DGP विनय कुमार का VRS, अब संभालेंगे मुख्य सूचना आयुक्त की जिम्मेदारी
बिहार के DGP विनय कुमार ने VRS ले लिया है। 1991 बैच के IPS अधिकारी विनय कुमार अब बिहार के मुख्य सूचना आयुक्त बने हैं। जानिए उनके करियर और सफर की पूरी कहानी।
HighLights:
- बिहार के DGP विनय कुमार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS ले लिया।
- गृह विभाग ने उनका VRS आवेदन तत्काल प्रभाव से मंजूर किया
- VRS के बाद उन्हें बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया
- 1991 बैच के IPS अधिकारी विनय कुमार दिसंबर में होने वाले थे रिटायर
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है। गृह विभाग ने शनिवार रात उनके VRS आवेदन को तत्काल प्रभाव से स्वीकृति दे दी। इसके साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें बिहार का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किए जाने की अधिसूचना जारी कर दी है।
विनय कुमार दिसंबर 2026 में सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन उन्होंने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने का फैसला किया। VRS के बाद अब पुलिस सेवा के बजाय उनकी नई जिम्मेदारी बिहार के सूचना आयोग में होगी।
तत्काल प्रभाव से VRS मंजूर
1991 बैच के IPS अधिकारी विनय कुमार ने हाल ही में छुट्टी ली थी। इसी दौरान उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था। गृह विभाग ने उनके आवेदन को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से उन्हें मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किए जाने की अधिसूचना जारी की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई त्रिसदस्यीय चयन समिति की बैठक में मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त के नामों पर सहमति बनी थी। वहीं, विधि विभाग के पूर्व सचिव और न्यायिक सेवा के अधिकारी अंजनी कुमार सिंह को राज्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है।
आलोक राज के बाद संभाली थी DGP की कमान
विनय कुमार ने बिहार पुलिस में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम करने के बाद राज्य पुलिस की कमान संभाली थी। उन्हें आलोक राज के बाद बिहार का पुलिस महानिदेशक बनाया गया था। DGP बनने से पहले विनय कुमार ADG लॉ एंड ऑर्डर, CID और बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के महानिदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके थे। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, अपराध अनुसंधान और पुलिस प्रशासन से जुड़े कई अहम दायित्व संभाले। लंबे प्रशासनिक अनुभव के बाद उन्हें बिहार पुलिस का शीर्ष पद सौंपा गया था।
गांव के स्कूल से IIT खड़गपुर तक का सफर
विनय कुमार का जीवन और शिक्षा का सफर भी खास रहा है। वह मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले के रामपुरानी गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता शिक्षक थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल में हुई। मैट्रिक और इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने IIT खड़गपुर में दाखिला लिया। यहां से उन्होंने बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। मेधावी छात्र रहे विनय कुमार ने UPSC परीक्षा में सफलता हासिल की और वर्ष 1991 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित हुए। इसके बाद बिहार कैडर में उन्होंने विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दीं।
तीन दशक से ज्यादा लंबा पुलिस करियर
विनय कुमार का पुलिस सेवा करियर तीन दशक से अधिक लंबा रहा है। इस दौरान उन्होंने बिहार पुलिस में अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। कानून-व्यवस्था से लेकर अपराध अनुसंधान और पुलिस प्रशासन तक उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां मिलीं। DGP के रूप में भी उन्होंने बिहार पुलिस का नेतृत्व किया। अब VRS लेने के बाद उनके करियर का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।
पुलिस सेवा से सूचना आयोग तक नया सफर
मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में नियुक्ति के साथ ही विनय कुमार का पुलिस सेवा का सफर समाप्त हो गया है। अब वह बिहार में सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों और सूचना आयोग की जिम्मेदारियों को संभालेंगे। एक ओर जहां उन्होंने लंबे समय तक वर्दी में बिहार पुलिस की कमान और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं, वहीं अब मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में उनकी नई भूमिका प्रशासनिक और संवैधानिक महत्व की होगी।
Anjala Kumar 



