कोयला पेंशन में फिलहाल नहीं मिलेगा बड़ा तोहफा, सरकार ने कहा- ₹1000 न्यूनतम पेंशन ही रहेगी लागू

Coal Pension Scheme 2026: केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि कोयला खान पेंशन योजना-1998 में फिलहाल कोई नया संशोधन नहीं होगा। न्यूनतम पेंशन ₹1000 रहेगी और 4.81 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को इसका लाभ मिल रहा है।

कोयला पेंशन में फिलहाल नहीं मिलेगा बड़ा तोहफा, सरकार ने कहा- ₹1000 न्यूनतम पेंशन ही रहेगी लागू
कोयला पेंशन योजना पर सरकार का साफ संदेश।

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      HighLights:

  • कोयला खान पेंशन योजना-1998 में फिलहाल कोई नया संशोधन नहीं होगा
  • न्यूनतम मासिक पेंशन पहले ही बढ़ाकर ₹1000 की जा चुकी है
  • देशभर में 4.81 लाख से अधिक पेंशनभोगी इस योजना का लाभ ले रहे हैं
  • 515 पेंशनभोगियों को हर महीने ₹10,000 से अधिक पेंशन मिल रही है

कोलकाता (Threesocieties.com Desk): : देशभर के कोयला क्षेत्र के लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा लेकिन स्पष्ट संदेश दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि कोयला खान पेंशन योजना-1998 (Coal Mines Pension Scheme-1998) में फिलहाल किसी प्रकार का नया संशोधन या बड़ा बदलाव प्रस्तावित नहीं है। इसका मतलब यह है कि न्यूनतम पेंशन में तत्काल कोई और वृद्धि या नई सुविधाओं की घोषणा नहीं होने जा रही है।

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कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने 22 जुलाई 2026 को लोकसभा में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने वर्ष 2024 में ही न्यूनतम मासिक पेंशन बढ़ाकर ₹1000 कर दी थी, जिससे लाखों पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिला है। फिलहाल इसी व्यवस्था को जारी रखा जाएगा।

पहले ही बढ़ाई जा चुकी है न्यूनतम मासिक पेंशन

सरकार ने अपने जवाब में कहा कि 8 मार्च 2024 से कोयला खान पेंशन योजना-1998 के तहत मिलने वाली न्यूनतम मासिक पेंशन को बढ़ाकर ₹1000 किया गया था। इससे पहले कई पेंशनभोगियों को इससे भी कम राशि प्राप्त हो रही थी। सरकार का दावा है कि इस फैसले से हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों की न्यूनतम आय में सुधार हुआ है। यही कारण है कि फिलहाल न्यूनतम पेंशन में दोबारा बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

अधिकतम पेंशन की कोई सीमा तय नहीं

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कोयला खान पेंशन योजना के तहत अधिकतम पेंशन पर किसी प्रकार की सीमा निर्धारित नहीं की गई है। पेंशन की राशि कर्मचारी के— अंतिम वेतन, सेवा अवधि, पेंशन योग्य वर्षों तथा पेंशन फंड में किए गए अंशदान के आधार पर तय होती है। सरकार के अनुसार मई 2026 तक 515 पेंशनभोगियों को हर महीने ₹10,000 से अधिक पेंशन मिल रही है।

लोकसभा में उठी थी पेंशन बढ़ाने की मांग

संसद में कई सदस्यों ने कोयला खान पेंशन योजना में व्यापक सुधार, न्यूनतम पेंशन बढ़ाने, महंगाई राहत (डीआर) लागू करने तथा पुराने पेंशनभोगियों को राहत देने की मांग उठाई थी। इसके जवाब में सरकार ने कहा कि 31 मार्च 2022 तक पेंशन निर्धारण के लिए वेतन की कोई अधिकतम सीमा नहीं थी। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त मानी गई है और फिलहाल किसी व्यापक संशोधन की आवश्यकता महसूस नहीं की गई है।

लगातार बढ़ रही है पेंशनभोगियों की संख्या

कोयला खान भविष्य निधि संगठन (CMPFO) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार पेंशनभोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

माह                पेंशनभोगियों की संख्या

अप्रैल 2026                        4,78,949
मई 2026                           4,81,467
जून 2026                           4,81,468

इनमें सामान्य पेंशन, विकलांगता (Disablement Pension) तथा फैमिली पेंशन प्राप्त करने वाले लाभार्थी शामिल हैं।

पेंशनभोगियों की मांगें अब भी बरकरार

हालांकि सरकार ने फिलहाल किसी नए संशोधन से इनकार कर दिया है, लेकिन विभिन्न पेंशनभोगी संगठनों की मांगें अभी भी जारी हैं।

इनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं—

न्यूनतम पेंशन को ₹1000 से बढ़ाया जाए।
महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) लागू की जाए।
वर्ष 1998 से लंबित पेंशन संशोधन किया जाए।
पुराने पेंशनभोगियों को अतिरिक्त आर्थिक राहत दी जाए।

सरकार के ताजा जवाब से स्पष्ट है कि फिलहाल इन मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

सरकार का संदेश साफ

केंद्र सरकार का कहना है कि वर्ष 2024 में न्यूनतम पेंशन बढ़ाने का महत्वपूर्ण फैसला पहले ही लिया जा चुका है और वर्तमान व्यवस्था के तहत लाखों पेंशनभोगियों को लाभ मिल रहा है। इसलिए निकट भविष्य में कोयला खान पेंशन योजना-1998 में किसी बड़े संशोधन या नई राहत की संभावना फिलहाल नहीं दिखाई देती।

हालांकि, पेंशनभोगी संगठनों का आंदोलन और उनकी मांगें जारी हैं। ऐसे में आने वाले समय में यदि सरकार इस विषय पर पुनर्विचार करती है, तो लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नई राहत मिल सकती है।