धनबाद ED Raid: कोयला कारोबारियों की डायरी में 25 अफसरों तक 'मंथली पेमेंट' का हिसाब!
धनबाद में ED की छापेमारी के दौरान कोयला कारोबारियों के ठिकानों से कथित तौर पर 25 अधिकारियों को दिए जाने वाले मासिक भुगतान का हिसाब-किताब मिला है। दस्तावेजों में नाम की जगह पदनाम दर्ज हैं। जांच में 160 करोड़ रुपये के निवेश, 200 से अधिक सेल डीड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं।
HighLights:
- ED को छापेमारी में 25 अधिकारियों को कथित भुगतान का हिसाब-किताब मिला
- दस्तावेजों में नाम नहीं, केवल पदनाम दर्ज होने की जानकारी
- छोटे पद के आगे 20 से 50 हजार, बड़े पद के आगे लाखों रुपये का उल्लेख
- पुलिस के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों के पदनाम भी सूची में शामिल
रांची/धनबाद(Threesocieties.com Desk): झारखंड में अवैध कोयला कारोबार की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) को हालिया छापेमारी के दौरान कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें जांच के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, कोयला कारोबारियों के विभिन्न ठिकानों से बरामद दस्तावेजों में करीब 25 अधिकारियों को कथित तौर पर हर महीने किए जाने वाले भुगतान का हिसाब-किताब दर्ज मिला है।
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बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों में किसी भी अधिकारी का नाम नहीं लिखा गया है, बल्कि केवल पदनाम का उल्लेख किया गया है। इनमें पुलिस विभाग के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों के पद भी शामिल बताए जा रहे हैं।
28 जुलाई की छापेमारी में मिले कई अहम दस्तावेज
गौरतलब है कि 28 जुलाई को ED ने धनबाद में डिप्टी मेयर अरुण चौहान, उनके भाई हरेंद्र चौहान, चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह के साले रंजीत कुमार सिंह, महेंद्र सिंह, रोहित यादव, गणेश यादव, माधव सिंह समेत कई लोगों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी।
इस कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी को पहले ही: करीब 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश, 200 से अधिक सेल डीड, नामी और बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद होने की जानकारी सामने आ चुकी है।
छोटे पद के आगे हजारों, बड़े पद के आगे लाखों की रकम
सूत्रों के मुताबिक, बरामद दस्तावेजों में भुगतान की राशि भी पद के अनुसार अलग-अलग दर्ज है। छोटे स्तर के पदों के सामने 20 हजार से 50 हजार रुपये तक की राशि दर्ज है। वरिष्ठ पदों के सामने लाखों रुपये तक का उल्लेख किया गया है। हालांकि दस्तावेजों में यह नहीं लिखा गया है कि यह राशि किस उद्देश्य से दी जाती थी। जांच एजेंसी इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है।
दूसरे जिलों के अधिकारियों के पदनाम भी होने का दावा
सूत्र बताते हैं कि दस्तावेजों में केवल धनबाद ही नहीं बल्कि अन्य जिलों के पुलिस और प्रशासनिक पदों का भी उल्लेख है। जांच एजेंसी इस संभावना पर भी काम कर रही है कि: अवैध कोयला कारोबार का नेटवर्क कई जिलों तक फैला हो सकता है। कोयले के परिवहन मार्ग में कथित संरक्षण के लिए अलग-अलग स्थानों पर भुगतान किया जाता रहा हो। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सरकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्टें भी मिलीं
ED को छापेमारी के दौरान कुछ सरकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्टें भी मिलने की जानकारी है। इन रिपोर्टों में कथित अवैध कोयला कारोबार से संबंधित सूचनाएं और कुछ कारोबारियों के नाम दर्ज बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इन रिपोर्टों में कई स्थानीय कारोबारियों का उल्लेख है, जबकि बड़े और चर्चित कोयला कारोबारियों के नाम अपेक्षाकृत कम दिखाई देते हैं। अब ED इन दस्तावेजों का मिलान अन्य साक्ष्यों और डिजिटल रिकॉर्ड से कर रही है।
जांच आगे बढ़ने के साथ खुल सकते हैं और राज
ED फिलहाल जब्त दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों, बैंकिंग रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रही है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ अवैध कोयला कारोबार के नेटवर्क, कथित वित्तीय लेन-देन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका पर और जानकारी सामने आ सकती है। हालांकि जांच एजेंसी की ओर से इस कथित भुगतान सूची या उससे जुड़े अधिकारियों के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति की भूमिका कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी।




