किसान अंदोलन: ट्रैक्टर परेड में हिंसक प्रदर्शन, बवाल,दिल्ली-NCR में आधी जगहों पर इंटरनेट सेवा बंद,शाह की हाइ लेवल मीटिंग

सेंट्रल गवर्नमेंट के तीनों कृषि कानून के खिलाफ 60 दिनों से चल रहा आंदोलन गणतंत्र दिवस के मौके पर हिंसक रुप ले लिया। गणतंत्र दिवस परेड के बीच राजधानी में अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई। होम मिनिस्टर अमित शाह ने हाई लेवल मीटिंग की है। 

किसान अंदोलन: ट्रैक्टर परेड में हिंसक प्रदर्शन, बवाल,दिल्ली-NCR में आधी जगहों पर इंटरनेट सेवा बंद,शाह की हाइ लेवल मीटिंग

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  • संयुक्त किसान मोर्चा ने की हिंसक प्रदर्शन की निंदा, प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील

नई दिल्ली। सेंट्रल गवर्नमेंट के तीनों कृषि कानून के खिलाफ 60 दिनों से चल रहा आंदोलन गणतंत्र दिवस के मौके पर हिंसक रुप ले लिया। गणतंत्र दिवस परेड के बीच राजधानी में अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई। होम मिनिस्टर अमित शाह ने हाई लेवल मीटिंग की है। 

भारी संख्या में प्रदर्शनकारी किसान ट्रैक्टरों के साथ लाल किला पर पहुंच कर भीतर घुस गये। प्रदर्शन के कारण Ministry of Home Affairs ने अस्थायी रूप से सिंघु, गाजीपुर, टीकरी बॉर्डर, मुबरका चौक और नांगलोई में मंगलवार रात 11 बजकर 59 मिनट तक इंटरनेट सर्विस स्थगित कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों ने लाल किले की प्राचीर से अपना पीले रंग का झंडा लहराया। राजधानी में आईटीओ में प्रदर्शनकारी किसान टैक्टरों से बैरिकेड तोड़ दिया। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने यहां किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। भीड़ को काबू करने के दौरान पांच-छह पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। वहीं, प्रदर्शनकारियों की तरफ से पुलिसवालों पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की गई। झड़प के बीच दो मीडियाकर्मी भी घायल हो गये हैं।वहीं कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आई हैं।

एनएच-24 पर भी किसान रास्ते में बैरिकेड तोड़ अक्षरधाम मंदिर की तरफ बढ़ रहे हैं। रास्ते में प्रदर्शनकारियों ने हुड़दंग भी किया। इन लोगों पुलिस की गाड़ियों के शीशे भी तोड़ डाले।राजधानी के करनाल बाईपास पर प्रदर्शनकारी किसानों के साथ ही घुड़सवार निहंग पुलिस बैरिकेड पर टूट पड़े। किसानों व निहंगों ने पुलिस बैरिकेड तोड़फोड़ करते हुए खूब हंगामा किया। वहीं, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।नांगलोई में प्रदर्शनकारी किसानों को रोकने के लिए पुलिसवाले खुद जमीन पर बैठ गये। यहां से किसानों के जत्थे नजफगढ़ की ओर तय रूट पर जाने की बजाय रोहतक रोड पर पीरागढ़ी की ओर से गये। बहादुरगढ़ से पीरागढ़ी मेट्रो सेवा तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई थी। पीरागढ़ी सहित इस रूट पर लगने वाले सभी स्टेशनों को बंद कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी राजधानी के मकरबा चौक पर पुलिस के वाहन पर चढ़कर उन लोगों ने पुलिस के बैरिकेड हटा दिये।लाल किला के लाहौरी गेट पर लगा दरवाजा उपद्रवी किसानों ने तोड़ दिया है। इसके बाद उपद्रवी मीना बाजार तक पहुंच गये थे। वहां कार्यरत कर्मचारियों ने अपने को कार्यालय में बंद कर लिया है। उपद्रवियों ने तलवार से पुलिस कर्मियों पर हमला किया। बताया जा रहा है कि यह हमला निहंगों ने किया। पुलिस आंगोलकारियों  से लाल किला खाली कराने में सफल रही।

दिल्ली मेट्रो ने स्टेशनों के गेट किये बंद
दिल्ली मेट्रो ने किसानों की ट्रैक्टर परेड और पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद अपने कई स्टेशनों के गेट बंद कर दिये हैं। दिल्ली मेट्रो ने ट्वीट कर बताया कि समयपुर बादली, रोहिणी सेक्टर 18/19, हैदरपुर बादली मोड़, जहांगीर पुरी, आदर्शनगर, आजादपुर, मॉडल टाउन, जीटीबी नगर, विश्वविद्यालय, विधानसभा और सिविल लाइन्स, इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दिये हैं।  

संयुक्त किसान मोर्चा ने हिंसक प्रदर्शन की कड़ी निंदा की है
संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर हिंसक प्रदर्शन की कड़ी निंदा की है। मोर्चा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील की है। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि सभी प्रयासों के बावजूद कुछ लोगों ने मार्ग का उल्लंघन किया और निंदनीय कृत्यों में लिप्त रहे। असामाजिक तत्वों ने शांतिपूर्ण आंदोलन में घुसपैठ की थी। हमने हमेशा माना है कि शांति हमारी सबसे बड़ी ताकत है। किसी भी उल्लंघन से आंदोलन को नुकसान होगा। 

राजनीतिक दलों ने ये माहौल खराब किया: राकेश टिकैत
किसान नेता राकेश टिकैत ने बयान दिया है कि राजनीतिक दलों ने ये माहौल खराब किया है, किसानों ने नहीं। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आधिकारिक बयान जारी कर कहा गया है कि दिल्ली में घुसकर हिंसा, तोड़फोड़ और मारपीट करने वालों का उनके संगठन से कोई वास्ता नहीं है। किसान नेता योगेंद्र यादव ने भी किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की है। 

राजपथ पर जारी था भारत शक्ति-प्रर्शन, दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस और किसानों में झड़प

एक ओर जहां देश अपना 72वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, वहीं दूसरी ओर राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो रही खी। राष्ट्रीय राजधानी से लगे सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों और पुलिस में कई जगह झड़प हुई है और पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। इतना ही नहीं, दिल्ली में प्रवेश की कोशिश कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया।

सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर पर कुछ किसान पुलिस के अवरोधकों को तोड़कर दिल्ली में दाखिल हो गये। इसके बाद ये किसान काफी समय तक मुकरबा चौके पर बैठे, लेकिन फिर उन्होंने वहां लगाए गए बैरिकेड और सीमेंट के अवरोधक तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद इतना ही नहीं, गाजीपुर में पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया है।सुरक्षा कर्मियों ने किसानों को समझाने की कोशिश भी की और कहा कि राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड के खत्म होने के बाद उन्हें दिल्ली में ट्रैक्टर परेड करने की अनुमति दी गई है। प्रदर्शनकारी किसान सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर पर सुबह ही बैरिकेड्स तोड़कर आगे मार्च के लिए निकले थे।