जयराम महतो को बेल के साथ कोर्ट की कड़ी शर्तें; एक गैरहाजिरी पर रद्द होगा बंधपत्र
बरवाअड्डा थाना केस में जयराम महतो समेत चार को अग्रिम जमानत मिली है। कोर्ट ने 20 हजार के बांड, दो जमानतदार और हर तारीख पर व्यक्तिगत उपस्थिति समेत कई शर्तें लगाई हैं।
HighLights:
- बरवाअड्डा थाना मामले में चार्ज फ्रेम होने तक हर तारीख पर व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य
- एक भी गैरहाजिरी पर जमानत बंधपत्र रद्द करने की छूट
- 20-20 हजार रुपये का जमानत बांड और दो जमानतदार जरूरी
- बिना कोर्ट की अनुमति मोबाइल नंबर बदलने पर रोक
धनबाद (Threesocieties.com Desk): बरवाअड्डा थाना में सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में डुमरी विधायक व झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता जयराम कुमार महतो समेत चार आरोपियों को अग्रिम जमानत मिल गई है। धनबाद एमपी-एमएलए कोर्ट ने जमानत देते हुए आरोपियों के लिए कई शर्तें भी निर्धारित की हैं।
अदालत ने जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल उर्फ सुशील कुमार, महेंद्र साव उर्फ महेंद्र प्रसाद साव और राज कुमार मंडल को अग्रिम जमानत दी है। अदालत के आदेश के अनुसार चारों आरोपियों को चार्ज फ्रेम होने तक मामले की प्रत्येक तारीख पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। किसी एक तारीख पर भी गैरहाजिर रहने की स्थिति में निचली अदालत संबंधित आरोपी का जमानत बंधपत्र रद्द कर सकती है।
20-20 हजार रुपये का जमानत बांड, दो जमानतदार भी जरूरी
अदालत ने आरोपियों को जमानत के लिए 20-20 हजार रुपये का बांड भरने का निर्देश दिया है। इसके साथ समान राशि के दो-दो जमानतदार भी देने होंगे। आदेश के मुताबिक जमानतदारों में एक आरोपी का वर्तमान पैरवीकार और दूसरा करीबी रिश्तेदार होना जरूरी है। अदालत ने आरोपियों को मामले के सूचक और उसके परिवार के सदस्यों को किसी भी प्रकार की धमकी देने, परेशान करने या असुविधा पहुंचाने से भी रोक दिया है। प्रत्येक आरोपी को अपना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर भी अदालत में जमा करना होगा।
बिना कोर्ट की अनुमति मोबाइल नंबर नहीं बदल सकेंगे
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि मुकदमा लंबित रहने के दौरान आरोपी अदालत की पूर्व अनुमति के बिना अपना मोबाइल नंबर नहीं बदल सकेंगे। जमानत की शर्तों में आरोपियों की अदालत में नियमित व्यक्तिगत उपस्थिति को विशेष रूप से शामिल किया गया है।अदालत के आदेश के अनुसार आरोपियों की पहचान स्पष्ट है और उनके फरार होने या जांच से बचने का कोई आरोप सामने नहीं आया है। साथ ही ऐसा विशिष्ट तथ्य भी नहीं बताया गया जिससे हथियार या किसी आपत्तिजनक वस्तु की बरामदगी अथवा किसी अन्य उद्देश्य से आरोपियों की हिरासत में पूछताछ आवश्यक साबित हो। इन्हीं परिस्थितियों में अदालत ने अग्रिम जमानत का लाभ दिया।
22 अगस्त को दर्ज हुई थी बरवाअड्डा थाना में प्राथमिकी
बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर 22 अगस्त 2026 को थाना कांड संख्या 146/26 दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार पुलिस एक मामले में गणेश दास को बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस देने गई थी। आरोप है कि पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा डालने के बाद गणेश दास को गिरफ्तार कर हाजत में रखा गया।
पुलिस के अनुसार इसके बाद जयराम महतो ने पुलिस पदाधिकारी को व्हाट्सऐप ऑडियो कॉल किया और रात में समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे। आरोप है कि थाना परिसर में पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार, धक्का-मुक्की और गिरफ्तार व्यक्ति को छुड़ाने का प्रयास किया गया। इसी घटनाक्रम को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इन आरोपों पर अदालत में बचाव और अभियोजन पक्ष की अलग-अलग दलीलें रखी गई थीं।
14 सितंबर को मिली थी अग्रिम जमानत
धनबाद एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने 14 सितंबर 2026 को जयराम महतो समेत चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार की थी। इससे पहले 10 सितंबर को मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आदेश के लिए 14 सितंबर की तारीख तय की थी। जमानत आदेश की विस्तृत प्रति 21 सितंबर को कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड हुई, जिसके बाद जमानत की शर्तों की जानकारी सामने आई।
निर्वाचित प्रतिनिधि और कानून का सवाल
अदालत ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि का थाना जाकर अपने क्षेत्र के किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या हिरासत के संबंध में जानकारी लेना अपने आप में अपराध नहीं है। हालांकि यदि किसी मामले में धमकी, हमला या पुलिस के वैध कार्य में जबरन बाधा डालना साबित होता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में अदालत ने फिलहाल आरोपियों को अग्रिम जमानत दी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि मामले की सुनवाई समाप्त हो गई है। अब मुकदमे की आगे की प्रक्रिया अदालत में जारी रहेगी और निर्धारित शर्तों का पालन आरोपियों के लिए अनिवार्य होगा।
जयराम महतो से जुड़ा एक और मामला, वेदांता प्लांट आंदोलन की सुनवाई
इधर जयराम महतो से जुड़े एक अलग मामले की भी धनबाद एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। यह मा मला बोकारो के सियालजोड़ी थाना में दर्ज प्राथमिकी कांड संख्या 118/23 से संबंधित है और वेदांता प्लांट के मजदूर आंदोलन से जुड़ा है।इस मामले में जयराम महतो, पार्वती चरण महतो और राथू रजवार के खिलाफ मुकदमा चल रहा है। अदालत ने अभियोजन को गवाह पेश करने का आदेश दिया है। मामले के एक अन्य आरोपी सुभाष महतो के अदालत में उपस्थित नहीं होने के कारण पहले गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया गया था।
रिकॉर्ड के अनुसार 27 नवंबर 2023 को रवि कुमार आनंद की शिकायत पर सियालजोड़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोप है कि वेदांता प्लांट में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान जयराम महतो की तस्वीर वाला बैनर लगाया गया था और प्रदर्शन के कारण वेदांता फोरलेन रोड पर यातायात प्रभावित हुआ। अभियोजन के अनुसार इससे प्लांट को आर्थिक नुकसान हुआ।
महत्वपूर्ण: बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26 और सियालजोड़ी थाना कांड संख्या 118/23 दो अलग-अलग मामले हैं। बरवाअड्डा मामले में चार आरोपियों को अग्रिम जमानत मिली है, जबकि वेदांता प्लांट आंदोलन से जुड़े मामले की सुनवाई अलग से जारी है।
Threesocieties News Desk 



