धनबाद लोक अदालत में 15.67 अरब के विवाद निपटे, 1.66 अरब की संपत्ति बांटी

धनबाद नेशनल लोक अदालत में 15.67 अरब रुपये के विवादों का निपटारा हुआ। 1.63 लाख मामलों का ऑनस्पॉट निष्पादन और 1.66 अरब की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।

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     HighLights:

  • नेशनल लोक अदालत में 15 अरब 67 करोड़ 25 लाख 20 हजार 215 रुपये के विवादों का निपटारा
  • दोपहर दो बजे तक 2 लाख 72 हजार 696 विवादों का निस्तारण किया गया
  • 1 लाख 63 हजार 441 मामलों का ऑनस्पॉट निष्पादन हुआ
  • 1 अरब 66 करोड़ 34 लाख 63 हजार रुपये की परिसंपत्तियों और नियुक्ति पत्र का वितरण

धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, धनबाद की ओर से बीसीसीएल सामुदायिक भवन, कोयला नगर में एक दिवसीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में बड़ी संख्या में विभिन्न प्रकार के विवादों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इस दौरान कुल 15 अरब 67 करोड़ 25 लाख 20 हजार 215 रुपये के विवादों का निपटारा हुआ।

कार्यक्रम में झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, बीसीसीएल और न्यायिक पदाधिकारियों की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।

1.63 लाख मामलों का ऑनस्पॉट निष्पादन

नेशनल लोक अदालत के दौरान दोपहर दो बजे तक कुल 2 लाख 72 हजार 696 विवादों का निस्तारण किया गया। इनमें से 1 लाख 63 हजार 441 मामलों का ऑनस्पॉट निष्पादन किया गया। लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न मामलों का त्वरित समाधान करते हुए संबंधित पक्षों को राहत प्रदान की गई। इस अवसर पर कुल 1 अरब 66 करोड़ 34 लाख 63 हजार रुपये की परिसंपत्तियों तथा नियुक्ति पत्रों का वितरण भी किया गया। इससे लंबे समय से लंबित मामलों में लोगों को राहत मिली।

दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण के डिप्टी सेक्रेटरी अभिषेक कुमार ने स्वागत भाषण दिया। वहीं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

संविधान प्रदत्त अधिकारों को जन-जन तक पहुंचाना उद्देश्य

नेशनल लोक अदालत में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना इस तरह के कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन समेत अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लोगों को न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में अनावश्यक विवादों से बचने की जरूरत है। विवादों को आपसी समझ और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से जल्द सुलझाया जाना चाहिए, ताकि लोगों को लंबे समय तक मुकदमों में उलझना न पड़े।

30 दिनों में मुआवजा विवादों के निस्तारण पर जोर

न्यायाधीश ने मुआवजा संबंधी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि मुआवजा संबंधी विवादों का निस्तारण 30 दिनों के भीतर करने की दिशा में प्रभावी प्रयास होना चाहिए, ताकि पीड़ित और लाभुक लंबे समय तक अपने अधिकार के लिए इंतजार न करें।

युवाओं को नशे से बचाना समाज की जिम्मेदारी

न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद ने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए नशे के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षित करना आज की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। युवाओं को नशे की चपेट में आने से रोकना होगा। उन्होंने कहा कि नशे का असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे पूरा परिवार और समाज प्रभावित होता है। इसलिए लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है।

डीसी ने गिनाईं लोक अदालत में मिली सुविधाएं

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने कहा कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और लंबित मामलों का लाभ दिलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लाभुकों को इंश्योरेंस कंपेंसेशन, दिव्यांग बच्चों के लिए एआई विजन ग्लास, हियरिंग एड और व्हीलचेयर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण से जुड़े वर्षों से लंबित मुआवजा मामलों का भी समाधान किया जा रहा है। डीसी ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों (SHG) को चार करोड़ रुपये से अधिक का क्रेडिट, सोलर पंप का वितरण, वेदव्यास आवास योजना के तहत पक्के मकान तथा 286 लाभुकों को साइकिल और टूल्स सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

2000 से अधिक सहिया दीदियों को किट

जिले में उपलब्ध डीएमएफटी राशि से 2000 से अधिक सहिया दीदियों को किट उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे उन्हें क्षेत्र में स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके अलावा विद्यालयों में यूटेंसिल किट सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से लाभुकों को करीब 8.24 करोड़ रुपये का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने अधिक से अधिक वंचित लोगों को संस्थागत तरीके से सरकारी योजनाओं और न्याय का लाभ दिलाने का मार्गदर्शन दिया है। जिला प्रशासन इसी दिशा में लगातार काम करेगा।

कई अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण के डिप्टी सेक्रेटरी अभिषेक कुमार, उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल समेत कई न्यायिक पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

नेशनल लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों के त्वरित निस्तारण और विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने से लोगों को राहत मिली। कार्यक्रम ने न्यायिक प्रक्रिया को आसान और आम लोगों तक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।