धनबाद में IG की हाईलेवल बैठक: 7 जिलों में अपराध, नक्सल-साइबर क्राइम पर मंथन
धनबाद में IG शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने सात जिलों के SP के साथ अपराध नियंत्रण की समीक्षा की। नक्सल, संगठित अपराध, साइबर क्राइम, लंबित कांड और दुर्गापूजा सुरक्षा पर दिए निर्देश।
Highlights:
- उत्तरी छोटानागपुर प्रक्षेत्र के IG शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने सात जिलों के SP के साथ की समीक्षा बैठक
- अपराध नियंत्रण, नक्सल गतिविधि, संगठित अपराध और साइबर क्राइम की स्थिति पर हुई विस्तृत चर्चा
- लंबित कांडों का समयबद्ध निष्पादन और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी का निर्देश
- लंबित कुर्की वारंटों के शीघ्र निष्पादन पर पुलिस कप्तानों को दिया गया जोर
धनबाद (Threesocieties.com Desk): उत्तरी छोटानागपुर प्रक्षेत्र, बोकारो के पुलिस महानिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने शनिवार को धनबाद समाहरणालय स्थित जिला पुलिस मुख्यालय में प्रक्षेत्र के सात जिलों के पुलिस कप्तानों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में अपराध नियंत्रण, नक्सल गतिविधि, संगठित अपराध, साइबर क्राइम, लंबित कांडों और आगामी दुर्गापूजा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।

आईजी ने अधिकारियों को अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखने, लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने गंभीर मामलों के अनुसंधान में गुणवत्ता बनाए रखने के साथ आरोपियों के खिलाफ समयबद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
सात जिलों के पुलिस कप्तानों के साथ हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में हजारीबाग डीआईजी अंजनी कुमार झा, धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार, रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लुनायत, बोकारो एसपी नाथू सिंह मीणा, कोडरमा एसपी कुमार शिवाशीष, गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार और चतरा एसपी अनिमेष नथानी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। धनबाद सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब, प्रशिक्षु आईपीएस अंकित सिन्हा तथा हजारीबाग बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद भी बैठक में शामिल हुए।
नक्सल और संगठित अपराध पर विशेष नजर
जोनल स्तर की समीक्षा में सातों जिलों में नक्सल गतिविधियों की वर्तमान स्थिति, संगठित गिरोहों की गतिविधियों और सक्रिय अपराधियों की निगरानी की जानकारी ली गई। आईजी ने सक्रिय एवं फरार अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने तथा अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियानों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और जिलों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्रवाई करने को कहा।
लंबित कांडों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश
बैठक में विभिन्न जिलों में लंबित कांडों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से साइबर अपराध, एससी-एसटी एक्ट, पॉक्सो, महिला अपराध और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामलों की प्रगति की जानकारी ली गई। आईजी ने अनुसंधान में तेजी लाते हुए लंबित मामलों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। गंभीर प्रकृति के मामलों में अनुसंधान की गुणवत्ता के साथ आरोपियों की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने को कहा गया।
फरार अपराधियों और कुर्की वारंट पर सख्ती
पुलिस महानिरीक्षक ने सभी पुलिस कप्तानों को नियमित रूप से थानों का निरीक्षण करने और थाना स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा करने का निर्देश दिया। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के साथ-साथ लंबित कुर्की वारंटों का शीघ्र निष्पादन करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई को लगातार और प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए।
दुर्गापूजा में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
आगामी दुर्गापूजा को देखते हुए सातों जिलों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। पूजा के दौरान भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी करने का निर्देश दिया गया। आईजी ने अधिकारियों से कहा कि दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस की मौजूदगी और निगरानी प्रभावी रहनी चाहिए।
पेंशन और अनुकंपा मामलों की भी समीक्षा
बैठक में सेवानिवृत्त पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों से जुड़े पेंशन मामलों, अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित प्रकरणों और विभागीय कार्रवाई के लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। आईजी ने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समन्वय के साथ प्रभावी पुलिसिंग पर जोर
समीक्षा बैठक के अंत में पुलिस महानिरीक्षक ने प्रक्षेत्र में अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को संतोषजनक बताया। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी पुलिसिंग जारी रखने तथा अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।बैठक में खास तौर पर अपराध नियंत्रण, नक्सल गतिविधि, संगठित अपराध, साइबर क्राइम, लंबित कांड, फरार अपराधी, कुर्की वारंट और दुर्गापूजा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।




