शेफाली-मंधाना का तूफान, स्पिनरों का कमाल; भारत ने 8वीं बार जीता एशिया कप
शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना के अर्धशतकों के बाद दीप्ति शर्मा व श्री चरणी की घातक गेंदबाजी से भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड 8वीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीत लिया।
HighLights:
- भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब जीता
- टीम इंडिया ने रिकॉर्ड 8वीं बार एशिया कप ट्रॉफी अपने नाम की
- शेफाली वर्मा ने 39 गेंदों पर 68 रन की तूफानी पारी खेली, स्मृति मंधाना ने 39 गेंदों पर 59 रन बनाए
- शेफाली और मंधाना के बीच पहले विकेट के लिए 129 रन की साझेदारी हुई
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड 8वीं बार खिताब अपने नाम कर लिया। बल्लेबाजी में शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने तूफानी अर्धशतक जड़े, जबकि गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 183 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 111 रन पर सिमट गई।
इस जीत के साथ टीम इंडिया ने 2024 एशिया कप फाइनल की हार का हिसाब भी चुकता कर दिया। दो साल पहले श्रीलंका ने भारत को फाइनल में हराकर पहली बार महिला एशिया कप का खिताब जीता था। इस बार हरमनप्रीत कौर की टीम ने शानदार वापसी करते हुए ट्रॉफी फिर अपने नाम कर ली।
शेफाली-मंधाना ने दी भारत को तूफानी शुरुआत
टॉस जीतकर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने कप्तान के फैसले को सही साबित करते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। शेफाली ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने महज 24 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया। इस पारी के दौरान उन्होंने चौकों-छक्कों की बरसात की। शेफाली 39 गेंदों में 9 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 68 रन बनाकर आउट हुईं। दूसरी तरफ स्मृति मंधाना ने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की, लेकिन क्रीज पर नजरें जमने के बाद उन्होंने भी तेजी से रन बनाने शुरू कर दिए। मंधाना ने 39 गेंदों में 59 रन की शानदार पारी खेली।
129 रन की रिकॉर्ड साझेदारी
शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए 129 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत को बड़े स्कोर की मजबूत नींव दी। दोनों के बीच महिला टी20 इंटरनेशनल में यह छठी शतकीय साझेदारी रही। टी20 क्रिकेट में किसी भी विकेट के लिए यह जोड़ी सबसे ज्यादा बार शतकीय साझेदारी करने वाली जोड़ियों में शीर्ष पर पहुंच गई है। महिला टी20 एशिया कप में भी शेफाली और मंधाना ने सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा के नाम था, जिन्होंने 2022 में यूएई के खिलाफ 128 रन जोड़े थे।
आखिरी ओवरों में लड़खड़ाया भारतीय मिडिल ऑर्डर
सलामी बल्लेबाजों ने भारत को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था, लेकिन इसके बाद भारतीय मिडिल ऑर्डर एक बार फिर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सका। भारत ने 13 ओवर में 130 रन बना लिए थे। हालांकि अंतिम सात ओवरों में टीम केवल 53 रन ही जोड़ सकी और इस दौरान तीन विकेट भी गंवाए। कप्तान हरमनप्रीत कौर भी फाइनल में बड़ी पारी नहीं खेल सकीं और 14 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बावजूद शुरुआती साझेदारी की बदौलत भारत 183 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रहा।
श्रीलंका की शुरुआत पर भारत ने कसा शिकंजा
184 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम को शुरुआत में ही झटका लगा। क्रांति गौड़ ने इमेशा दुलानी को सिर्फ चार रन के स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। इसके बाद कप्तान चमारी अटापट्टू और विश्मी गुणारत्ने ने पारी संभालने की कोशिश की। दोनों ने पावरप्ले में विकेट बचाकर रखा, लेकिन भारतीय गेंदबाज लगातार दबाव बनाए हुए थे। श्रीलंका की टीम पावरप्ले के छह ओवरों में एक विकेट के नुकसान पर सिर्फ 38 रन बना सकी। लक्ष्य बड़ा था और भारतीय गेंदबाजों ने रन गति को लगातार नियंत्रित रखा।
दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने बरपाया कहर
भारत की जीत में सबसे बड़ा योगदान स्पिन गेंदबाजों का रहा। दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने मिलकर श्रीलंका के सात बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार विकेट अपने नाम किए। वहीं श्री चरणी ने तीन विकेट लेकर श्रीलंकाई बल्लेबाजों की पारी को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। इन दोनों के अलावा क्रांति गौड़, शेफाली वर्मा और प्रेमा रावत को भी एक-एक विकेट मिला। भारतीय गेंदबाजों के सामने श्रीलंकाई बल्लेबाज लक्ष्य के दबाव से बाहर नहीं निकल सके।
111 रन पर सिमटी श्रीलंका
भारतीय गेंदबाजों के सामने श्रीलंका की पूरी टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने फाइनल मुकाबला 72 रन से जीत लिया। भारत की ओर से बल्लेबाजी में शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने नींव रखी, जबकि गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने जीत पर मुहर लगा दी।
8वीं बार भारत के सिर सजा एशिया कप
इस खिताब के साथ भारत ने महिला एशिया कप में अपना दबदबा बरकरार रखा है। टूर्नामेंट के अब तक 10 संस्करण खेले गए हैं और भारतीय टीम हर बार फाइनल में पहुंची है। इनमें से आठ बार भारत चैंपियन बना है। भारत को फाइनल में केवल दो बार हार का सामना करना पड़ा है। एक बार बांग्लादेश ने भारत को हराया था, जबकि 2024 में श्रीलंका ने फाइनल में भारत को शिकस्त दी थी। 2026 के फाइनल में भारत ने उसी श्रीलंका को हराकर न सिर्फ ट्रॉफी अपने नाम की, बल्कि दो साल पुरानी हार का हिसाब भी बराबर कर दिया।शेफाली-मंधाना की विस्फोटक बल्लेबाजी और दीप्ति शर्मा-श्री चरणी की घातक स्पिन के दम पर टीम इंडिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि महिला एशिया कप में उसका दबदबा कायम है।
Anjala Kumar 



