धनबाद में ED का सबसे बड़ा एक्शन: 25 ठिकानों पर रेड, ₹100 करोड़ की संपत्ति फ्रीज, कोयला सिंडिकेट में हड़कंप
धनबाद में ED की सबसे बड़ी कार्रवाई। अवैध कोयला कारोबार से जुड़े 25 ठिकानों पर छापेमारी, ₹100 करोड़ की संपत्ति फ्रीज, 100 से अधिक जमीन के दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त। जानिए पूरी खबर।
HighLights:
- बैंक खाते, नकदी और म्यूचुअल फंड समेत ₹100 करोड़ से अधिक की संपत्ति फ्रीज
- 100 से ज्यादा जमीनों के दस्तावेज, सेल डीड और डिजिटल साक्ष्य जब्त
- अवैध कोयला नेटवर्क की जांच के लिए ED ने दर्ज किए 4 ECIR
- नवंबर 2025 की कार्रवाई से मिले सबूतों के आधार पर हुई दूसरी बड़ी रेड
धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड के कोयला क्षेत्र धनबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को एक साथ 25 ठिकानों पर छापेमारी की। सुबह लगभग पांच बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में 25 अलग-अलग टीमों ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी। दिनभर चली इस कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और बड़ी संख्या में संपत्ति संबंधी कागजात जब्त किए।
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₹100 करोड़ से अधिक की संपत्ति और निवेश फ्रीज
जांच के दौरान ED को आरोपियों से जुड़े बैंक खातों, नकदी और म्यूचुअल फंड निवेश के रूप में ₹100 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति का पता चला। एजेंसी ने इन सभी संपत्तियों और निवेशों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया है। इसके अलावा 100 से अधिक जमीनों के दस्तावेज, सेल डीड, कई लैपटॉप, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से अवैध धन के लेन-देन और निवेश के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
इन बड़े नामों पर ED का शिकंजा
जांच एजेंसी की कार्रवाई का मुख्य केंद्र धनबाद में सक्रिय अवैध कोयला सिंडिकेट रहा। जिन प्रमुख लोगों के परिसरों पर छापेमारी की गई उनमें अनिल गोयल के करीबी साबिर आलम, गणेश यादव, पप्पू मंडल, अनूप चौहान, हरेंद्र चौहान और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रोहित यादव शामिल हैं।ED को संदेह है कि इन लोगों ने लंबे समय से अवैध कोयला खनन, परिवहन और भंडारण के जरिए करोड़ों रुपये का काला धन अर्जित किया और उसे विभिन्न वैध एवं अवैध निवेश माध्यमों के जरिए खपाया।
चार ECIR दर्ज, जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा
अवैध कोयला कारोबार से जुड़े पूरे आर्थिक नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए ED ने धनबाद क्षेत्र में चार अलग-अलग Enforcement Case Information Report (ECIR) दर्ज की हैं। प्रारंभिक जांच में एजेंसी को ऐसे कई वित्तीय लेन-देन के संकेत मिले हैं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि अवैध कोयला कारोबार के समानांतर एक विशाल आर्थिक तंत्र संचालित किया जा रहा था। अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों, फाइनेंसरों और निवेशकों की भी पहचान की जा रही है।
सुबह 5 बजे शुरू हुई मेगा रेड
सूत्रों के अनुसार, ED की सभी 25 टीमों ने एक तय रणनीति के तहत मंगलवार सुबह लगभग पांच बजे एक साथ कार्रवाई शुरू की। जांच एजेंसी ने पूरे ऑपरेशन को पूरी गोपनीयता के साथ अंजाम दिया ताकि किसी भी आरोपी को साक्ष्य नष्ट करने का अवसर न मिल सके।दिनभर चली कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति के दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच की।
नवंबर 2025 की कार्रवाई से जुड़े हैं इस रेड के तार
यह पहली बार नहीं है जब ED ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई की हो। इससे पहले 21 नवंबर 2025 को भी जांच एजेंसी ने धनबाद और दुमका में एलबी सिंह तथा उनके सहयोगियों के करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान ED को ₹2.20 करोड़ नकद, 150 से अधिक जमीनों के दस्तावेज तथा कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले थे। इन्हीं दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद इस बार दूसरी और कहीं अधिक व्यापक कार्रवाई की गई है।
कोयला माफिया नेटवर्क पर बढ़ेगा शिकंजा
जांच एजेंसी का मानना है कि जब्त किए गए दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य अवैध कोयला कारोबार से जुड़े कई नए नामों का खुलासा कर सकते हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ, समन और संभावित गिरफ्तारियों का दायरा भी बढ़ सकता है।
धनबाद में हुई इस कार्रवाई को झारखंड के अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांचों में से एक माना जा रहा है।
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