बिहार: विक्रमशिला सेतु बंद तो भागलपुर में 4 घाटों से फेरी सेवा, मुफ्त सफर की तैयारी

विक्रमशिला सेतु बंद होने पर भागलपुर में चार घाटों से विशेष फेरी सेवा शुरू होगी। 12 क्रूज चलेंगे और सुबह 6 से शाम 6 बजे तक मुफ्त यात्रा की तैयारी है।

बिहार: विक्रमशिला सेतु बंद तो भागलपुर में 4 घाटों से फेरी सेवा, मुफ्त सफर की तैयारी
भागलपुर में विक्रमशिला सेतु बंद हुआ तो चार घाटों से चलेगी फेरी सेवा।

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  • विक्रमशिला सेतु बंद होने पर चार घाटों से शुरू होगी विशेष फेरी सेवा
  • सुबह 6 से शाम 6 बजे तक फेरी सेवा चलाने की तैयारी
  • जिला प्रशासन 12 क्रूज चलाने की कर रहा तैयारी,छह छोटे और छह बड़े क्रूज होंगे सेवा में शामिल
  • यात्रियों के लिए मुफ्त सफर की तैयारी, साइकिल-मोटरसाइकिल पर भी विचार

भागलपुर (Threesocieties.com Desk): विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन कार्य के दौरान यदि पुल पर यातायात बंद किया जाता है, तो यात्रियों की आवाजाही के लिए जिला प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था तैयार कर रहा है। इसके तहत भागलपुर में चार प्रमुख घाटों से विशेष फेरी सेवा संचालित करने की तैयारी है। प्रशासन की योजना के अनुसार सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक फेरी सेवा चलाने की तैयारी की गई है।

इस व्यवस्था को लेकर डीएम अलंकृता पांडेय ने सोमवार को प्रस्तावित घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने बरारी पुल घाट, बियाडा फेरी घाट, सबौर के रजंदीपुर घाट और जाह्नवी चौक घाट का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, घाटों तक पहुंच, यातायात व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियों की जानकारी ली गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश दिया, ताकि विक्रमशिला सेतु पर यातायात बंद होने की स्थिति में लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

घाटों पर बनेगा कंट्रोल रूम, मेडिकल कैंप और अस्थायी थाना कक्ष

फेरी सेवा शुरू होने पर घाटों पर यात्रियों की संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। प्रशासन की ओर से नियंत्रण कक्ष, अस्थायी थाना कक्ष, मेडिकल कैंप और बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा घाटों और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए साइनेज लगाए जाएंगे और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महिला और पुरुष यात्रियों के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था भी की जाएगी। घाटों तक पहुंचने वाले एप्रोच पथों की मरम्मत कराने के साथ आसपास के इलाके से अवैध अतिक्रमण हटाने और दुकानों की निगरानी के भी निर्देश दिए गए हैं।

क्षमता के मुताबिक ही क्रूज पर सवार होंगे यात्री

प्रशासन ने फेरी सेवा के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने की तैयारी की है। नाव या क्रूज पर उसकी निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को सवार नहीं कराया जाएगा। इसके लिए टिकट या कूपन वितरण के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए जाने की तैयारी है।फेरी सेवा के संचालन के लिए आवश्यक अनुमति और सुरक्षा मानकों को भी सुनिश्चित किया जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। क्रूज पर भी मजिस्ट्रेट और पुलिस की तैनाती की जाएगी।

सुबह 6 से शाम 6 बजे तक चलेगी फेरी सेवा

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत फेरी सेवा सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक संचालित करने की तैयारी है। यात्रियों को वापस लाने के लिए शाम पांच बजे से वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, ताकि शाम छह बजे तक फेरी सेवा पूरी तरह बंद की जा सके। किसी नाव या क्रूज के रास्ते में फंसने अथवा किसी अन्य आपात स्थिति में तत्काल मदद के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात रहेगी। फेरी सेवा शुरू होने की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए घाटों और प्रमुख स्थानों पर बैनर, पोस्टर और फ्लेक्स लगाए जाएंगे।

छह छोटे और छह बड़े क्रूज चलाने की तैयारी

जिला प्रशासन कुल 12 क्रूज चलाने की तैयारी कर रहा है। इनमें छह छोटे और छह बड़े क्रूज शामिल होंगे। छोटे क्रूज की क्षमता करीब 100 से 200 यात्रियों की होगी, जबकि बड़े क्रूज में 1000 से 1500 यात्रियों को ले जाने की क्षमता होगी। बाबूपुर से बड़े क्रूज चलाने की तैयारी की जा रही है। बड़े क्रूज पर मालवाहक वाहनों को भी लोड करने की व्यवस्था किए जाने की तैयारी है। इससे विक्रमशिला सेतु पर यातायात बंद होने की स्थिति में केवल यात्रियों ही नहीं, बल्कि आवश्यक वाहन आवागमन के लिए भी वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।

यात्रियों के लिए मुफ्त सफर की तैयारी

फेरी सेवा को लेकर जिला प्रशासन की ओर से यात्रियों को निशुल्क यात्रा कराने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही साइकिल और मोटरसाइकिल को भी बिना शुल्क ले जाने पर विचार किया जा रहा है। क्रूज सेवा से जुड़े घाटों तक यात्रियों की पहुंच आसान बनाने के लिए संबंधित सड़कों की मरम्मत भी कराई जाएगी।

रोजाना होगी तैयारियों की समीक्षा

पूरी व्यवस्था को समय पर तैयार कराने के लिए उपविकास आयुक्त को सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय करने की जिम्मेदारी दी गई है। वे तैयारियों की दैनिक समीक्षा करेंगे और प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे। प्रशासन का उद्देश्य विक्रमशिला सेतु पर यातायात बंद होने की स्थिति में भागलपुर और आसपास के लोगों के लिए सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक परिवहन उपलब्ध कराना है। इसके लिए घाटों से लेकर क्रूज संचालन, सुरक्षा, मेडिकल सुविधा, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन सहायता तक की व्यवस्थाओं को एक साथ तैयार किया जा रहा है।