HighLights:
- बंगाल STF ने दो अलग-अलग ऑपरेशन में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया
- जामुड़िया और पांडवेश्वर से कुल 38 अवैध आग्नेयास्त्र बरामद
- हथियारों के साथ 122 कारतूस और दो खाली मैगजीन जब्त
- बीरभूम के मुरारई में 1150 जिलेटिन की छड़ें और 1064 डेटोनेटर जब्त
कोलकाता (Threesocieties.com Desk): पश्चिम बंगाल में अवैध हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई की है। STF ने दो अलग-अलग अभियानों में भारी मात्रा में अवैध हथियार, कारतूस और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। कार्रवाई के दौरान कुल 38 अवैध आग्नेयास्त्र, 122 कारतूस, 1150 जिलेटिन की छड़ें और 1064 डेटोनेटर जब्त किए गए हैं। इन मामलों में चार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
STF की इस कार्रवाई से पश्चिम बंगाल में सक्रिय अवैध हथियारों और विस्फोटकों की सप्लाई के नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में बिहार के मुंगेर से हथियार लाकर पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में आपूर्ति किए जाने की आशंका सामने आई है। वहीं बीरभूम में पकड़े गए विस्फोटकों के मामले में झारखंड और बिहार तक सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है।
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STF के एसपी सिद्धार्थ दापोला ने दुर्गापुर में पत्रकारों को बताया कि जामुड़िया और पांडवेश्वर में चलाए गए अभियान में 38 अवैध बंदूकें और 122 कारतूस बरामद किए गए। दूसरी ओर, बीरभूम के मुरारई थाना क्षेत्र में छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में जिलेटिन और डेटोनेटर जब्त किए गए हैं।
खेतों और परित्यक्त आवास में छिपाकर रखे गए थे हथियार
STF के अनुसार, अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े मामले में जामुड़िया थाना में 31 जुलाई 2026 को केस नंबर 310/26 दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी मिली। जांच में सामने आया कि 30 जुलाई को बेलबेद मोड़ से गिरफ्तार खैरुल आलम चौधरी उर्फ गदाई का कथित संबंध हथियार तस्करी के नेटवर्क से था। आशंका है कि इस गिरोह के सदस्य बिहार के मुंगेर से अवैध हथियार लाकर पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों में उनकी आपूर्ति करते थे।
इस मामले में चार अगस्त को झारखंड की राजधानी रांची से पांडवेश्वर के बहुला निवासी मोहम्मद समशेर हुसैन को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर नौ अगस्त को अंडाल थाना क्षेत्र में ईसीएल के एक परित्यक्त आवास की तलाशी ली गई। इस दौरान STF को 15 आग्नेयास्त्र, 57 कारतूस और दो खाली मैगजीन मिले। बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों ने हथियारों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी।
पांडवेश्वर के दानयो गांव में खेतों से मिले हथियार
हथियार तस्करी के मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए STF ने 26 अक्टूबर को पांडवेश्वर थाना क्षेत्र के डालुरबाद से शेख शाहजहां उर्फ सजाहान को गिरफ्तार किया। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर STF ने तीन और पांच नवंबर को पांडवेश्वर थाना क्षेत्र के दानयो गांव में लगातार तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान दक्षिण सामला कोलियरी के निकट कृषि भूमि में छिपाकर रखे गए हथियार बरामद किए गए। इनमें छह देशी लंबी बंदूकें, चार देशी पिस्तौल और 11 देशी एकनली पाइपगन शामिल हैं। इसके अलावा 8 एमएम के 47 और 7.65 एमएम के 18 कारतूस भी जब्त किए गए।
STF के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 38 अवैध आग्नेयास्त्र, 122 कारतूस और दो खाली मैगजीन बरामद की जा चुकी हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियार कहां से लाए गए थे और किन लोगों तक इनकी आपूर्ति की जानी थी।
बीरभूम में विस्फोटकों का बड़ा जखीरा, दो गिरफ्तार
हथियारों की बरामदगी के अलावा STF ने बीरभूम जिले में विस्फोटकों की अवैध सप्लाई के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर चार और पांच नवंबर की मध्यरात्रि में STF ने मुरारई थाना पुलिस के सहयोग से बारुआ गोपालपुर इलाके में छापेमारी की। इस दौरान मोहम्मद रेजा शेख उर्फ गुहा शेख (56) और मुकेश सिंह (49) को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।
जब्त सामग्री में शामिल हैं:
1150 जिलेटिन की छड़ें
1064 डेटोनेटर
बिजली के तार के 32 रोल
प्रत्येक रोल में 375 मीटर तार होने की जानकारी
इस प्रकार पुलिस ने विस्फोटकों के साथ बड़ी मात्रा में तार भी बरामद किए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में जिलेटिन और डेटोनेटर मिलने के बाद STF इस बात की जांच कर रही है कि इनका इस्तेमाल कहां किया जाना था और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
झारखंड और बिहार तक फैले नेटवर्क की जांच
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों की झारखंड और बिहार में अवैध रूप से विस्फोटकों के भंडारण और आपूर्ति में कथित संलिप्तता सामने आई है। इस मामले में मुरारई थाना में पांच नवंबर को केस नंबर 316/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4, 5 और 6 के तहत मामला दर्ज किया है। STF अब दोनों मामलों में हथियारों और विस्फोटकों की खरीद-बिक्री, भंडारण तथा सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे।
बंगाल से झारखंड-बिहार तक सुरक्षा एजेंसियों की नजर
दुर्गापुर, जामुड़िया और पांडवेश्वर में हथियारों की बरामदगी तथा बीरभूम में विस्फोटकों का बड़ा जखीरा मिलने के बाद अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। खास बात यह है कि एक मामले में बिहार के मुंगेर से हथियारों की आपूर्ति की आशंका जताई गई है, जबकि दूसरे मामले में झारखंड और बिहार तक विस्फोटकों के भंडारण और सप्लाई की जांच हो रही है।
हालांकि, अभी तक किसी बड़े हमले की योजना या बंगाल को दहलाने की साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। STF की जांच में ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।