दिल्ली हाईकोर्ट से BJP विधायक राजू सिंह को बड़ी राहत, 4 साल की सजा पर लगी रोक; बची विधानसभा सदस्यता
Delhi High Court Verdict: दिल्ली हाईकोर्ट ने बिहार के साहेबगंज से भाजपा विधायक डॉ. राजू कुमार सिंह को हर्ष फायरिंग मामले में जमानत देते हुए चार साल की सजा पर रोक लगा दी। जानिए 2018 के चर्चित केस और फैसले की पूरी कहानी।
HighLights:
- दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक डॉ. राजू कुमार सिंह को जमानत दी
- निचली अदालत की चार साल की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी गई
- विधानसभा सदस्यता रद्द होने का खतरा टल गया
- 2018 के न्यू ईयर पार्टी में हर्ष फायरिंग के मामले में हुई थी सजा
- गोली लगने से आर्किटेक्ट अर्चना गुप्ता की हुई थी मौत
मुजफ्फरपुर/नई दिल्ली(Threesocieties.com Desk): बिहार की साहेबगंज विधानसभा सीट से भाजपा विधायक डॉ. राजू कुमार सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने वर्ष 2018 के चर्चित हर्ष फायरिंग मामले में उन्हें जमानत देते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई चार वर्ष की सजा पर फिलहाल रोक (Stay) लगा दी है। इस आदेश के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता पर तत्काल प्रभाव से मंडरा रहा संकट भी टल गया है।
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दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और राजू सिंह के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। साहेबगंज समेत कई इलाकों में समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर फैसले का स्वागत किया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 31 दिसंबर 2018 की रात दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित एक फार्महाउस में आयोजित न्यू ईयर पार्टी से जुड़ा है। पार्टी के दौरान कथित तौर पर हुई हर्ष फायरिंग में आर्किटेक्ट अर्चना गुप्ता को गोली लग गई थी। गंभीर रूप से घायल अर्चना की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। लंबे ट्रायल के बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने विधायक राजू सिंह को दोषी करार देते हुए चार साल की कैद और 25 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी।
किन धाराओं में हुई थी दोषसिद्धि?
निचली अदालत ने राजू सिंह को गैर-इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन से जुड़े मामलों में दोषी माना था। फैसले में अदालत ने हर्ष फायरिंग जैसी घटनाओं पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि हथियारों का दुरुपयोग और सत्ता का अहंकार समाज के लिए गंभीर खतरा है।
पत्नी समेत तीन सह-आरोपी हुए थे बरी
इस मामले में राजू सिंह की पत्नी रेनू सिंह सहित तीन अन्य आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण अदालत ने बरी कर दिया था। हालांकि, राजू सिंह को दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त होने की आशंका बढ़ गई थी।
हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए राजू सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने उनकी अपील पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत प्रदान की और चार साल की सजा के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी। कानूनी जानकारों के अनुसार, सजा पर रोक लगने से फिलहाल उनकी विधानसभा सदस्यता पर तत्काल कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अंतिम निर्णय अपील पर सुनवाई पूरी होने के बाद होगा।
समर्थकों में जश्न का माहौल
दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद साहेबगंज विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने खुशी जाहिर की। कई स्थानों पर मिठाइयां बांटी गईं और समर्थकों ने इसे न्याय की जीत बताया। वहीं, राजनीतिक हलकों में भी इस फैसले की चर्चा तेज हो गई है।
अब सभी की निगाहें इस मामले की अंतिम सुनवाई और हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि निचली अदालत का फैसला बरकरार रहेगा या उसमें बदलाव होगा।




