Dhanbad: नौकरी से ठेकेदारी तक ठगी का खेल, ‘नटवरलाल’ पंकज गुप्ता पर कई आरोप
Dhanbad में पंकज गुप्ता पर नौकरी, प्रमोशन, सरकारी टेंडर और जमीन के नाम पर लाखों की ठगी के आरोप लगे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है।
HighLights:
- पंकज गुप्ता के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये तक लेने का आरोप
- प्रमोशन और सरकारी टेंडर दिलाने के नाम पर भी पैसे लेने का आरोप
- पलामू, झरिया, धनबाद और भोजपुर के लोगों से ठगी की शिकायतें सामने आईं।
- जमीन की खरीद-बिक्री और पुराने जमीन सौदों में भी जालसाजी के आरोप।
- पंकज उसके भाई यश गुप्ता और मां के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज
धनबाद (Threesocieties.com Desk): जोड़ाफाटक रोड, धनसार निवासी पंकज गुप्ता के खिलाफ ठगी के कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। धनबाद थाना में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने पंकज गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में कई लोगों ने लिखित शिकायतें दी हैं। शिकायतों में नौकरी दिलाने, प्रमोशन कराने, सरकारी विभागों में ठेका दिलाने और जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर लाखों रुपये की ठगी किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।
मामले में पंकज गुप्ता के भाई यश गुप्ता और मां के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
दर्जनभर से अधिक लोगों ने की शिकायत
पुलिस के मुताबिक पंकज गुप्ता के खिलाफ धनबाद थाना में शिकायतें मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पंकज नौकरी और सरकारी विभागों में अपनी पहुंच का हवाला देकर लोगों को प्रभावित करता था। बताया गया है कि पंकज खुद को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी का रिश्तेदार और एक पूर्व मंत्री का भांजा बताकर लोगों में प्रभाव बनाने की कोशिश करता था। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इसी प्रभाव का इस्तेमाल कर वह लोगों को नौकरी, प्रमोशन और सरकारी काम दिलाने का भरोसा देता था।
नौकरी दिलाने के नाम पर 6 से 20 लाख रुपये तक लेने का आरोप
शिकायतों के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से कथित तौर पर 6 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक लिए गए। कुछ शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नौकरी के भरोसे के लिए उन्हें कथित तौर पर ज्वाइनिंग लेटर और अन्य दस्तावेज भी दिए गए। बाद में दस्तावेजों की जांच कराने पर उनके फर्जी होने की जानकारी सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस से संपर्क किया। पलामू, झरिया, धनबाद और भोजपुर क्षेत्र के लोगों से भी नौकरी के नाम पर पैसे लेने के आरोप शिकायतों में सामने आए हैं।
प्रमोशन और सरकारी टेंडर के नाम पर भी ठगी का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने नौकरी के अलावा सरकारी नौकरी में प्रमोशन कराने के नाम पर भी पैसे लेने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों में टेंडर और ठेका दिलाने के नाम पर भी लाखों रुपये लेने की बात कही गई है। आरोप है कि पंकज गुप्ता कई बार पैसे अपने बैंक खाते में भी मंगवाता था। शिकायतकर्ताओं की ओर से कथित लेन-देन से संबंधित बैंक डिटेल पुलिस को उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई है। पुलिस अब इन बैंक लेन-देन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर सकती है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों के पीछे वास्तविक वित्तीय लेन-देन कितना हुआ।
जमीन के कारोबार में भी जालसाजी का आरोप
पंकज गुप्ता पर जमीन की खरीद-बिक्री में भी कथित धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, जमीन के एग्रीमेंट और रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लोगों से पैसे लिए गए। कुछ मामलों में आरोप है कि वर्षों पहले बेची जा चुकी जमीन को दोबारा बेचने अथवा उससे संबंधित दस्तावेज तैयार कर लेन-देन किया गया। जमीन मालिकों को कथित तौर पर पैसे का लालच देकर पुराने जमीन सौदों को दोबारा कराने और परिवार के सदस्यों के माध्यम से जमीन की बिक्री कराने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। इन आरोपों की वास्तविकता दस्तावेजों और जमीन के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
भाई और मां पर भी प्राथमिकी
मामले में पंकज गुप्ता के भाई यश गुप्ता और उसकी मां के खिलाफ भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कथित ठगी की गतिविधियों में परिवार के अन्य सदस्यों की भी भूमिका रही है। यश गुप्ता के बारे में बताया गया है कि वह कार्मिक नगर स्थित एक सरकारी स्कूल में कार्यरत है। हालांकि, उनकी भूमिका और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
पहले से भी दर्ज होने की बात
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पंकज गुप्ता के खिलाफ पहले भी प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पूर्व में उसके खिलाफ कार्रवाई अपेक्षित गति से नहीं हुई। धनबाद थाना में नई शिकायतें आने के बाद सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव और धनबाद थाना प्रभारी मनोज पांडेय ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद शिकायतों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मोबाइल चैट और कॉल डिटेल की जांच से खुल सकते हैं और मामले
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि पंकज गुप्ता के मोबाइल फोन, चैट, कॉल डिटेल और बैंक खातों की जांच की जाए तो कथित लेन-देन और संपर्कों से जुड़े अन्य मामले सामने आ सकते हैं। पुलिस की जांच में अब यह महत्वपूर्ण होगा कि नौकरी, प्रमोशन, टेंडर और जमीन के नाम पर कथित रूप से लिए गए पैसों का वास्तविक हिसाब क्या है और इन मामलों में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
कई राज्यों और जिलों से जुड़े लोगों के सामने आने का दावा
मामले में पलामू, धनबाद, झरिया और भोजपुर के लोगों के नाम सामने आने से शिकायतों का दायरा बढ़ गया है। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो पुलिस को अलग-अलग स्थानों से जुड़े कथित लेन-देन और लोगों के बयान भी दर्ज करने पड़ सकते हैं।फिलहाल पुलिस मामले में दर्ज शिकायतों, बैंक ट्रांजेक्शन, दस्तावेजों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही ठगी की कुल रकम और कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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