कानपुर कारोबारी हत्याकांड: बेटे का कबूलनामा, जायदाद बंटने के डर से कराई हत्या!

कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। बेटे सुब्रत ने पिता की हत्या कराने का गुनाह कबूल किया। कर्ज और संपत्ति बंटवारे के डर से नौकर विशाल के साथ साजिश रची थी।

कानपुर कारोबारी हत्याकांड: बेटे का कबूलनामा, जायदाद बंटने के डर से कराई हत्या!

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  • कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा
  • बेटे सुब्रत ने पुलिस पूछताछ में पिता की हत्या कराने की बात कबूली
  • 40-50 लाख रुपये के कर्ज और संपत्ति बंटवारे का था डर
  • नौकर विशाल के साथ मिलकर करीब तीन महीने पहले रची थी साजिश

कानपुर (Threesocieties.com Desk): कानपुर के चर्चित दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में गिरफ्तार नौकर विशाल के बयान में बदलाव के बाद पुलिस ने कारोबारी के बेटे सुब्रत को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में सुब्रत ने अपने पिता की हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है।

पुलिस के अनुसार, सुब्रत पर करीब 40 से 50 लाख रुपये का कर्ज था। हर महीने लगभग 55 हजार रुपये की किस्त चुकानी पड़ रही थी। उसे आशंका थी कि पिता की संपत्ति का बंटवारा होने पर उसकी स्थिति और मुश्किल हो सकती है। इसी के चलते उसने नौकर विशाल के साथ मिलकर पिता की हत्या की साजिश रची।

तीन महीने पहले रची गई थी हत्या की साजिश

पूछताछ में सामने आया कि सुब्रत और विशाल ने कथित तौर पर करीब तीन महीने पहले हत्या की योजना बनानी शुरू कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, विशाल ने एक गुमटी से घर की डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी। घटना से पहले सुब्रत ने असली चाबी विशाल को दे दी, जबकि डुप्लीकेट चाबी अपने पास रखी। आरोप है कि सुब्रत ने विशाल से पिता की हत्या करने को कहा था। पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद मामले को दूसरी दिशा देने की भी योजना बनाई गई थी और कारोबारी के भाई पर शक डालने की तैयारी थी।

‘मेरे बाप का चरित्र खराब था...’

पुलिस पूछताछ में सुब्रत ने कथित तौर पर अपने पिता के चरित्र को लेकर भी आपत्तिजनक आरोप लगाए। उसने पुलिस को बताया कि उसे डर था कि पिता के किसी अन्य महिला से संबंध के कारण भविष्य में संपत्ति के बंटवारे की स्थिति पैदा हो सकती है।हालांकि, ये बातें पुलिस पूछताछ में आरोपी द्वारा कही गई बातें हैं। इनके स्वतंत्र सत्यापन का दावा नहीं किया गया है।

विशाल के बयान से बदला केस का पूरा रुख

इस हत्याकांड की जांच में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब कस्टडी रिमांड के दौरान नौकर विशाल ने अपना बयान बदल दिया। शुरुआत में विशाल ने पुलिस को बताया था कि कारोबारी की बहू शालू मिनोचा ने छह लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या कराई थी। लेकिन रिमांड के दौरान उसने पुलिस को बताया कि हत्या के लिए उसे पैसे देने की बात सुब्रत ने कही थी। विशाल के अनुसार, सुब्रत ने उससे यह भी कहा था कि अगर पुलिस उसे गिरफ्तार करे तो शालू का नाम ले लेना। विशाल के इस बयान के बाद पुलिस ने सुब्रत से पूछताछ की और देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया।

शालू से भी कराया गया आमना-सामना

पुलिस ने बुधवार को शालू और सुब्रत का आमना-सामना भी कराया। पूछताछ के दौरान शालू अपने पति सुब्रत को सामने देखकर भावुक हो गई और रोने लगी। उसने अपने बेटे श्रीजय के बारे में भी पूछा। पुलिस की अब तक की जांच के अनुसार, शालू की हत्या की साजिश में संलिप्तता के पर्याप्त तथ्य सामने नहीं आए हैं। पुलिस मामले में आगे की जांच के बाद कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया अपना सकती है।

200 सवालों की सूची तैयार कर हुई पूछताछ

पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए करीब 200 सवालों की विस्तृत सूची तैयार की थी। छह सदस्यीय टीम ने हत्या से पहले आरोपियों के संपर्क, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, पैसों के लेनदेन, फ्लैट में आने-जाने और हत्या के बाद की गतिविधियों से जुड़े सवाल किए। जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी पूछताछ के दौरान सामने रखा।

5 सितंबर को घर में हुई थी कारोबारी की हत्या

दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की 5 सितंबर को उनके घर में गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। कारोबारी के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में नौकर विशाल और उसका साथी राजकिशोर नजर आए थे। इसके बाद पुलिस ने विशाल को गिरफ्तार किया। शुरुआती पूछताछ में उसने शालू का नाम लिया और छह लाख रुपये की सुपारी मिलने की बात कही थी। लेकिन रिमांड के दौरान बयान बदलने के बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई।

अब सुब्रत की भूमिका की जांच तेज

विशाल के बदले हुए बयान, सीडीआर, मोबाइल लोकेशन और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को आधार बनाकर पुलिस ने सुब्रत को गिरफ्तार किया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की पूरी साजिश कब और कैसे तैयार की गई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और हत्या के बाद मामले को दूसरी दिशा में ले जाने की योजना कैसे बनाई गई थी। पुलिस की आगे की जांच और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों से हत्याकांड की पूरी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।