कतरास में भू-धंसान पर फूटा जनआक्रोश, शहर बंद; BCCL-DGMS के खिलाफ नारेबाजी

धनबाद के कतरास में भू-धंसान के विरोध में शहर बंद रहा। कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर लोगों ने BCCL-DGMS के खिलाफ प्रदर्शन कर सुरक्षा, पुनर्वास और स्थायी समाधान की मांग की।

कतरास में भू-धंसान पर फूटा जनआक्रोश, शहर बंद; BCCL-DGMS के खिलाफ नारेबाजी
कतरास में भू-धंसान के विरोध में शहर बंद रहा।

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  • भू-धंसान के विरोध में कतरास शहर और आसपास के इलाकों में बंद
  • BCCL, DGMS और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लोगों ने की नारेबाजी
  • सुरक्षा, पुनर्वास और स्थायी समाधान की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग
  • कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा ने गांधीवादी तरीके से आंदोलन जारी रखने की बात कही

धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड के धनबाद जिले के कतरास में लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं को लेकर लोगों का आक्रोश अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। भू-धंसान से परेशान लोगों ने गुरुवार को कतरास बंद का आह्वान कर अपना विरोध दर्ज कराया। कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर आयोजित बंदी को स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों और आम लोगों का व्यापक समर्थन मिलने का दावा किया गया।

बंदी के दौरान कतरास शहर, पंचगढ़ी बाजार, छाताबाद, गुहीबांध समेत भू-धंसान प्रभावित इलाकों में जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह से ही अधिकांश दुकानें बंद रहीं। मेडिकल हॉल, नर्सिंग होम, पेट्रोल पंप और कुछ जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाजार की अधिकांश दुकानें नहीं खुलीं। टोटो को छोड़कर बड़े वाहनों का परिचालन भी काफी हद तक ठप रहा।

सड़क पर उतरे लोग, BCCL-DGMS के खिलाफ नारेबाजी

बंदी के दौरान कतरास बचाओ संघर्ष मोर्चा के सदस्य सुबह से ही विभिन्न इलाकों में सड़क पर उतरे। आंदोलनकारियों ने BCCL प्रबंधन, DGMS और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कतरास क्षेत्र में लगातार सामने आ रही भू-धंसान की घटनाओं से लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है। लोगों को अपने घर, जमीन और भविष्य की चिंता सता रही है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा और समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि यह बंद किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि कतरास के अस्तित्व और आम लोगों की सुरक्षा से जुड़े सवालों को सामने लाने के लिए किया गया है।

‘अब कतरास का धैर्य टूट गया’

मोर्चा से जुड़े लोगों ने कहा कि कतरास की जनता लंबे समय से भू-धंसान की समस्या झेल रही है। लगातार हो रही घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आंदोलनकारियों के मुताबिक, जनता शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से अपनी आवाज सरकार, प्रशासन और संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाना चाहती है। मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि “अब कतरास का धैर्य टूट गया है और जनता अपने शहर को भू-धंसान के खतरे से बचाने के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर है।”

मेगा प्रोजेक्ट और भूमिगत खनन की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग

आंदोलनकारियों ने BCCL से मेगा प्रोजेक्ट और भूमिगत खनन से संबंधित परियोजनाओं की पूरी जानकारी जनता के सामने रखने की मांग की। उनका कहना है कि जिन क्षेत्रों में खनन गतिविधियां चल रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों और संभावित खतरे से जुड़ी जानकारी स्थानीय लोगों को भी मिलनी चाहिए। मोर्चा ने भू-धंसान की घटनाओं और अवैध खनन के आरोपों की जांच कराने की भी मांग की। आंदोलनकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से कोयला खनन होना चाहिए, लेकिन विकास और खनन गतिविधियों के कारण आम लोगों के घर और जीवन खतरे में नहीं पड़ने चाहिए।

सुरक्षा और पुनर्वास की मांग

प्रदर्शनकारियों ने भू-धंसान प्रभावित लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ स्थायी समाधान और पुनर्वास की मांग उठाई। उनका कहना है कि केवल भू-धंसान के बाद तत्काल राहत देना पर्याप्त नहीं है। प्रभावित परिवारों के भविष्य और सुरक्षित पुनर्वास को लेकर दीर्घकालिक योजना जरूरी है। मोर्चा के मुताबिक, प्रभावित इलाकों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराकर संवेदनशील क्षेत्रों को चिह्नित किया जाना चाहिए और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था की जानी चाहिए।

समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा तेज

मोर्चा के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि भू-धंसान प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान और पुनर्वास को लेकर ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर क्षेत्र संख्या एक से 12 तक चक्का जाम किया जाएगा। हालांकि मोर्चा ने फिलहाल शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से आंदोलन जारी रखने की बात कही है।मोर्चा के अनुसार, आंदोलन का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और सरकार तक कतरास की जनता की आवाज पहुंचाना है, ताकि भू-धंसान की समस्या को गंभीरता से लिया जाए और प्रभावित लोगों को सुरक्षा मिल सके।

बंदी में बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल

बंदी को सफल बनाने में सुरेश केडिया, प्रदीप पांडेय, प्रकाश राम गुप्ता, चुन्ना यादव, मनोज गुप्ता, राजेश स्वर्णकार, मो. अमान, बलवीर सिंह उर्फ राजू सरदार, दीपक अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद राजा, संजय केशरी, बबलू भगत, मो. अफसर उर्फ छोटू सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। मोर्चा ने बंदी को समर्थन देने वाले व्यापारियों, दुकानदारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों के प्रति आभार जताया। मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि जनता का यह समर्थन कतरास से जुड़े जनहित के मुद्दों को आगे भी मजबूती से उठाने का आधार बनेगा।