पटना बवाल पर पुलिस का बड़ा प्रहार! 24 FIR, 258 गिरफ्तार, 6 हजार अज्ञात रडार पर

पटना में 22 और 25 जुलाई को हुए हिंसक छात्र प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने 24 एफआईआर दर्ज कर 258 लोगों को गिरफ्तार किया है। 285 नामजद और 6 हजार अज्ञात लोगों पर केस दर्ज हुआ है। हिंसा में 43 पुलिसकर्मी और 300 से अधिक छात्र घायल हुए।

पटना बवाल पर पुलिस का बड़ा प्रहार! 24 FIR, 258 गिरफ्तार, 6 हजार अज्ञात रडार पर
43 पुलिसकर्मी घायल, 300 से ज्यादा छात्र जख्मी।

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HighLights:

  • 22 और 25 जुलाई के हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन
  • गांधी मैदान, कोतवाली, सचिवालय और पाटलिपुत्र थाना में 24 एफआईआर दर्ज
  • 285 नामजद और करीब 6 हजार अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज
  • अब तक 258 आरोपित गिरफ्तार कर जेल भेजे गए

पटना(Threesocieties.com Desk):  बिहार की राजधानी पटना में 22 और 25 जुलाई को हुए उग्र छात्र प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। हिंसक घटनाओं के बाद गांधी मैदान, कोतवाली, सचिवालय और पाटलिपुत्र थाना में कुल 24 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन मामलों में 285 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि करीब 6 हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

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पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 258 आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज, सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों की मदद से अन्य आरोपितों की पहचान की जा रही है। आने वाले दिनों में गिरफ्तारी का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

गांधी मैदान थाना से सबसे अधिक गिरफ्तारियां

पुलिस कार्रवाई में गांधी मैदान थाना सबसे आगे रहा, जहां से 138 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वहीं कोतवाली थाना पुलिस ने 49 लोगों को गिरफ्तार किया। अन्य गिरफ्तारियां सचिवालय और पाटलिपुत्र थाना क्षेत्रों से हुई हैं। पुलिस ने प्रदर्शन की संवेदनशीलता को देखते हुए हिरासत में ली गई 30 छात्राओं को निजी बांड भरवाकर छोड़ दिया, जबकि बाकी आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।

285 नामजद, 6 हजार अज्ञात पर पुलिस का शिकंजा

हिंसक प्रदर्शन के मामले में दर्ज एफआईआर में 285 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा लगभग 6 हजार अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि जिन लोगों ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, पुलिस पर हमला किया या हिंसा में शामिल रहे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां वीडियो फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग और ड्रोन कैमरों की मदद से उपद्रवियों की पहचान कर रही हैं।

हिंसा में 43 पुलिसकर्मी और 300 से अधिक छात्र घायल

प्रदर्शन के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह हिंसक झड़पें हुईं। इस दौरान आईजी स्तर के अधिकारी, थानेदार, सब-इंस्पेक्टर और सिपाहियों समेत कुल 43 पुलिसकर्मी घायल हो गए। दूसरी ओर, 300 से अधिक छात्र भी घायल हुए, जिनमें करीब 60 छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं। कई छात्रों के सिर में गंभीर चोट लगी, जबकि कई के हाथ-पैर टूटने की भी सूचना है।

पुलिस और आम लोगों के वाहनों को पहुंचा नुकसान

हिंसक प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने गांधी मैदान और कोतवाली थाना क्षेत्र में जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान पुलिस और आम लोगों के कुल 11 वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कई सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा।

एसएसपी बोले- हालात पूरी तरह सामान्य

पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि शहर की स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपितों की पहचान जारी है।

इन प्रमुख लोगों की हुई गिरफ्तारी

पुलिस कार्रवाई के दौरान कई प्रमुख राजनीतिक और छात्र नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया, जिनमें—

जनशक्ति जनता दल के संस्थापक तेज प्रताप यादव
भाकपा (माले) के पालीगंज विधायक संदीप सौरभ
पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष शांतनु शेखर
आइसा के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय
आइसा महासचिव दीपांकर मिश्रा
आइसा के राज्य सचिव दिव्यम
आइसा की नेत्री आफरिन
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मनीष यादव
पालीगंज मुखिया संघ के अध्यक्ष आनंद कुमार यादव

हालांकि, इन मामलों में सभी आरोपितों के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया जारी है और अदालत में आरोप सिद्ध होने तक उन्हें दोषी नहीं माना जाता।