। बस में अचानक अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। 20 से अधिक यात्रियों के बस से कूदकर सुरक्षित निकलने की बात सामने आई है। हालांकि, आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ यात्री बस के अंदर ही फंस गए। आग बुझने के बाद रेस्क्यू टीम ने जब बस के अंदर तलाशी ली तो नौ लोग मृत मिले।

पांच घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग और यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची। बस पूरी तरह आग की लपटों से घिरी हुई थी। आग बुझाने के बाद भी बस और उसके अंदर रखा सामान काफी देर तक सुलगता रहा। बस के अंदर फंसे शवों को निकालने के लिए करीब पांच घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। सुरक्षा टीमों ने बस की बॉडी को अलग-अलग स्थानों से काटकर शवों को बाहर निकाला। शवों और मिले अवशेषों को कैलाश अस्पताल भेजा गया।

शवों की पहचान करना भी चुनौती

आग इतनी भीषण थी कि मृतकों के शव बुरी तरह जल गए। घटनास्थल पर शवों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस अब बस की टिकट बुकिंग डिटेल के आधार पर यात्रियों की जानकारी जुटा रही है और उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। मृतकों की पहचान की पुष्टि के लिए परिजनों के DNA नमूने लिए जाने और शवों से उनका मिलान कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

प्रारंभिक जांच में AC में स्पार्क की बात

मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बस के AC में स्पार्क/ब्लास्ट के बाद इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल में आग लगने और उसके तेजी से फैलने की बात सामने आई है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक जांच जारी है।प्रत्यक्षदर्शियों ने आग के दौरान बस से पटाखे जैसे फटने की आवाज आने की भी बात कही है।

चालक और परिचालक हिरासत में

पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बस के चालक और परिचालक को हिरासत में लिया है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों, बस की तकनीकी स्थिति और आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।

सुरक्षा के लिए कुछ देर रोका गया यातायात

आग की भयावहता को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर जेवर टोल और एयरपोर्ट इंटरचेंज पर करीब 30 मिनट तक यातायात रोका गया। इसी दौरान दो कारों के आपस में टकराने की भी सूचना है। आग पर काबू पाने और रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य कराया गया।

सुरक्षित यात्रियों को गंतव्य भेजा गया

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों की निगरानी में राहत एवं बचाव कार्य कराया गया। उपजिलाधिकारी जेवर ने सुरक्षित बचे यात्रियों को जेवर टोल पर प्राथमिक उपचार दिलाया। इसके बाद प्रशासन की ओर से यात्रियों को टेंपो ट्रेवलर से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।

सीएम योगी ने जताया दुख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए बस हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि बस में हुई अग्नि दुर्घटना में जनहानि अत्यंत दुखद है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें हादसे की विस्तृत जांच में जुटी हैं। मृतकों की पहचान और आग लगने के अंतिम कारणों के संबंध में आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है।