लोहरदगा: माओवादियों ने SPO बता ग्रामीण को गोलियों से भूना, मृतक का बेटा पलामू डीआइजी का है ड्राइवर 

जिले के सेरेंगदाग पुलिस स्टेशन एरिया अति उग्रवाद प्रभावित मुंगो चौक के समीप भाकपा माओवादियों ने रविवार की रात जागीर भगत (50) की गोली मारकर मर्डर कर दी है।  माओवादी रीजनल कमांडर 15 लाख का इनामी रविंद्र गंझू के नेतृत्व में हथयिारबंद दस्ता ने घटना को अंजाम दिया है।

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लोहरदगा। जिले के सेरेंगदाग पुलिस स्टेशन एरिया अति उग्रवाद प्रभावित मुंगो चौक के समीप भाकपा माओवादियों ने रविवार की रात जागीर भगत (50) की गोली मारकर मर्डर कर दी है।  माओवादी रीजनल कमांडर 15 लाख का इनामी रविंद्र गंझू के नेतृत्व में हथयिारबंद दस्ता ने घटना को अंजाम दिया है। घनास्थल पर पर्चा छोड़कर हत्या की जिम्मेवारी ली है। मौके पर एक केन बम भी जंगीर का बेटा राजेश भगत पलामू डीआइजी राज कुमार लकड़ा का ड्राइवर है। राजेश भगत ने ही सेरेंगदाग पुलिस को मामले की सूचना दी। सेरेंगदाग पुलिस स्टेशन के ओसी वाहन उपलब्ध कराने और परिजनो को ही बॉडी को थाना लेकर आने के लिए कहा। पुलिस मामले जांच कर रही है।

माओवादियों ने जागीर को एसपीओ बताया है। हालांकि पुलिस मृतक के एसपीओ होने से इंकार कर रही है। जागीर भगत गांव में चल रही विकास योजनाओं में मुंशी का काम करता था। मुंगो चौक में उसकी एक छोटी सी दुकान भी है। जागीर भगत और उसकी पत्नी रविवार की रात दुकान में सोने के लिए जा रहे थे। तीन बाइक से आधा दर्जन की संख्या में हथियारबंद माओवादी पहुंचे।सभी ने जागीर भगत और उसकी पत्नी को रस्सी से बांधकर मुंगो चौक के पास ले आए। यहां दोनों की जमकर पिटाई की। इसके बाद जागीर भगत की पत्नी को भागने को कहा। माओवादियों ने जागीर भगत पर पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाते हुए उसे तीन गोली मार दी। इससे मौके पर ही जागीर भगत की मौत हो गई। 
बताया जाता है कि साल 2018 में भी जागीर भगत को गोली मारी गई थी। उस वक्त गोली उसकी बांह में लगी थी। इस घटना में जागीर भगत बच गया था। माओवादियों ने जागीर भगत की मौत को एक उदाहरण बताते हुए माओवादियों ने पर्चा में कहा है कि इसी प्रकार से एसपीओ का हश्र किया जायेगा।