धनबाद: मुनीडीह कोल वाशरी में सीलिंग में दबकर श्रमिक की मौत, हंगामा,आश्रित को नियोजन व मुआवजा

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धनबाद:

बीसीसीएल की मुनीडीह वाशरी में हुक मैन के पोस्ट पर कार्यरत कामेश्वर साव की सीलिंग में दबकर मौत हो गयी. कामेश्वर की मौत से आक्रोशित श्रमिकों ने हंगामा किया. घटना के लिए मैनमेंट को जिम्मेवार ठहराया.यूनियन नेताओं के साथ मैनेजमेंट की वार्ता में कामेश्वर के आश्रितों को नौकरी व मुअवाज देने पर सहमति बनी. वार्ता में एक्स मिनिस्टर मो मन्नान मल्लिक, दी झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के लीडर एके सहाय समेत अन्य शामिल थे. श्री सहाय ने आरोप लगाया है कि मजदूर की मौते लिए बीसीसीएल के अफसर जिम्मेवार हैं. मुनीडीह कोल वाशरी वर्ष 1982 में बना था, तबसे इसके मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ खिलवाड़ किया गया. यह वाशरी पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है. यहां काम करना दुर्घटना को आमंत्रित करना है. कामेश्वर ट्रॉली जिसमें कोयला लदा था उससे वो कोयला निकाल ही रहा था कि तभी ऊपर से कोयला सहित पूरा चुट यानि सीलिंग ही गिरा जिसमें दबकर उसकी मौत हो गई.कामेश्वर साव कोलियरी से वाशरी में बदलकर आया था.मुनीडीह कोल वाशरी में उसके कार्य का आज पहला दिन था.होलीडे में कामेश्वर के सेकेंड शिफ्ट ड्यूटी मिली थी.वह शाम के लगभग सात बजे अपने कोल वाशरी कोयले को ट्रॉली से उतारने यहाँ पहुंचा थे. कामेश्वर के साथ वहां पांच कर्मी मौजूद थे. तीन ऊपर की ओर खड़े थे और दो मृतक कामेश्वर साव और उसका सहयोगी हराधन महतो ट्रॉली के नीचे वहां की स्थिति जानने के लिए खड़े थे. दोनों वहां की स्थिति का जायजा ले ही रहे थे. अचानक उपर से कामेश्वर साव के पर ट्रॉली जिस छज्जे के ऊपर खड़ा था वो भरभरा कर गिर गया. दबकर कामेश्वर साव की मौके ही मौत हो गई. वहां अफरातफरी मच गयी. बड़ी संख्या में मजदूर व यूनियन लीडर पहुंचे. कामेश्वर के परिजन भी वहां पहुंचे. मुनीडीह ओपी पुलिस भी वहां पहुंच गयी. परिजन के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया.