Bihar: बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर और पटना में बनेगी मां सीता महिला यूनिवर्सिटी

सम्राट चौधरी कैबिनेट ने 24 प्रस्तावों पर मुहर लगाई। पटना में मां सीता विश्वविद्यालय, बेगूसराय में दिनकर यूनिवर्सिटी, गौधन ऋण योजना, डेयरी और चीनी मिल समेत कई फैसले लिए गए।

Bihar: बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर और पटना में बनेगी मां सीता महिला यूनिवर्सिटी
सम्राट कैबिनेट की बैठक में 24 एजेंडों पर मुहर।

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     HighLights:

  • सम्राट चौधरी कैबिनेट ने 24 प्रस्तावों पर मुहर लगाई
  • बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी
  • पटना में मां सीता विश्वविद्यालय की स्थापना का फैसला
  • पशुपालकों को बैंक ऋण के ब्याज पर 100% सब्सिडी का प्रावधान

पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार, 23 सितंबर 2026 को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा, पशुपालन, डेयरी, पुलिस आधुनिकीकरण, स्वास्थ्य और उद्योग समेत कई क्षेत्रों से जुड़े 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सबसे प्रमुख फैसलों में पटना में मां सीता विश्वविद्यालय और बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना शामिल है।

इसके अलावा पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री गौधन विकास ऋण योजना, कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास की परियोजनाओं और नवादा के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 50 ड्रोन खरीदने और स्वास्थ्य संस्थानों में ई-सुश्रुत एनएक्स एप्लीकेशन लागू करने जैसे प्रस्ताव भी कैबिनेट ने स्वीकृत किए हैं।

बेगूसराय में बनेगा रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के मौके पर बिहार सरकार ने बेगूसराय में उनके नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी। विश्वविद्यालय की स्थापना बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के तहत की जाएगी। विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन आदि खर्च के लिए ₹15 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

सरकार के मुताबिक, दिनकर विश्वविद्यालय के जरिए उनकी साहित्यिक और राष्ट्रचेतना की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में संस्थागत पहल होगी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार विश्वविद्यालय का क्षेत्राधिकार बेगूसराय और खगड़िया जिलों के संबंधित कॉलेजों तक होगा, जबकि कुछ संस्थान अपने वर्तमान संबद्ध विश्वविद्यालय के अधीन रहेंगे।

पटना में मां सीता विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी

कैबिनेट ने पटना में मां सीता विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दे दी। इसके लिए भी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन तथा अन्य प्रशासनिक खर्चों के लिए ₹15 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। यह विश्वविद्यालय बिहार विशिष्ट विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के तहत स्थापित किया जाएगा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इसका क्षेत्राधिकार पटना जिले के संबंधित महिला कॉलेजों तक होगा, जबकि पटना विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थान इसके दायरे से बाहर रहेंगे।

पशुपालकों के लिए ब्याज पर 100 फीसदी सब्सिडी

कैबिनेट ने पशुपालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री गौधन विकास ऋण योजना को मंजूरी दी है। योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक तीन वर्षों के लिए लागू की जाएगी। उपलब्ध कैबिनेट निर्णय संबंधी रिपोर्टों के अनुसार योजना के लिए ₹160 करोड़ 10 हजार रुपये के अनुमानित व्यय को मंजूरी दी गई है। योजना में पात्र लाभुकों को बैंक से लिए गए ऋण के ब्याज पर 100 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रावधान है। यानी लाभुक को ऋण की मूल राशि चुकानी होगी, जबकि निर्धारित शर्तों के तहत ब्याज का भार सरकार की सब्सिडी से पूरा होगा।

गाय-भैंस खरीदकर बढ़ा सकेंगे दूध उत्पादन

योजना का उद्देश्य पशुपालकों को दुधारू पशु खरीदने के लिए संस्थागत ऋण की सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे पशुपालक दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। आपके दिए ड्राफ्ट में योजना के तहत तीन उन्नत गाय या दो भैंस खरीदने की बात कही गई है। हालांकि, उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में इस विशिष्ट खरीद सीमा की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली, इसलिए प्रकाशित कॉपी में इसे सरकारी प्रावधान के रूप में बिना आधिकारिक दस्तावेज के जोड़ना उचित नहीं होगा।

कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास पर ₹126.07 करोड़

कैबिनेट ने सुपौल, मधेपुरा और सहरसा में डेयरी विकास की विभिन्न परियोजनाओं को भी मंजूरी दी। ये परियोजनाएं सात निश्चय-3 के तहत कोसी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, सुपौल के माध्यम से विकसित की जाएंगी। इन योजनाओं के लिए ₹126.07 करोड़ के अनुमानित व्यय को मंजूरी दी गई है। परियोजनाओं में दही प्लांट, प्रीमियम आइसक्रीम प्लांट, टोटल मिक्स्ड राशन प्लांट, बछड़ा-हीफर फार्म, सीमेन, नई दुग्ध सहकारी समितियां, मिल्क चिलिंग प्लांट और बीएमसीयू के लिए इंस्टेंट मिल्क चिलिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

वारिसलीगंज में 500 करोड़ से अधिक की नई चीनी मिल

बिहार कैबिनेट ने नवादा के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। परियोजना में 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव है। सरकार के अनुसार, इस परियोजना से नवादा के अलावा नालंदा, शेखपुरा और जमुई के गन्ना किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। नई मिल से गन्ने के प्रसंस्करण और किसानों के लिए स्थानीय बाजार की सुविधा विकसित करने में मदद मिलेगी।

पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 50 ड्रोन

कैबिनेट ने पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत 50 ड्रोन खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके लिए करीब ₹24.50 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। रिपोर्टों के अनुसार इन ड्रोन का इस्तेमाल भीड़ नियंत्रण, नदी क्षेत्रों में अभियान, नक्सल विरोधी अभियानों और आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों में किया जा सकता है।

पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की तैयारी

बैठक में बिहार में पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार, सुदृढ़ीकरण और मानकीकरण के लिए ‘बिहार पशु चिकित्सा अवस्थापना एवं सेवा सुदृढ़ीकरण नीति’ को सैद्धांतिक स्वीकृति भी दी गई। इसका उद्देश्य राज्य में पशु चिकित्सा से जुड़ी सुविधाओं और सेवाओं को मजबूत करना है।

स्वास्थ्य और शहरी निकायों से जुड़े फैसले

कैबिनेट ने राज्य के 12 प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में ई-सुश्रुत एनएक्स एप्लीकेशन लागू करने से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अलावा पटना नगर निगम को पूर्व वर्षों में कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए दिए गए ₹41 करोड़ से अधिक के ऋण को अनुदान के रूप में समायोजित करने की स्वीकृति दी गई।

मत्स्य पालन और पशुधन सर्वेक्षण पर भी फैसला

कैबिनेट ने मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष के तहत चंपारण क्षेत्र की परियोजना के लिए ₹195.28 करोड़ की लागत को मंजूरी दी। वहीं राज्य में दूध, अंडा, मांस और ऊन उत्पादन का अनुमान लगाने के लिए पशुधन गणना एवं एकीकृत नमूना सर्वेक्षण योजना के तहत 81 पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई है।

24 फैसलों में शिक्षा से लेकर पुलिस और डेयरी तक पर फोकस

बिहार कैबिनेट की 23 सितंबर की बैठक में लिए गए फैसलों से शिक्षा, पशुपालन, डेयरी, कृषि आधारित उद्योग, पुलिस आधुनिकीकरण, स्वास्थ्य और शहरी प्रशासन जैसे कई क्षेत्रों को कवर किया गया। दो नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए संस्थान जुड़ेंगे, जबकि गौधन योजना और कोसी डेयरी परियोजनाओं का सीधा संबंध पशुपालकों और दुग्ध क्षेत्र से है। कुल मिलाकर कैबिनेट के 24 फैसलों में शिक्षा, पशुपालन, डेयरी, उद्योग और प्रशासनिक ढांचे को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।