Highlights:
- डीएम वर्षा सिंह ने महादलित परिवारों के साथ मनाई दीपावली
- बच्चों के बीच मिठाइयां बांटीं और उनके साथ जलाए दीप
- बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करते हुए नियमित स्कूल जाने की दी सलाह
- कहा- समाज के हर वर्ग तक पहुंचनी चाहिए विकास की रोशनी
हाजीपुर (Threesocieties.com Desk): दीपावली के अवसर पर वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने एक सराहनीय पहल करते हुए हाजीपुर के हेला बाजार स्थित महादलित टोले में पहुंचकर स्थानीय परिवारों और बच्चों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। डीएम ने बस्ती में पहुंचकर न केवल बच्चों के साथ दीपावली मनाई, बल्कि सामाजिक समानता, आपसी भाईचारे और समावेशी विकास का संदेश भी दिया।

और भी पढ़ें
- अनंत सिंह की बेटी शिवांगी ने तोड़ी चुप्पी, बताई पढ़ाई और कमाई की पूरी कहानी
- Dhanbad: बारामुड़ी विवाद पर सियासत, CM हेमंत से मिलेंगे झामुमो नेता; पुलिस पर गंभीर आरोप
- दीवाली पर रणबीर कपूर की रामायणम् का धमाका, 238 करोड़ पार, बनाया रिकॉर्ड
- छपरा में DM-SSP की अनूठी पहल: महादलित टोले में बच्चों संग मनाई दीपावली, बांटी मिठाइयां
इस दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों के बीच मिठाइयां वितरित कीं। उन्होंने बच्चों के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए और पटाखे जलाकर दीपावली का उत्सव मनाया। डीएम को अपने बीच पाकर बस्ती के बच्चों और परिवारों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था।
बच्चों के साथ आत्मीय संवाद, साझा कीं त्योहार की खुशियां
जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बच्चों और उनके परिवारों के साथ आत्मीयता से बातचीत की। उन्होंने बच्चों की खुशियों में सहभागी बनते हुए उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं। प्रशासन की इस पहल से आम लोगों और जिला प्रशासन के बीच आपसी विश्वास, संवेदनशीलता और जुड़ाव का संदेश सामने आया। डीएम ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह दूसरों के जीवन में खुशियों का प्रकाश फैलाने का भी अवसर है। त्योहार की वास्तविक खुशी तभी है, जब समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर वंचित और जरूरतमंद परिवारों को भी इसमें समान रूप से भागीदारी का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि हमें अपनी खुशियों में उन लोगों को भी शामिल करना चाहिए, जिन्हें हमारी थोड़ी-सी आत्मीयता और सहयोग से बड़ी प्रसन्नता मिल सकती है।
जरूरतमंदों के साथ खुशियां बांटने की अपील
जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे त्योहारों के अवसर पर अपने आसपास रहने वाले जरूरतमंद परिवारों और बच्चों के साथ खुशियां साझा करें। समाज में प्रेम, भाईचारे, समानता और सहयोग की भावना को मजबूत बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना और किसी बच्चे की खुशी का कारण बनना ही त्योहार की सबसे बड़ी सार्थकता है। समाज में खुशियां तभी पूरी होती हैं, जब उनका लाभ हर वर्ग तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति खुद को उपेक्षित महसूस न करे।
बच्चों को शिक्षा के प्रति किया प्रेरित
दीपावली उत्सव के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने बच्चों से नियमित रूप से विद्यालय जाने, मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने की अपील की। डीएम ने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत आधार है। प्रत्येक बच्चे को आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने का समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मेहनत, लगन और शिक्षा के माध्यम से वे अपने जीवन में बेहतर मुकाम हासिल कर सकते हैं।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे विकास की रोशनी
जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने सामाजिक समावेशन और जनकल्याण पर जोर देते हुए कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब विकास की रोशनी अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। प्रशासन की प्राथमिकता जनकल्याण, सामाजिक समावेशन और समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान एवं समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि वंचित और जरूरतमंद परिवारों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है।
हेला बाजार महादलित टोले में बच्चों और परिवारों के साथ दीपावली मनाने की डीएम की इस पहल ने त्योहार के सामाजिक और मानवीय महत्व को रेखांकित किया। यह संदेश भी दिया कि दीपावली की असली रोशनी केवल घरों में जलने वाले दीयों में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियां बांटने और उनके सपनों को रोशन करने में है।