BCCL की Gol-6 व 9 Siding से अब रोज 10 रेक भेजने का लक्ष्य, CMD ने दिए सख्त निर्देश

BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने Gol-6 & 9 Siding का निरीक्षण कर रोजाना कोयला डिस्पैच 10 रेक तक बढ़ाने का लक्ष्य दिया। Rakhitpur Siding की भी समीक्षा की गई।

BCCL की Gol-6 व 9 Siding से अब रोज 10 रेक भेजने का लक्ष्य, CMD ने दिए सख्त निर्देश
निर्माणाधीन Rakhitpur Railway Siding का भी CMD ने निरीक्षण किया।

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 HighLights:

  • BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने Gol-6 & 9 Siding का निरीक्षण किया
  • साइडिंग से वर्तमान में रोजाना करीब 7-8 रेक कोयला डिस्पैच हो रहा है
  • CMD ने तत्काल 9 रेक प्रतिदिन और एक सप्ताह में 10 रेक प्रतिदिन का लक्ष्य दिया
  • लाइटिंग और क्रशर ऑपरेशन की भी समीक्षा की गई

धनबाद (Threesocieties.com Desk): बिजली क्षेत्र की बढ़ती कोयला जरूरतों को पूरा करने और कोयला डिस्पैच में तेजी लाने के उद्देश्य से BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने 9 सितंबर 2026 को लोदना एरिया के Gol-6 & 9 Siding का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने साइडिंग से हो रहे कोयला डिस्पैच की स्थिति का जायजा लिया और उत्पादन से लेकर कोयला निकासी तक की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

रोजाना 7-8 रेक से बढ़ाकर 10 रेक का लक्ष्य

Gol-6 & 9 BCCL के महत्वपूर्ण कोयला डिस्पैच साइडिंग में शामिल है। वर्तमान में यहां से प्रतिदिन करीब 7 से 8 रेक कोयले का डिस्पैच किया जा रहा है। CMD ने संबंधित अधिकारियों और टीम को निर्देश दिया कि तत्काल डिस्पैच क्षमता बढ़ाकर रोज 9 रेक की जाए और अगले एक सप्ताह के भीतर इसे 10 रेक प्रतिदिन तक पहुंचाया जाए। CMD ने कहा कि लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय, कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और उपलब्ध साइडिंग संसाधनों का अधिकतम उपयोग जरूरी है।

कर्मचारियों का उत्साह और टीमवर्क जरूरी

निरीक्षण के दौरान CMD ने फील्ड टीम के साथ बातचीत की और डिस्पैच बढ़ाने में कर्मचारियों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर परिणाम के लिए मोटिवेटेड वर्कफोर्स, आपसी समन्वय और प्रभावी कार्ययोजना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को साइडिंग की क्षमता का पूरी तरह इस्तेमाल करने और डिस्पैच प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।

रात में भी निर्बाध डिस्पैच पर जोर

CMD ने Gol-6 & 9 Siding में लाइटिंग व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने रात के समय भी कोयला डिस्पैच सुचारू रूप से जारी रखने के लिए पर्याप्त और प्रभावी प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने क्रशर ऑपरेशन की स्थिति का भी जायजा लिया और संबंधित टीम को चौबीसों घंटे तैयार रहने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी समय डिस्पैच प्रक्रिया बाधित न हो।

Rakhitpur Siding का भी किया निरीक्षण

Gol-6 & 9 Siding के निरीक्षण के बाद BCCL CMD ने रेलवे के निर्माणाधीन Rakhitpur Siding का भी दौरा किया। यहां उन्होंने भविष्य में कोयला निकासी की संभावनाओं और मौजूदा डिस्पैच व्यवस्था पर इसके संभावित प्रभाव का आकलन किया। Rakhitpur Siding को मौजूदा कोयला निकासी संबंधी चुनौतियों को कम करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर Bastacolla Siding में नो-एंट्री प्रतिबंध और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं के कारण कोयला परिवहन प्रभावित होने की स्थिति में यह साइडिंग एक वैकल्पिक विकल्प के रूप में उपयोगी हो सकती है।

Project Block F के लिए भी अहम हो सकती है साइडिंग

CMD ने Rakhitpur Siding की भविष्य की उपयोगिता का भी आकलन किया। आगामी Project Block F, जिसकी क्षमता 13 MTY (मिलियन टन प्रति वर्ष) बताई गई है, से भविष्य में कोयला निकासी के लिए इस साइडिंग की संभावनाओं को देखा जा रहा है। यदि Rakhitpur Siding को प्रभावी रूप से कोयला निकासी नेटवर्क से जोड़ा जाता है, तो इससे भविष्य में डिस्पैच क्षमता बढ़ाने और मौजूदा परिवहन दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

पावर सेक्टर को कोयला आपूर्ति बढ़ाने पर फोकस

BCCL की ओर से कोयला डिस्पैच बढ़ाने की यह कवायद ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब बिजली क्षेत्र की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कोयले की निर्बाध आपूर्ति पर लगातार जोर दिया जा रहा है। Gol-6 & 9 Siding से 7-8 रेक से 10 रेक प्रतिदिन तक डिस्पैच बढ़ाने का लक्ष्य हासिल होने पर कोयला निकासी की गति में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। साथ ही, Rakhitpur Siding को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने से BCCL के कोयला परिवहन नेटवर्क को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। BCCL का फोकस अब साइडिंग की क्षमता के बेहतर इस्तेमाल, चौबीसों घंटे संचालन, बेहतर समन्वय और वैकल्पिक निकासी मार्गों को मजबूत करने पर है, ताकि बिजली क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप कोयले की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।