धनबाद: बिहार के पीएचईडी मिनिस्टर विनोद नारायण झा ने कहा बीजेपी की गर्वमेंट ने ही झारखंण्ड में मैथिली भाषा को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया है. आजादी के बाद बीते 50 से 60 सालो में यूपीए के शासनकाल में मैथली समाज को कोई सम्मान नहीं मिला.अटल बिहारी वाजपेयी की गर्वमेंट ने मैथली भाषा को संविधान की अष्टम अनुसूची में दर्ज दिया. श्री झा धनबाद में प्रेस कांफ्रेस में बोल रहे थे.मौके पर झारखंण्ड के लेबर मिनिस्टर राज पलिवार , बार कॉन्सिल ऑफ़ इंडिया के प्रशांत सिंह, बीजेपी जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह समेत अन्य मौजूद थे.
बिनोद नारायण झा ने धनबाद से कांग्रेस कैंडिडेट कीर्ति झा आजाद पर निशाना साधते हुए उन्हें बाहरी बताया. श्री झा ने कहा कि कीर्ति झा जहां जहां जाते है वही का निवासी बताते है. वह झूठा है. धनबााद में उनकी हार तय है. हारकर वह 23 मई के बाद वह दिल्ली लौट जायेंगे. वह कीर्ति झा आजाद को वर्ष 1993 से जनते हं. दिल्ली में कीर्ति झा आजाद बीजेपी के टिकट पर वर्ष 1993 में चुनाव लड़े और एमएलए बने. दिल्ली में कीर्ति ने उस वक्त भी कहा था कि उनकी जन्म भूमि दिल्ली रही है इसलिए दिल्ली का निवासी हूं. दिल्ली में साल 1999 में चुनाव हारने के बाद कीर्ति झा दरभंगा आये. दरभंगा आने पर वहा की जनता से उन्होंने कहा कि 500 वर्ष पहले उनके पुरखे माइग्रेट करके गोड्डा गये थे.अब पुनः घर वापसी हुई है. अब दरभंगा में रहकर मिथिलावासियो की सेवा करनी है.आज इस कोयलांचल के मिथिलावासियो को झटका तब लगा जब 2019 के इस चुनाव में धनबाद आकर उन्होंने स्वंय ही कह दिया है कि वे मिथिलावासी नहीं झारखंडी है.कीर्ति झा को यह मालूम होना चाहिए की जिसकी जो कर्मभूमि होती है वही उनकी भूमि होती है. इस तरह चुनाव के समय आकर यह कहना की वे झारखंडी है इससे कुछ साबित नहीं होता है.
बिनोद नरायण झा ने कहा कि बीजेपी कैंडिडेट पीएन सिंह का कर्मभूमि धनबाद है. श्री सिंह ने वार्ड कमिश्नर से लेकर एमपी तक का सफर तय किया है. पीएन सिंह ने अपने कार्यकाल में उन्होंने इस धनबाद जिले में अनेको विकास के कार्य किये है.कोयलांचल के मिथलांचल वासी पीएन सिंह के साथ है. कोई दूसरा अगर मिथलावासियो को अपना वोट बैंक समझ रहा है तो वह उनकी भूल है. उसे मुंह की खानी पड़ेगी.उन्होंने कहा मोदी सरकार के पांच साल बेमिसाल है. इसी का परिणाम है कि इस 2019 में अबतक जितने चरण के चुनाव हुए है वहां एक मात्र नरेंद्र मोदी के नाम की लहर दौड़ रही है और वह सुनामी में परिवर्तित हो रही है. पुनः नरेंद्र मोदी पीएम बने इसको लेकर भाजपा के एक एक कार्यकर्ता दमखम के साथ जुटे है. जनता भी मन बना चुकी है. चुनाव के समय विपक्ष महंगाई , भ्र्ष्टाचार को मुद्दा बनाती है. आज यह मुद्दा भी विपक्ष के पास नहीं है. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में चौमुखी विकास हुआ है.