Dhanbad : दुर्गा पूजा पर DC आदित्य रंजन का फ्लैग मार्च, सुरक्षा व्यवस्था की जांच
दुर्गा पूजा को लेकर DC आदित्य रंजन के नेतृत्व में धनबाद में फ्लैग मार्च निकाला गया। स्टील गेट, झरिया, कतरास समेत विभिन्न इलाकों में पूजा पंडालों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया गया।
HighLights:
- धनबाद में दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन अलर्ट, उपायुक्त आदित्य रंजन के नेतृत्व में निकला व्यापक फ्लैग मार्च
- स्टील गेट से कतरास तक सुरक्षा का जायजा, झरिया, केंदुआडीह, लोयाबाद, सिजुआ और तेतुलमारी इलाकों में पहुंची टीम
- पूजा पंडालों पर विशेष नजर, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा
- यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर, प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश
धनबाद (Threesocieties.com Desk): दुर्गा पूजा के दौरान जिले में शांति, सौहार्द और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धनबाद जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को उपायुक्त आदित्य रंजन के नेतृत्व में व्यापक फ्लैग मार्च निकाला गया। पुलिस केंद्र से शुरू हुए इस फ्लैग मार्च के जरिए शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील इलाकों, दुर्गा पूजा पंडालों और मेला क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात संचालन और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।
फ्लैग मार्च का उद्देश्य दुर्गा पूजा के दौरान आम लोगों और श्रद्धालुओं में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना तथा असामाजिक तत्वों को कानून-व्यवस्था के प्रति स्पष्ट संदेश देना था। जिला प्रशासन और धनबाद पुलिस ने संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पुलिस केंद्र से निकला फ्लैग मार्च, कई प्रमुख इलाकों में पहुंची टीम
पुलिस केंद्र से निकले फ्लैग मार्च में जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न पुलिस इकाइयों के पदाधिकारी तथा जवान शामिल हुए। टीम ने स्टील गेट, झारखंड मैदान, मनईटांड़, हावड़ा मोटर, धनसार चौक, कतरास मोड़, झरिया, इंदिरा चौक, केंदुआडीह, लोयाबाद, सिजुआ, कतरास, भटमुड़ना, कांको, तेतुलमारी, भूली, वासेपुर, नया बाजार, बेकार बांध और सिटी सेंटर समेत विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों का दौरा किया।
इन इलाकों में दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही, संभावित भीड़, वाहनों के दबाव और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि पूजा के दौरान आम नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी न हो और श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें।
फ्लैग मार्च में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, डीएसपी विधि व्यवस्था प्रकाश सोय, बाघमारा एसडीपीओ अजीत बिमल, सिंदरी एसडीपीओ प्रकाश चंद्र महतो, ट्रैफिक डीएसपी रोहित साव और सीसीआर डीएसपी प्रदीप साव समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं जवान शामिल थे।
पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
दुर्गा पूजा के दौरान विभिन्न पूजा पंडालों और मेला क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या जुटने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए फ्लैग मार्च के दौरान पंडालों के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं के आवागमन और भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने पंडालों के आसपास की परिस्थितियों का जायजा लेते हुए सुरक्षित आवागमन और भीड़ के व्यवस्थित संचालन को महत्वपूर्ण बताया। त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को तैयार रहने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त आदित्य रंजन ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पूजा के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान रखा जाए। पंडालों और मेला क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनी रहे तथा भीड़ के कारण किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न न हो, इसके लिए लगातार निगरानी जरूरी है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था केवल प्रमुख पंडालों तक सीमित न रहे, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों और आसपास के मार्गों पर भी पर्याप्त सतर्कता बरती जाए।
भीड़ प्रबंधन और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पर जोर
दुर्गा पूजा के दौरान शाम और रात के समय पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करना, लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना पुलिस प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होती है। फ्लैग मार्च के दौरान अधिकारियों ने भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने को कहा। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए सतर्कता, नियमित निगरानी और पुलिस बल की तत्परता पर जोर दिया गया। प्रशासन की प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के दौरान सुरक्षित माहौल मिले। साथ ही, पूजा पंडालों और मेला क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही व्यवस्थित रहे तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों के बीच समन्वय के साथ कार्रवाई की जा सके।
यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर, प्रमुख मार्गों की हुई समीक्षा
दुर्गा पूजा के दौरान धनबाद के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों और पूजा पंडालों के आसपास वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात का दबाव बढ़ सकता है। इसे देखते हुए फ्लैग मार्च के दौरान यातायात व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की स्थिति की समीक्षा करते हुए यातायात को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया। यातायात पुलिस को जरूरत के अनुसार वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
पंडालों के आसपास वाहनों और पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच संतुलन बनाए रखना भी जरूरी बताया गया। प्रशासन का प्रयास है कि पूजा के दौरान आम नागरिकों को अनावश्यक जाम का सामना नहीं करना पड़े और आपात स्थिति में जरूरी सेवाओं की आवाजाही प्रभावित न हो।
स्टील गेट से झरिया और कतरास तक पुलिस की सक्रियता
फ्लैग मार्च के दौरान स्टील गेट, झरिया, केंदुआडीह, लोयाबाद, सिजुआ, कतरास, तेतुलमारी और अन्य क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी दिखाई गई। इसके जरिए विभिन्न इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के साथ आम लोगों को भी यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि दुर्गा पूजा के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों की सक्रियता को महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी समस्या पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार के दौरान शांति बनाए रखने के लिए प्रशासनिक सतर्कता के साथ नागरिकों का सहयोग भी महत्वपूर्ण है। पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा तैयारियों का उद्देश्य श्रद्धालुओं के मन में भरोसा पैदा करना तथा त्योहार के दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना है।
असामाजिक तत्वों को कानून-व्यवस्था का संदेश
फ्लैग मार्च का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य असामाजिक तत्वों को यह संदेश देना भी था कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। पुलिस पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकना और जिले में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखना है।
प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है कि दुर्गा पूजा के दौरान आम नागरिकों, श्रद्धालुओं और पूजा आयोजकों को सुरक्षित वातावरण मिले तथा त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।
सिटी एसपी ने सुरक्षा और समन्वय को बताया महत्वपूर्ण
सिटी एसपी श्री ऋत्विक श्रीवास्तव ने कहा कि दुर्गा पूजा जिले का प्रमुख त्योहार है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न पूजा पंडालों और मेला क्षेत्रों में पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और यातायात संचालन के बीच समन्वय बनाए रखना जरूरी है।इसी उद्देश्य से वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकालकर विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लिया गया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने और पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों को सतर्क रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शांति और सौहार्द के साथ दुर्गा पूजा संपन्न कराना लक्ष्य
धनबाद जिला प्रशासन और पुलिस का मुख्य उद्देश्य दुर्गा पूजा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है। इसके लिए पूजा पंडालों की सुरक्षा, भीड़ का प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। उपायुक्त आदित्य रंजन के नेतृत्व में निकाले गए फ्लैग मार्च के माध्यम से प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेने के साथ पुलिस की सक्रियता का संदेश भी दिया। संबंधित पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने और किसी भी परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहने पर जोर दिया गया। प्रशासन की कोशिश है कि दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालु बिना किसी भय के पूजा-अर्चना कर सकें, आम लोगों का आवागमन सुचारु बना रहे और पूरे जिले में शांति एवं सौहार्द कायम रहे।




