धनबाद में ED का एक्शन: अवैध कोयला नेटवर्क पर 25 ठिकानों पर छापेमारी, झामुमो नेता हरेंद्र चौहान के घर हंगामा
धनबाद में ED ने अवैध कोयला खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 25 से अधिक ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की। झामुमो नेता हरेंद्र चौहान, एलबी सिंह के साला, अनिल गोयल व उनके पार्टनर समेत कई कारोबारियों के ठिकाने जांच के दायरे में, लोयाबाद में विरोध और हंगामे की स्थिति।
HighLights:
- 25 अलग-अलग टीमों के साथ ED ने धनबाद में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की
- कार्रवाई अवैध कोयला खनन, परिवहन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है
- झामुमो नेता एवं डिप्टी मेयर अरुण चौहान के भाई हरेंद्र चौहान के घर भी रेड
- एलबी सिंह के साला, अनिल गोयल के करीबी, गणेश यादव, पप्पू मंडल समेत कई कारोबारियों के ठिकाने पर दबिश
धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड की कोयला राजधानी धनबाद में मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया। सुबह करीब साढ़े पांच बजे से शुरू हुई इस कार्रवाई में ED की लगभग 25 अलग-अलग टीमें केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ जिले के 25 से अधिक ठिकानों पर एक साथ पहुंचीं और तलाशी अभियान शुरू किया।
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इस कार्रवाई से पूरे कोयला कारोबार में हड़कंप मच गया। जिन लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है, उनमें कई बड़े कोयला कारोबारी, आउटसोर्सिंग से जुड़े व्यवसायी तथा उनके सहयोगी शामिल हैं।
किन-किन लोगों के ठिकानों पर ED की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार ED की कार्रवाई के दायरे में कोयला कारोबारी एलबी सिंह के संबंधी, अनिल गोयल के करीबी साबिर आलम, कोल कारोबारी गणेश यादव, पप्पू मंडल, शेखर यादव, अनूप चौहान, हरेंद्र चौहान, रोहित यादव तथा इनके सहयोगियों के आवास और कार्यालय शामिल हैं। इसके अलावा टिकियापाड़ा स्थित नालंदा कॉटेज, महुदा, लोयाबाद, बैंक मोड़, गांगुली कॉम्प्लेक्स, शांति भवन स्थित इंडस्ट्री हाउस तथा झरिया के कई इलाकों में भी जांच जारी है।
इन ठिकानों पर छापेमारी
एसके शर्मा: कार्यालय, गांगुली कॉम्प्लेक्स
सबीर आलम (अनिल गोयल के करीबी) -टिकियापाड़ा
हरेंद्र चौहान (डिप्टी मेयर के भाई) आवास, लोयाबाद
अमन कनोड़िया (हार्डकोक कारोबारी) -कार्यालय, शांति भवन (बैंक मोड़)
रंजीत सिंह और ओम प्रकाश सिंह -आवास, शिमला बहाल और लोदना (झरिया)
गणेश यादव, शेखर यादव, विजय पासवान -झरिया और लोदना स्थित आवास
पप्पू मंडल - मटकुरिया बैंक मोड़ स्थित ठिकाना
रोहित यादव तेतुलिया स्थित घर
माधव सिंह -नालंदा कॉटेज स्थित आवास
रितेश शर्मा राज -आंगन स्थित परिसर
सुभाष साव आवास, चौथाईकुली (झरिया)
हरेंद्र चौहान के घर पर हंगामा
लोयाबाद के कनकनी स्थित झामुमो नेता और धनबाद नगर निगम के डिप्टी मेयर अरुण चौहान के भाई हरेंद्र चौहान के आवास पर ED की कार्रवाई के दौरान स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई। जैसे ही छापेमारी की सूचना इलाके में फैली, बड़ी संख्या में महिला और पुरुष समर्थक घर के बाहर जुट गए। महिलाओं ने अधिकारियों को घर के अंदर जाने से रोकने की कोशिश की और कार्रवाई का विरोध किया। विरोध बढ़ने पर ED अधिकारियों ने कुछ महिलाओं को घर के अंदर जाने की अनुमति दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारी अपने साथ बैग लेकर अंदर गए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की। हालांकि ED अधिकारियों ने पूरे मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की।
दस्तावेजों से लेकर डिजिटल रिकॉर्ड तक की जांच
ED की टीमें छापेमारी के दौरान बैंक खातों के दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन, बेनामी संपत्तियों से जुड़े कागजात, मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच कर रही हैं। जांच एजेंसी का फोकस यह पता लगाने पर है कि अवैध कोयला खनन और परिवहन से अर्जित धन का इस्तेमाल किस प्रकार मनी लॉन्ड्रिंग और संपत्ति खरीदने में किया गया।
अवैध कोयला कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
सूत्रों के अनुसार ED की यह कार्रवाई अवैध कोयला खनन, अवैध परिवहन, कोयला आउटसोर्सिंग और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच का हिस्सा है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर अवैध कमाई को विभिन्न माध्यमों से वैध संपत्तियों में कैसे बदला गया। फिलहाल किसी गिरफ्तारी या बड़ी बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही ED विस्तृत जानकारी सार्वजनिक कर सकती है।
सुबह 6 बजे से सीआरपीएफ और आईटी की टीम के साथ ईडी की दबिश
रांची और पश्चिम बंगाल से आई ईडी की मंगलवार की सुबह करीब 6 बजे दर्जनों गाड़ियों ने चिह्नित परिसरों पर एक साथ दबिश दी। ईडी की रेड के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बोकारो से सीआरपीएफ के जवानों को विशेष रूप से बुलाया गया था, जिन्होंने सभी परिसरों को अपनी कस्टडी में ले लिया। इस अभियान में आयकर विभाग की टीम भी ईडी के साथ समन्वय बनाकर शामिल रही। दिनभर चल रही इस जांच प्रक्रिया में ईडी के अधिकारी संबंधित परिसरों में रखे कागजातों की छानबीन, डिजिटल डिवाइसों की स्कैनिंग और संदिग्ध बैंक खातों के रिकॉर्ड खंगालने में लगे रहे।
सीडीआर, संपत्ति के कागजात और डिजिटल एविडेंस खंगाल रही है ईडी
जानकार सोर्सेज के अनुसार, ईडी का मुख्य फोकस अवैध कोयला खनन और उसकी तस्करी से अर्जित करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति और मनी ट्रेल (वित्तीय लेन-देन) को ट्रैक करना है। टीम के अधिकारी संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, लैपटॉप और पेन ड्राइव की तकनीकी पड़ताल, बैंक खातों के स्टेटमेंट, संदिग्ध लेन-देन के पर्चे और हवाला से जुड़े संभावित सुराग ,अचल संपत्तियों की खरीद-बिक्री से जुड़े कागजात और रजिस्ट्री रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
नवंबर 2025 में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में भी ED ने इसी मामले में धनबाद के कई कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान करीब ₹2.20 करोड़ नकद और 150 से अधिक जमीन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए थे। माना जा रहा है कि मौजूदा कार्रवाई उसी जांच की अगली कड़ी है।
पूरे धनबाद में बढ़ी हलचल
सुबह से चल रही इस कार्रवाई के कारण धनबाद के कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिन स्थानों पर छापेमारी चल रही है, वहां आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। पूरे जिले में इस कार्रवाई की चर्चा है और कारोबारी जगत के साथ राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। फिलहाल ED की टीम जांच में जुटी हुई है और आने वाले समय में इस मामले में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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