Dhanbad : विजयादशमी पर RSS का शस्त्र पूजन, घोष की धुन पर निकला पथ संचलन

धनबाद में RSS महानगर भाग-2 का विजयादशमी उत्सव आयोजित। शस्त्र पूजन के बाद सैकड़ों स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया। प्रांत प्रचारक गोपाल जी ने राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया।

Dhanbad : विजयादशमी पर RSS का शस्त्र पूजन, घोष की धुन पर निकला पथ संचलन
घोष की धुन पर निकला पथ संचलन।

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   Highlights:

  • धनबाद महानगर (भाग-2) की ओर से विजयादशमी उत्सव का आयोजन
  • शस्त्र पूजन के बाद अपराह्न 3:15 बजे शुरू हुआ पथ संचलन
  •  घोष की धुन पर पूर्ण गणवेश में शामिल हुए सैकड़ों स्वयंसेवक
  • सामाजिक समरसता, कुटुम्ब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक अनुशासन जैसे विषयों पर जोर

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयला राजधानी: धनबाद में विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), धनबाद महानगर (भाग-2) की ओर से विजयादशमी उत्सव, शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन का भव्य आयोजन किया गया। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को अशोक नगर स्थित राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हुए। घोष की धुन पर कदम से कदम मिलाकर चलते स्वयंसेवकों का अनुशासन और उत्साह आकर्षण का केंद्र रहा।

राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर में हुआ आयोजन

संघ के स्थापना दिवस एवं विजयादशमी उत्सव के अवसर पर कार्यक्रम की शुरुआत शस्त्र पूजन के साथ हुई। इसके बाद स्वयंसेवकों ने अनुशासित तरीके से पथ संचलन किया। पथ संचलन अपराह्न 3:15 बजे शुरू हुआ। पूर्ण गणवेश में पंक्तिबद्ध स्वयंसेवक घोष की धुन पर कदमताल करते हुए आगे बढ़े। कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्ध और गणमान्य नागरिकों को भी आमंत्रित किया गया था। आयोजन के दौरान संघ के अनुशासन, संगठनात्मक एकजुटता और राष्ट्र निर्माण के संदेश पर जोर दिया गया।

प्रांत प्रचारक गोपाल जी ने दिया विजयादशमी का संदेश

कार्यक्रम में झारखंड के प्रांत प्रचारक श्रीमान गोपाल जी मुख्य बौद्धिक कर्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए विजयादशमी के महत्व और संघ के कार्यों पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा, “असत्य पर सत्य की विजय, अधर्म पर धर्म की विजय ही विजयादशमी का संदेश है। संघ 100 वर्षों से संस्कार, सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के मंत्र के साथ कार्य कर रहा है।”अपने संबोधन में उन्होंने विजयादशमी के संदेश को जीवन में अपनाने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की भावना पर जोर दिया।

संघ के पांच प्रमुख संकल्पों पर जोर

कार्यक्रम में संघ से जुड़े पांच प्रमुख सामाजिक विषयों की चर्चा भी की गई। इनका उद्देश्य सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव, पारिवारिक मूल्यों की मजबूती और राष्ट्र के प्रति नागरिक जिम्मेदारियों को बढ़ावा देना है।

1. सामाजिक समरसता: समाज में जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी सद्भाव, एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना।

2. कुटुम्ब प्रबोधन: परिवार में अच्छे संस्कार, आपसी संवाद और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देना, ताकि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी रहे।

3. पर्यावरण संरक्षण: जल संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और अधिक से अधिक पौधे लगाने जैसे प्रयासों के माध्यम से पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाना।

4. स्वदेशी एवं स्वावलंबन: स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना और देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगदान देना।

5. नागरिक अनुशासन: संविधान, कानून और मौलिक कर्तव्यों का पालन करते हुए जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाना।

इन विषयों के माध्यम से सामाजिक एकजुटता, पर्यावरण के प्रति जागरूकता, परिवार में संस्कार और नागरिक कर्तव्यों के पालन का संदेश दिया गया।

सैकड़ों स्वयंसेवक हुए शामिल

विजयादशमी उत्सव एवं पथ संचलन में सैकड़ों स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नित्यानंद पांडेय, केशव हड़ोदिया जयप्रकाश नारायण सिंह, आयुष तिवारी, पंकज सिंह, राकेश सुमन, बिंदेश्वरी प्रसाद, हरेंद्र सिंह, महेंद्र अग्रवाल, राजा खंडेलवाल और विक्रम हिमालय सहित अन्य लोग शामिल हुए। धनबाद के विधायक राज सिन्हा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। आयोजन का समापन विजयादशमी के संदेश, सामाजिक समरसता, सेवा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।