यूपी में BJP ने 8 नए राज्यसभा उम्मीदवार किये घोषित, हरदीप पुरी समेत 8 का पत्ता साफ

UP BJP ने राज्यसभा की 8 सीटों के लिए नए उम्मीदवारों का ऐलान किया। प्रियंका सिंह रावत, श्रुति गंगवार समेत 8 नेताओं को टिकट मिला। हरदीप सिंह पुरी समेत मौजूदा सांसदों का कार्यकाल खत्म होगा। जानें पूरी सूची और सियासी मायने।

यूपी में BJP ने 8 नए राज्यसभा उम्मीदवार किये घोषित, हरदीप पुरी समेत 8 का पत्ता साफ
उम्मीदवारों में जातिगत, क्षेत्रीय संतुलन और संगठनात्मक अनुभव का मिश्रण।

Advertisement

     HighLights:

  • यूपी से राज्यसभा की 8 सीटों पर BJP ने घोषित किए नए उम्मीदवार
  • प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार समेत दो महिला चेहरों को मौका
  • हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा समेत मौजूदा सांसदों का कार्यकाल होगा खत्म
  • जातीय समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और संगठनात्मक अनुभव पर BJP का फोकस

नई दिल्ली/लखनऊ (Threesocieties.com Desk): भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की आठ सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने इस बार मौजूदा सांसदों में से किसी को दोबारा मौका देने के बजाय आठ नए चेहरों पर दांव लगाया है। उम्मीदवारों की सूची में बाराबंकी की पूर्व लोकसभा सांसद प्रियंका सिंह रावत और बरेली की श्रुति गंगवार समेत कुल दो महिला चेहरे शामिल हैं।

BJP की ओर से जारी सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार के नाम शामिल हैं। पार्टी के इस फैसले को 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले संगठन, सामाजिक समीकरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

आठों उम्मीदवारों के नाम

धर्मपाल सिंह
राधाकांत ओझा
प्रकाश पाल
विद्यासागर सोनकर
गोपी कृष्ण पाण्डेय
प्रियंका सिंह रावत
राम प्रताप सिंह चौहान
श्रुति गंगवार

हरदीप सिंह पुरी समेत मौजूदा सांसदों का कार्यकाल खत्म

BJP के इस फैसले से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के मौजूदा कई सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होना है। जिन सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, सीमा द्विवेदी, बीएल वर्मा, नीरज शेखर, बृजलाल और गीता शाक्य के नाम शामिल हैं। दिनेश शर्मा का नाम भी समाप्त हो रहे कार्यकाल वाले सांसदों में था, लेकिन अब वे अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल हैं।BJP ने इन पुराने चेहरों की जगह नए नेताओं को उच्च सदन में भेजने का फैसला किया है।

प्रियंका सिंह रावत को मिला राज्यसभा का टिकट

बाराबंकी की पूर्व लोकसभा सांसद प्रियंका सिंह रावत को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने को BJP के महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी लोकसभा सीट से 16वीं लोकसभा की सांसद रह चुकी हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया को हराया था। इसके बाद भी वह BJP संगठन में सक्रिय रहीं और राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर पार्टी की गतिविधियों में भूमिका निभाती रही हैं। राज्यसभा टिकट के साथ BJP ने उनके राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक सक्रियता पर भरोसा जताया है।

श्रुति गंगवार भी राज्यसभा की दौड़ में

BJP ने बरेली की श्रुति गंगवार को भी राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। श्रुति गंगवार वरिष्ठ भाजपा नेता और वर्तमान झारखंड राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी हैं। वह बरेली क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी रही हैं। वह अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। IIT से पढ़ाई करने वाली श्रुति गंगवार को राज्यसभा टिकट देकर BJP ने युवा और महिला नेतृत्व को भी प्रतिनिधित्व देने का संदेश दिया है।

धर्मपाल सिंह को भी मौका

बरेली की आंवला विधानसभा सीट से विधायक धर्मपाल सिंह को BJP ने राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। वह उत्तर प्रदेश सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री हैं। धर्मपाल सिंह लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं और सरकार में मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनके जरिए BJP ने एक अनुभवी राजनीतिक चेहरे के साथ सामाजिक समीकरण को भी साधने की कोशिश की है।

प्रकाश पाल से कानपुर-बुंदेलखंड को साधने की कोशिश

BJP के वरिष्ठ नेता और प्रदेश ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष प्रकाश पाल को भी राज्यसभा का टिकट मिला है। वह इससे पहले कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संगठन में लंबे अनुभव और OBC राजनीति में सक्रिय भूमिका के कारण प्रकाश पाल की उम्मीदवारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्यसभा भेजे जाने से कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में उनका राजनीतिक कद और बढ़ सकता है।

विद्यासागर सोनकर BJP का प्रमुख दलित चेहरा

विद्यासागर सोनकर BJP के प्रमुख दलित चेहरों में गिने जाते हैं। मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले सोनकर पूर्व में जौनपुर (मछलीशहर) से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य और उपनेता के साथ-साथ प्रदेश भाजपा महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। राज्यसभा टिकट के जरिए BJP ने दलित प्रतिनिधित्व को भी मजबूत करने का संदेश दिया है।

राधाकांत ओझा का राजनीतिक और कानूनी अनुभव

राधाकांत ओझा प्रयागराज क्षेत्र से आते हैं और इलाहाबाद हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वह इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। कानूनी क्षेत्र में लंबे अनुभव के साथ उनका RSS और BJP से भी जुड़ाव रहा है। पार्टी ने उन्हें प्रबुद्ध वर्ग के प्रतिनिधि के तौर पर राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।

राम प्रताप सिंह चौहान को संगठन का इनाम

आगरा के पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह चौहान को भी राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है। वह 2017 से 2022 तक आगरा की एत्मादपुर विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री और पश्चिम क्षेत्र के प्रभारी के तौर पर संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जमीनी कार्यकर्ता से प्रदेश संगठन में अहम जिम्मेदारी तक का उनका सफर लंबा रहा है। राज्यसभा टिकट को उनके संगठनात्मक अनुभव का इनाम माना जा रहा है।

गोपी कृष्ण पाण्डेय सबसे लो-प्रोफाइल नाम

BJP की सूची में गोपी कृष्ण पाण्डेय का नाम भी खास चर्चा में है। वह लंबे समय से संगठन से जुड़े हुए हैं और पार्टी के अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वह भाजपा किसान मोर्चा से भी जुड़े रहे हैं और विभिन्न राज्यों में किसान मोर्चा के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अपेक्षाकृत लो-प्रोफाइल रहने वाले गोपी कृष्ण पाण्डेय की उम्मीदवारी ने राजनीतिक हलकों को चौंकाया है।

जातीय और क्षेत्रीय समीकरण पर BJP का फोकस

BJP की आठ उम्मीदवारों वाली सूची में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साफ नजर आता है। पार्टी ने OBC, अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग के चेहरों को प्रतिनिधित्व दिया है। इसके साथ ही दो महिलाओं को भी उम्मीदवार बनाया गया है। उम्मीदवारों के चयन में संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय पकड़ और सामाजिक समीकरण को महत्व दिया गया है। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्यसभा की यह टीम BJP की व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

2027 चुनाव से पहले बड़ा सियासी संदेश

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राजनीतिक राज्य है और 2027 में यहां विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में BJP ने कई स्तरों पर संदेश देने की कोशिश की है। एक तरफ पुराने और मौजूदा चेहरों की जगह नए नेताओं को मौका दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ OBC, दलित, महिला और सामान्य वर्ग के नेताओं के बीच संतुलन बनाया गया है। संगठन में लंबे समय से काम कर रहे नेताओं को उच्च सदन भेजकर BJP ने यह भी संकेत दिया है कि पार्टी के जमीनी और संगठनात्मक कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की नीति जारी रहेगी।

BJP के फैसले के बड़े मायने

BJP की यूपी राज्यसभा सूची को केवल उच्च सदन के लिए उम्मीदवारों का चयन नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पार्टी ने ऐसे चेहरों को आगे किया है, जिनकी अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक समूहों में पकड़ है। प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार के रूप में दो महिला चेहरों को शामिल करना महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी अहम है। वहीं प्रकाश पाल और धर्मपाल सिंह जैसे OBC नेताओं तथा विद्यासागर सोनकर जैसे दलित चेहरे को जगह देकर सामाजिक समीकरण को साधने की कोशिश की गई है। कुल मिलाकर BJP की यह सूची संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति का मिश्रण दिखाई देती है।