Highlights:
- मुन्ना पाण्डेय हत्याकांड में कतरास पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया
- गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मिथुन गोप और सोनू कुमार राय उर्फ बजरंगी के रूप में हुई
- दशहरा पूजा के दौरान कमाए गए 15 से 20 हजार रुपये लूटने की थी योजना
- शराब पार्टी के बाद रुपये की तलाश में घर में घुसे थे दोनों आरोपी
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के कतरास थाना क्षेत्र में हुए चर्चित मुन्ना पाण्डेय हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। महज 15 से 20 हजार रुपये लूटने के इरादे से दो परिचितों ने शराब पार्टी के बाद मुन्ना पाण्डेय की बेरहमी से हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों मिथुन गोप और सोनू कुमार राय उर्फ बजरंगी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी मृतक के परिचित थे और अक्सर उनके साथ बैठकर शराब पीते थे। आरोपियों को जानकारी थी कि मुन्ना पाण्डेय ने दशहरा पूजा के दौरान अच्छी-खासी कमाई की है। इसी रकम को लूटने के लालच में दोनों ने हत्या की साजिश रची। शराब पार्टी के बहाने घर पहुंचे और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दे दिया।
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दशहरा की 15 से 20 हजार रुपये की कमाई पर थी नजर
कतरास थाना कांड संख्या 275/2026 के तहत दर्ज इस हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, धनबाद के निर्देश पर बाघमारा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने घटनास्थल से तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू की। अनुसंधान के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने मिथुन गोप और सोनू कुमार राय को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों की संलिप्तता सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या और लूट की साजिश से जुड़ी जानकारी दी। जांच में पता चला कि दोनों आरोपियों को मालूम था कि मुन्ना पाण्डेय ने दशहरा पूजा के दौरान लगभग 15 से 20 हजार रुपये कमाए हैं। दोनों की नजर इसी रकम पर थी। उन्होंने रुपये लूटने के इरादे से 28 अक्टूबर 2026 की रात मुन्ना पाण्डेय से शराब पार्टी करने की बात कही।
शराब पार्टी का खर्च भी मुन्ना पाण्डेय ने ही उठाया
इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जिन लोगों ने मुन्ना पाण्डेय की हत्या की, वे उनके परिचित थे। दोनों आरोपी अक्सर उनके साथ बैठकर शराब पीते थे। पुलिस के अनुसार, 28 अक्टूबर की रात भी दोनों आरोपी शराब पार्टी के बहाने मुन्ना पाण्डेय के पास पहुंचे। पार्टी के लिए शराब खरीदने का पैसा भी मुन्ना पाण्डेय ने ही दिया था। इसके बाद तीनों ने साथ बैठकर शराब पी। जब मुन्ना पाण्डेय अत्यधिक नशे में सो गए, तो दोनों आरोपियों ने घर में रखे रुपये तलाशने शुरू कर दिए। उनका मकसद दशहरा की कमाई को अपने कब्जे में करना था।
बर्तन गिरने की आवाज से खुली नींद, फिर कर दी हत्या
घर में रुपये तलाशने के दौरान अचानक कांसे का एक बर्तन गिर गया। बर्तन गिरने से तेज आवाज हुई और मुन्ना पाण्डेय की नींद खुल गई। अचानक सामने आई इस स्थिति से दोनों आरोपी घबरा गए। उन्हें डर था कि मुन्ना पाण्डेय उन्हें चोरी करते हुए पकड़ लेंगे। पुलिस के मुताबिक, पकड़े जाने के डर से दोनों ने मिलकर पहले टीवी के डिस केबल तार से मुन्ना पाण्डेय का गला घोंट दिया। इससे वह बेहोश हो गए। इसके बाद मिथुन गोप ने घर में रखे चाकू से उनका गला रेत दिया। इस तरह लूट की नीयत से शुरू हुई वारदात ने हत्या का खौफनाक रूप ले लिया। हत्या के बाद दोनों आरोपी घर से एलईडी टीवी, कांसे के बर्तन और मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए थे।
पुलिस ने टीवी, चाकू और खून से सने कपड़े किए बरामद
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की और उनकी निशानदेही पर चोरी तथा हत्या में इस्तेमाल सामान बरामद किया। पुलिस के अनुसार, बरामद सामान में शामिल हैं: मृतक के घर से चोरी किया गया सैमसंग कंपनी का एलईडी टीवी, कांसे की प्लेट, हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू, खून से सने कपड़े व काले रंग का डिस केबल तार। इन बरामद वस्तुओं को पुलिस ने मामले के अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में जब्त किया है।
छापेमारी टीम में ये पुलिस अधिकारी थे शामिल
मुन्ना पाण्डेय हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में कतरास थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक प्रवीण कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह, मनोज कुमार, निर्भय कुमार, पवन तिर्की, सत्येंद्र यादव और सहायक अवर निरीक्षक शैलेश कुमार शामिल थे। इनके अलावा कतरास थाना के सशस्त्र बल के जवानों ने भी कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस की इस कार्रवाई से कतरास क्षेत्र के चर्चित हत्याकांड का खुलासा हुआ है। मामूली रकम के लालच में परिचितों द्वारा ही हत्या किए जाने की इस वारदात ने इलाके में सनसनी फैला दी है।