भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन: जगदीशपुर SDO संजीत कुमार हटाए गए, वेटिंग फॉर पोस्टिंग हुए DSP

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए जगदीशपुर SDO संजीत कुमार को पद से हटा दिया है। पूर्व SDPO राजेश शर्मा को भी पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया। पढ़ें Threesocieties.com पर पूरी रिपोर्ट।

भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा एक्शन: जगदीशपुर SDO संजीत कुमार हटाए गए, वेटिंग फॉर पोस्टिंग हुए DSP
भरत तिवारी के परिजनों ने की CM से मुलाकात।

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  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भरत तिवारी  केपरिजनों की मुलाकात के बाद हुई कार्रवाई
  • मामले की न्यायिक जांच पहले से जारी, परिवार लगातार कार्रवाई की मांग कर रहा था
  • सरकारी अधिसूचना में हटाने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया

आरा (Threesocieties.com Desk): भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने विवादों में रहे जगदीशपुर के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) संजीत कुमार को उनके पद से हटा दिया है। वहीं, एनकाउंटर के समय जगदीशपुर के तत्कालीन SDPO रहे राजेश कुमार शर्मा को भी वर्तमान पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में पदस्थापन की प्रतीक्षा में भेज दिया गया है।

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सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी अधिसूचना में संजीत कुमार को जगदीशपुर SDO के पद से मुक्त करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग, पटना में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, आदेश में उनके हटाए जाने का कारण स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है।

परिजनों की मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद तेज हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब शुक्रवार को भरत तिवारी की मां आशा देवी समेत परिवार के अन्य सदस्य मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पटना स्थित उनके आवास पर मिले। परिवार ने मुख्यमंत्री के सामने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया। इसके कुछ ही घंटों बाद SDO और DSP के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए।

पहले भी विवादों में रहे थे SDO

भरत तिवारी के परिजनों का आरोप है कि बिलौटी गांव के बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास का मुद्दा भरत लगातार उठा रहे थे। उन्होंने कई बार तत्कालीन SDO से शिकायत की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। परिवार का यह भी आरोप है कि SDO कार्यालय में उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना भी हुई थी। दूसरी ओर, प्रशासन का पक्ष रहा कि भरत तिवारी सोशल मीडिया पर अधिकारियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे और उन्हें पकड़ने गई पुलिस टीम के दौरान हुई कार्रवाई में उनकी मौत हुई।

DSP राजेश शर्मा पर भी कार्रवाई

एनकाउंटर के समय जगदीशपुर के SDPO रहे राजेश कुमार शर्मा पर भी मृतक के परिजनों ने हत्या सहित गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पहले उन्हें पुलिस मुख्यालय भेजा गया था और बाद में मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो में पोस्टिंग दी गई थी। इस नई तैनाती को लेकर विपक्ष और परिजनों ने सवाल उठाए थे। अब राज्य सरकार ने उन्हें वहां से भी हटाकर दोबारा पुलिस मुख्यालय में पदस्थापन की प्रतीक्षा में भेज दिया है। इसे भरत तिवारी प्रकरण में सरकार की दूसरी बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

न्यायिक जांच आयोग कर रहा है जांच

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर की गूंज पूरे बिहार में सुनाई दी थी। घटना के बाद पुलिस कार्रवाई, प्रशासनिक भूमिका और एनकाउंटर की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल उठे। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने न्यायिक जांच आयोग का गठन किया, जो पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है। गवाही के दौरान भरत तिवारी के परिजनों ने SDO संजीत कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए थे। ऐसे में उनका हटाया जाना इस मामले से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

सरकार ने कारण नहीं बताया

हालांकि SDO संजीत कुमार को हटाने और DSP राजेश शर्मा की नई पदस्थापना रद्द करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं, लेकिन किसी भी अधिसूचना में कार्रवाई के पीछे का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जगदीशपुर में नए SDO की नियुक्ति को लेकर जल्द अलग आदेश जारी किया जा सकता है।

क्या है पूरा मामला?

17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस और भरत भूषण तिवारी के बीच हुई कथित मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई थी। परिजनों ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए हत्या का आरोप लगाया और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। इसके बाद यह मामला पूरे बिहार में राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का केंद्र बन गया। अब SDO और DSP के खिलाफ हुई कार्रवाई को इसी प्रकरण में सरकार की बड़ी प्रशासनिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।