DHANBAD NEWS: डीएमसी-आइआइटी आइएसएम टाउन के लिए जीआइएस से मास्टर प्लान बनायेगा, BCCL को 216 करोड़ रुपये का प्रोफीट, सीआइएसएफ बहाली में जाली कैंडिडेट पकड़ाया

डीएमसी के साथ मिलकर आइआइटी आइएसएम शहर के लिए मास्टर प्लान बनायेगा, मेयर ने की बैठक धनबाद:डीएमसी (धनबाद म्यूनिशिपल कॉरपोरेशन) के साथ मिलकर आइआइटी आइएसएम टाउन के लिए जियोग्राफिकल इन्फार्मेशन सिस्टम (जीआइएस) के जरिए मास्टर प्लान बनायेगा. इसके लिए भारतीय अनुसंधान अंतरिक्ष संगठन (इसरो) से संबद्ध संस्था नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर की भी मदद ली जायेगी. IIT-ISM सेटेलाइट इमेज से मास्टर प्लान तैयार करेगी. इसमें उन्हीं स्थानों को चिन्हित किया जाएगा, जहां पर रिक्त भूमि होगी. नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर हैदराबाद द्वारा सेटेलाइट इमेज तैयार की जायेगी. इसके तहत सेटेलाइट इमेज यानी जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम मैपिंग के आधार पर प्लान तैयार करने का काम किया जायेगा.सेटेलाइट इमेज से प्लान में शहर का सही आकार भी पता चल सकेगा. किस तरीके से विकास कार्य होंगे, इसका खाका आसानी से बनाया जा सकेगा. प्लानिंग को लेकर शुक्रवार को आइआइटी आइएसएम के एडमिन ब्लॉक में आइआइटी के डायरेक्टर प्रो.राजीव शेखर, मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, डीन आर एंड डी और प्रो.धीरज कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों की बैठक हुई. जीआइएस ऐसे करेगा काम मास्टर प्लान इस बार जीआइएस बेस्ड होगा.जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम (जीआइएस) बेस्ड सेंट्रलाइज्ड मास्टर प्लान पूरी तरह से नये टेकनीक से लैस है. लोग घर बैठे ऑनलाइन जमीन का प्रकार और इसका प्रयोग जांच सकेंगे. जमीन की जानकारी के लिए डीएमसी ऑफिस आने की भी जरुरत नहीं होगी. नया मास्टर प्लान सेटेलाइट इमेजिंग सर्वे पर आधार होगा. इसके लिए सेंट्रल की ओर से इसरो की सहायक नेशनल रिमोट सेंसिंग एजेंसी (एनआरएसए) से आंकड़ा लिया जायेगा. मास्टर प्लान में आवासीय, इंडस्ट्रियल एरिया, ग्रीन बेल्ट के साथ अन्य सभी क्षेत्रों को चिह्नित किया जायेगा. संबंधित जमीन के नीचे माइंस है या नहीं, आवागमन का साधन, पानी की स्थिति आदि भी इससे पता चल सकेगा. BCCL को 216 करोड़ रुपये का प्रोफीट धनबाद:सीआइएल बोर्ड ने पहले समाप्त तिमाही में समेकित लाभ में 22.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 4,629.87 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की है. यह मुख्य रूप से उच्च आय पर है. कोल इंडिया लिमिटेड ने बीएसई को कहा कि कंपनी ने एक साल पहले की अवधि में 3,786.44 करोड़ रुपये का समेकित लाभ किया था.बीसीसीएल की इस बार पहली तिमाही में 33 करोड़ रुपये टैक्स भरने के बाद 216 करोड़ का प्रोफीट हुआ है. बीसीसीएल वर्ष 2018 -2019 में पहली तिमाही 243 करोड़ रुपये के घाटे में थी. सीआइएल की समेकित आय वर्ष-पूर्व अवधि में 25,359.30 करोड़ रुपये से बढ़कर 26,089.20 करोड़ रुपये हो गयी है. सीआइएल का तिमाही में कुल खर्च 19,077.44 करोड़ रुपये रहा. यह पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 19,272.43 करोड़ रुपये था. अप्रैल-जून तिमाही में कोल प्रोडक्शन 136.94 मिलियन टन रहा, जबकि एक साल पहले की अवधि में यह 136.85 मीट्रिक टन था.अप्रैल-जून की अवधि में कंपनी की बढ़त 153.49 मीट्रिक टन रही. यह एक साल पहले 153.47 मीट्रिक टन थी. एक स्टैंडअलोन आधार पर, अप्रैल-जून तिमाही में सीआईएल का लाभ एक साल पहले की अवधि में 68.21 करोड़ रुपये से बढ़कर 83.23 करोड़ रुपये हो गया. जून तिमाही के दौरान स्टैंडअलोन की आय 282.77 करोड़ रुपये थी, जो कि एक साल पहले की अवधि में 282.65 करोड़ रुपये थी. सीआइएसएफ बहाली में जाली कैंडिडेट पकड़ाया धनबाद:बीसीसीएल नेहरू कंपलेक्स ग्राउंड में सीआइएसएफ जवानों की बहाली में शुक्रवार को एक युवक दूसरे के आवेदन पर फिजीकल टेस्ट में शामिल होने के संदेह में पकड़ा गया. आवेदन पर उसकी फोटो तथा हस्ताक्षर का मिलान नहीं होने से सीआइएसएफ अफसरों ने कैडिडेट रोहित कुमार सिंह को पकड़कर सरायढेला पुलिस को सौंप दिया. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. रोहित कुमार सिंह केंदुआडीह का रहनेवाला है. बताया जाता है कि रोहित दूसरे के नाम पर फर्जी तरीके से सीआइएसएफ की दौड़ परीक्षा में शामिल होने आया था. सीआइएसएफ के अस्टिटेंट कमांडेट ने सरायढेला पुलिस में इसकी कंपलेन की है.