Google से सीखा संविधान, राहुल गांधी भी हुए मुरीद! जंतर-मंतर से वायरल मोहम्मद इरफान की कहानी
CJP आंदोलन में वायरल हुए मोहम्मद इरफान से राहुल गांधी ने उनके घर जाकर मुलाकात की। Google और YouTube से संविधान सीखने वाले फेरीवाले इरफान की कहानी, राहुल गांधी की प्रतिक्रिया और पूरी खबर पढ़ें Threesocieties.com पर।
HighLights:
- Google Voice और YouTube से संविधान सीखा मोहम्मद इरफान ने
- जंतर-मंतर के CJP आंदोलन में वीडियो हुआ वायरल
- राहुल गांधी खुद पहुंचे इरफान के घर मिलने
- इरफान को संसद आने का भी दिया निमंत्रण
नई दिल्ली(Threesocieties.com Desk): दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक साधारण फेरीवाले मोहम्मद इरफान का वीडियो सोशल मीडिया पर ऐसा वायरल हुआ कि उसकी चर्चा संसद के गलियारों तक पहुंच गई। संविधान, लोकतंत्र और मजदूरों के अधिकारों पर उनकी बेबाक राय ने लाखों लोगों का ध्यान खींचा। अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद उनके घर पहुंचे और उनसे मुलाकात कर उन्हें देश के युवाओं की असली उम्मीद बताया।
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राहुल गांधी पहुंचे इरफान के घर
राहुल गांधी ने दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी स्थित इरफान के घर पहुंचकर उनसे लंबी बातचीत की। मुलाकात की तस्वीरें उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा करते हुए लिखा कि "इरफान जैसे युवाओं की सोच उनके हालात की मोहताज नहीं है। संविधान की उनकी समझ, देश के प्रति उनका नजरिया और सीखने की उनकी इच्छा बताती है कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके युवाओं में बसती है।" राहुल गांधी ने इरफान को संसद आने का निमंत्रण भी दिया और प्रियंका गांधी से उनकी फोन पर बातचीत कराई।
कौन हैं मोहम्मद इरफान?
35 वर्षीय मोहम्मद इरफान दिल्ली की झुग्गी बस्ती में रहते हैं। वे पेशे से बर्फ बेचने वाले फेरीवाले हैं और प्रतिदिन लगभग 500 रुपये की कमाई करते हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वे कभी स्कूल नहीं गए, लेकिन संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक मुद्दों पर उनकी समझ किसी शिक्षित व्यक्ति से कम नहीं मानी जा रही।
Google Voice और YouTube बने गुरु
इरफान बताते हैं कि उन्होंने पढ़ाई के लिए Google Voice Search और YouTube का सहारा लिया। इसी डिजिटल माध्यम से उन्होंने संविधान की प्रस्तावना, भगत सिंह के विचार और लोकतंत्र से जुड़े विषयों को समझा। आज वे संविधान की प्रस्तावना बिना रुके सुनाते हैं और भगत सिंह की कविताएं भी पूरे आत्मविश्वास के साथ पढ़ते हैं।
CJP आंदोलन में बने चर्चा का केंद्र
नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के दौरान इरफान ने मजदूरों के अधिकार, शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और जीएसटी जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। उनका एक बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ— "सिर्फ पेट भरना ही जिंदगी नहीं है, आत्मसम्मान भी जरूरी है।" यही वीडियो लाखों लोगों तक पहुंचा और देखते ही देखते इरफान सोशल मीडिया का चर्चित चेहरा बन गए।
मजदूरों के लिए उठाई आवाज
इरफान ने राहुल गांधी से अपने लिए कोई व्यक्तिगत मदद नहीं मांगी। उन्होंने केवल इतना कहा— "मेरे लिए कुछ मत कीजिए, देश के गरीबों और मजदूरों के हक की लड़ाई लड़िए।" उन्होंने कहा कि देश में मजदूरों के न्यूनतम वेतन को बढ़ाया जाना चाहिए और आठ घंटे की शिफ्ट के लिए कम से कम 18 हजार रुपये का वेतन सुनिश्चित होना चाहिए।
राहुल गांधी ने BJP पर साधा निशाना
इरफान से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट में है और छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने NEET विवाद और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की।
सोशल मीडिया पर बन गए प्रेरणा
मोहम्मद इरफान की कहानी इस बात का उदाहरण बन गई है कि सीखने की इच्छा हो तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक सकती। बिना स्कूल गए, केवल मोबाइल और इंटरनेट के सहारे उन्होंने संविधान और लोकतंत्र की ऐसी समझ विकसित की जिसने देशभर के लोगों को प्रभावित किया। उनकी कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है और यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग उन्हें "Google Graduate", "संविधान वाला इरफान" और "देश की असली उम्मीद" जैसे नामों से संबोधित कर रहे हैं।




