पश्चिम बंगाल : अस्सलाम वालेकुम वीडियो पर विवाद, IPS बुशरा बानो का खड़गपुर से ट्रांसफर
IPS बुशरा बानो का खड़गपुर से ट्रांसफर कर राज्य सशस्त्र पुलिस की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट बनाया गया। जानिए ‘अस्सलाम वालेकुम’ वीडियो विवाद और बुशरा बानो की UPSC से IPS बनने तक की पूरी कहानी।
HighLights:
- IPS अधिकारी बुशरा बानो का खड़गपुर से तबादला
- राज्य सशस्त्र पुलिस की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट बनीं
- UPSC अभ्यर्थियों के लिए जारी वीडियो पर हुआ था विवाद
- वीडियो में ‘अस्सलाम वालेकुम’, ‘इंशाअल्लाह’ और ‘जजाकल्लाह’ शब्दों का इस्तेमाल
कोलकाता (Threesocieties.com Desk): पश्चिम बंगाल की 2021 बैच की IPS अधिकारी और खड़गपुर की एडिशनल एसपी डॉ. बुशरा बानो का तबादला कर दिया गया है। उन्हें राज्य सशस्त्र पुलिस (SAP) की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट नियुक्त किया गया है। यह तबादला ऐसे समय हुआ है, जब UPSC अभ्यर्थियों के लिए जारी उनके एक वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद चल रहा था। हालांकि, सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि तबादले का सीधा कारण वीडियो विवाद है।
यह IPS ऑफिसर बुशरा बानो हैं;
— ???????????????????? ???? (@ShivainSaffron) September 13, 2026
यह पुलिस की वर्दी में अपने इस्लामिक भाई बहनों को संबोधित कर रही है,
अस्सलाम वालेकुम से शुरुआत हुई
इंशाअल्लाह तक पहूंच गई
जजाकल्लाह से समाप्ति
अब आप सोचिए ये वर्दी में ईमानदारी से अपने इस्लाम को निभा रही है, तो हिंदुओं के प्रति इसका सोच क्या होगा.!! pic.twitter.com/g7P4HJ9NuX
बुशरा बानो के साथ पश्चिम बंगाल पुलिस सर्विस के दो अधिकारियों की भी नई पोस्टिंग की गई है। पार्थ घोष को खड़गपुर का नया एडिशनल एसपी बनाया गया है, जबकि सुभेंदु मंडल को चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट में एडिशनल डिप्टी कमिश्नर की जिम्मेदारी दी गई है।
‘अस्सलाम वालेकुम’, ‘इंशाअल्लाह’ से क्यों शुरू हुआ विवाद?
बुशरा बानो का एक वीडियो 13 सितंबर को सामने आया था, जिसमें उन्होंने UPSC की तैयारी और सिविल सेवा में अपने सफर के बारे में बताया। वीडियो में उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी से मिली मदद का भी जिक्र किया था।वीडियो की शुरुआत उन्होंने ‘अस्सलाम वालेकुम’ से की और बातचीत के दौरान ‘इंशाअल्लाह’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। वीडियो के अंत में ‘जजाकल्लाह’ कहने की बात भी सामने आई। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि उन्होंने ‘जय हिंद’ या ‘वंदे मातरम’ का इस्तेमाल क्यों नहीं किया।
इस मामले में ‘हिंदू लीगल फंड’ नाम के संगठन ने पश्चिम बंगाल के गृह सचिव से शिकायत करने का दावा किया। संगठन ने सार्वजनिक बयान में धार्मिक अभिवादन और राष्ट्रीय अभिवादन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए और कार्रवाई की मांग की।
कौन हैं IPS बुशरा बानो?
बुशरा बानो पश्चिम बंगाल कैडर की 2021 बैच की IPS अधिकारी हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के सौरिख गांव की रहने वाली है। बुशरा बानो चार साल की उम्र में ही वह दूसरी कक्षा में थीं। वह हर क्लास में अव्वल आती थीं और उन्होंने गणित में BSc की पढ़ाई तब पूरी की, जब गांव में लड़कियों की शिक्षा को लेकर जागरूकता बहुत कम थी। बाद में, उन्होंने MBA किया। 20 साल की उम्र से पहले ही उन्होंने अपनी पोस्ट-ग्रेजुएशन पूरी कर ली थी।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई बुशरा बानो ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट में PhD के लिए एडमिशन लिया। अगले साल, उन्होंने NET-JRF परीक्षा पास कर ली। अपनी रिसर्च के साथ-साथ, उन्होंने पढ़ाना भी शुरू किया और आगरा के एक प्राइवेट इंस्टिट्यूट में लेक्चरर के तौर पर काम किया। इसी दौरान उनकी शादी सऊदी अरब की जाज़ान यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर असमर हुसैन से हुई।
शादी के बाद, वह सऊदी अरब चली गईं और खुद भी उसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाने लगीं। चाार साल बाद लौटीं भारत सऊदी अरब में चार साल बिताने के बाद बुशरा बानो ने एक बड़ा फैसला लिया। अपनी नौकरी छोड़ दी और भारत लौट आई। यह आसान नहीं था। उनके पति सऊदी अरब में ही काम करते रहे। तब तक वह एक बेटे की मां बन चुकी थी। भारत लौटने के बाद, उन्होंने पोस्ट-डॉक्टरल प्रोग्राम जॉइन किया और सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी भी शुरू कर दी।
दो बार UPSC पास कर बनीं IPS
बुशरा बानो का UPSC सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने पहली बार 2018 में सिविल सेवा परीक्षा पास की और 277वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की। उन्हें इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस आवंटित हुई थी। इसके बाद उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और 234वीं रैंक हासिल की। दूसरी कोशिश में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए हुआ और उन्हें पश्चिम बंगाल कैडर मिला। पुलिस सेवा में शामिल होने से पहले, उन्होंने उत्तर प्रदेश के फ़िरोज़ाबाद में सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट (SDM) के तौर पर भी काम किया। UPSC इंटरव्यू के समय वह गर्भवती थीं और उनके पेट में उनका दूसरा बच्चा था। इसके बाद उन्होंने फिर से परीक्षा दी और 234वीं रैंक हासिल की, जिससे उनका चयन इंडियन पुलिस सर्विस के लिए हुआ।
हुगली रूरल से खड़गपुर तक का सफर
बुशरा बानो की पुलिस सेवा की शुरुआत पश्चिम बंगाल के हुगली रूरल में ASP के रूप में हुई थी। जून 2026 में उन्हें प्रमोशन देकर एडिशनल एसपी बनाया गया और उनकी पोस्टिंग खड़गपुर में हुई थी। अब खड़गपुर में अपेक्षाकृत कम समय रहने के बाद उनका तबादला राज्य सशस्त्र पुलिस की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट के पद पर कर दिया गया है।
वीडियो विवाद और तबादले का टाइमिंग चर्चा में
बुशरा बानो के तबादले और वीडियो विवाद के बीच टाइमिंग को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कई रिपोर्टों ने दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध की ओर संकेत किया है, लेकिन उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में सरकार ने यह नहीं कहा है कि वीडियो विवाद ही तबादले की वजह है। इसलिए इसे सीधे ‘वीडियो के कारण ट्रांसफर’ कहना फिलहाल सावधानी के बिना उचित नहीं होगा।
फिलहाल मामला सोशल मीडिया से निकलकर प्रशासनिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बन चुका है। एक तरफ शिकायत में आधिकारिक संचार में धार्मिक अभिव्यक्तियों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ बुशरा बानो के समर्थक उनके वीडियो को उनके निजी अनुभव और UPSC सफर साझा करने वाला प्रेरक संदेश मान रहे हैं।
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