PM मोदी का बड़ा दिल: जंतर-मंतर पर गालियां देने वालों को कहा- 'ये गुमराह बच्चे हैं, मैं इन्हें माफ करना चाहता हूं'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर विवाद पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्हें और उनकी मां को गालियां दी गईं, लेकिन वे उन गुमराह बच्चों को माफ करना चाहते हैं। पीएम ने कहा कि बच्चों को सजा नहीं, सही मार्गदर्शन की जरूरत है। जानिए पूरा मामला और FIR से जुड़ी सभी अपडेट।
HighLights:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर घटना पर पहली बार प्रतिक्रिया दी
- कहा- मुझे और मेरी मां को अपशब्द कहे गए, लेकिन मैं उन बच्चों को माफ करना चाहता हूं
- पीएम ने प्रदर्शन में इस्तेमाल हुई भाषा को सभ्य समाज के लिए अनुचित बताया
- बोले- बच्चों को सजा देने से हालात नहीं बदलेंगे, उन्हें सही दिशा दिखाने की जरूरत है
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर हुए विवादित प्रदर्शन को लेकर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार देर रात इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ शरारती बच्चों ने उन्हें और उनकी मां के लिए बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, लेकिन वे उन्हें सजा नहीं बल्कि सही दिशा देना चाहते हैं।
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Abuses never solve anything.
— Narendra Modi (@narendramodi) July 31, 2026
Let’s guide the misguided.
Let’s work together.
Let’s work for Bharat. pic.twitter.com/yAePG60KYL
पीएम मोदी ने कहा कि बचपन में गलतियां हो जाती हैं और वही उम्र उन्हें सुधारने का सबसे अच्छा अवसर भी होती है। उन्होंने कहा, "ये गुमराह बच्चे हैं। इन्हें राह दिखाने का समय है। मैं इन्हें माफ करना चाहता हूं।"
'जो हुआ, पूरी दुनिया ने देखा'
वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ, उसे पूरे देश और दुनिया ने देखा। उन्होंने कहा कि किसी भी सभ्य समाज में ऐसी भाषा स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने इस घटना को सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से चिंता का विषय बताते हुए कहा कि यह एक "कल्चरल शॉक" जैसा है कि देश की बेटियां इस प्रकार की भाषा का प्रयोग कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केवल सजा देने से समाज नहीं बदलेगा। जरूरत इस बात की है कि युवाओं को सही दिशा और संस्कार दिए जाएं। प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं आपके लिए जीता हूं, आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए काम करता हूं। आप आगे बढ़िए और देश का भविष्य बनाइए।"
23 जुलाई को हुआ था विवाद
यह पूरा मामला 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान सामने आया था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक युवती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती दिखाई दी थी। वीडियो वायरल होने के बाद इस पर देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
युवती पर FIR दर्ज
मामले में नोएडा निवासी स्मृति सिंह की शिकायत के आधार पर एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने 30 जुलाई को संबंधित युवती के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने सार्वजनिक उपद्रव, जानबूझकर अपमान करने और मानहानि सहित विभिन्न धाराओं में जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।
9 दिनों में पीएम का पांचवां वीडियो संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले कुछ दिनों से लगातार वीडियो संदेशों के माध्यम से विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बात रख रहे हैं। जंतर-मंतर विवाद पर जारी यह वीडियो पिछले नौ दिनों में उनका पांचवां सार्वजनिक वीडियो संदेश है। इससे पहले उन्होंने पेपर लीक कानून, युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था जैसे विषयों पर भी अपने विचार साझा किए थे।
इंस्टाग्राम पर साझा किए गए इस वीडियो को जारी होने के कुछ ही समय में लाखों लोगों ने देखा और बड़ी संख्या में लाइक व शेयर किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह संदेश युवाओं को संयम, संवाद और सकारात्मक सोच का संदेश देने की कोशिश है।
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