बिहार: एक्स सेंट्रल मिनिस्टर रघुवंश प्रसाद सिंह पंचतत्व में विलीन, छोटे पुत्र ने दी मुखाग्नि, अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़

एक्स सेंट्रल मिनिस्टर व समाजवादी लीडर डॉक्टर रघुवंश प्रसाद सोमवार को पंचतत्व में विलीन हो गये। वैशाली जिले के महनार के हसनपुर घाट पर राजकीय सम्मान के उनकी अंत्येष्टि संपन्न हुई।  उनके छोटे बेटे शशि शेखर ने मुखाग्नि दी।

बिहार: एक्स सेंट्रल मिनिस्टर रघुवंश प्रसाद सिंह पंचतत्व में विलीन, छोटे पुत्र ने दी मुखाग्नि, अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़

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पटना। एक्स सेंट्रल मिनिस्टर व समाजवादी लीडर डॉक्टर रघुवंश प्रसाद सोमवार को पंचतत्व में विलीन हो गये। वैशाली जिले के महनार के हसनपुर घाट पर राजकीय सम्मान के उनकी अंत्येष्टि संपन्न हुई।  उनके छोटे बेटे शशि शेखर ने मुखाग्नि दी। अंत्येष्टि में बिहार के सूचना मंत्री नीरज कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता एवं कार्यकर्ताओं के अलावा समाजसेवी और लोकल लोग शामिल हुए। 

हसनपुर घाट पर दोपहर बाद से ही अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। लोगों ने अपने जनप्रिय नेता के पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाकर नमन किया। अंत्येष्टि में जिला प्रशासन के सीनीयर अफसर और पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। 
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जन सैलाब


डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह का पार्थिव शरीर सोमवार को महुआ आते ही उनके अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। उनका पार्थिव शरीर जैसे ही पहुंचा लोगों ने  गगनभेदी नारे लगाये। जब तक सूरज चांद रहेगा रघुवंश सिंह का नाम रहेगा। जहां-जहां से रघुवंश बाबू की शव यात्रा गुजरी, वहां उनके अंतिम दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। 

अंतिम यात्रा में लालगंज में एमएलए राजकुमार साह, एक्स एमएलए विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला सहित बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हेंम श्रद्धांजलि दी। सड़क के दोनों किनारे काफी संख्या में लोग खड़े थे।वैशाली में सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह, लालगंज के एक्स एमएलए  केदार प्रसाद, ड. वसंत कुमार, वैशाली प्रखंड प्रमुख हेमंत कुमार सिंह, एक्स मिनिस्टर अजित कुमार, एक्स एमएलए राजू सिंह, अवधेश सिंह, बीजेपी की ललिता देवी कुशवाहा, हरेन्द्र राय सहित बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने श्रद्धांजलि दी। वैशाली जिले के बेलसर बाजार, फतहपुर और साइन गांव से होकर गुजरता काफिला शाहपुर पहुंचा। इसके बाद पार्थिव शरीर महनार के हसनपुर तीनमुहानी गंगा घाट ले जाया गया।