बिहार बंद में पटना बना रणक्षेत्र: पुलिस की 2 गाड़ियां पलटीं, टीओपी पर बम फेंका, लाठीचार्ज से मचा हंगामा

बिहार बंद के दौरान पटना में छात्र संगठनों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। गांधी मैदान टीओपी पर बम फेंका गया, पुलिस की दो गाड़ियां पलट दी गईं और डाकबंगला चौराहे पर लाठीचार्ज हुआ। जानिए पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट।

बिहार बंद में पटना बना रणक्षेत्र: पुलिस की 2 गाड़ियां पलटीं, टीओपी पर बम फेंका, लाठीचार्ज से मचा हंगामा
पुलिस की गाड़ियां पलटीं, बमबाजी और लाठीचार्ज से शहर थमा।

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    HighLights:

  • तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार,बेउर केंद्रीय कारा भेजे गये
  • पटना में बिहार बंद के दौरान छात्र संगठनों का प्रदर्शन हिंसक हो गया
  • गांधी मैदान ट्रैफिक टीओपी पर सुतली बम फेंका गया, तोड़फोड़ में बाइक क्षतिग्रस्त
  • प्रदर्शनकारियों ने पुलिस गाड़ियां पलट दीं, पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया

पटना (Threesocieties.com Desk):  बिहार बंद के दौरान शनिवार को राजधानी पटना हिंसा, पथराव और पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़पों का केंद्र बन गई। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठनों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक सड़कों पर उतरे। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और गांधी मैदान, एग्जिबिशन रोड, डाकबंगला चौराहा तथा पटना जंक्शन के आसपास हालात तनावपूर्ण बन गए। तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर केंद्रीय कारा भेज दिया गया।

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अपने राजनीतिक जीवन में यह पहला मौका है जब तेज प्रताप यादव को जेल जाना पड़ा है।पुलिस ने शनिवार देर रात पटना के सिटी सेंटर मॉल के पास से तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार क‍िया गया। इस दौरान वे अपनी गाड़ी में जाने की बात करते रहे।  उन पर कानून-व्यवस्था भंग करने, समर्थकों को उकसाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और हिंसक प्रदर्शन को बढ़ावा देने समेत अन्य आरोप लगाए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद पहले उन्हें दीघा थाना और फिर नौबतपुर थाना ले जाया गया। रात करीब 12:15 बजे उन्हें छज्जूबाग स्थित न्यायिक दंडाधिकारी के आवास पर पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेजने का आदेश दिया गया।

सबसे गंभीर घटना गांधी मैदान ट्रैफिक टीओपी में हुई, जहां प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर सुतली बम फेंक दिया। विस्फोट के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। टीओपी परिसर में खड़ी एक बाइक क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि अन्य सरकारी सामान को भी नुकसान पहुंचा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने टीओपी में जमकर तोड़फोड़ की, जिससे पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।

छात्र आंदोलन में सक्रिय रहे तेज प्रताप

शनिवार सुबह तेज प्रताप यादव गांधी मैदान गेट संख्या-10 के पास छात्र आंदोलन के समर्थन में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रतिमा पर चढ़कर तिरंगा लहराया।  वे छात्रों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए। काफी देर तक वह आंदोलनकारियों के बीच मौजूद रहे और प्रदर्शन का समर्थन करते रहे। दोपहर में पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में भी लिया था, लेकिन कुछ देर बाद छोड़ दिया गया। इसके बाद भी वह विभिन्न स्थानों पर समर्थकों के साथ सक्रिय रहे। देर रात पुलिस ने दोबारा कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

हिंसक प्रदर्शन के बाद दर्ज हुई प्राथमिकी

छात्र आंदोलन के दौरान राजधानी के गांधी मैदान, डाकबंगला चौराहा और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव किए जाने में गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। कई सरकारी वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। इसी घटना को लेकर गांधी मैदान थाना में तेज प्रताप यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ को भड़काने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

चार मुकदमे दर्ज, 60 समर्थक हिरासत में

छात्र आंदोलन में हुई हिंसा को लेकर गांधी मैदान और कोतवाली थाना में अलग-अलग चार प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। पुलिस ने राजद विधायक गौतम कृष्णा समेत करीब 60 समर्थकों को हिरासत में लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज तथा वीडियो के आधार पर अन्य आरोपितों की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और बिहार बंद के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ने, सरकारी काम में बाधा डालने और समर्थकों को उकसाने के गंभीर आरोपों के तहत पुलिस ने जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही उग्र प्रदर्शन करने वाले 208 अन्य प्रदर्शनकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है। शनिवार दोपहर तेज प्रताप यादव रामगुलाम चौक पहुंचे और छात्रों के समर्थन में डटे रहे। पुलिस ने पहले उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया था, लेकिन स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए थोड़ी देर बाद छोड़ दिया।रिहाई के बाद तेज प्रताप शाम को फ्रेजर रोड स्थित सिटी सेंटर माल पहुंचे। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने उन्हें माल से गिरफ्तार कर लिया।

पहले उन्हें दीघा थाना ले जाया गया, फिर देर रात नौबतपुर थाने स्थानांतरित कर दिया गया। गांधी मैदान थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रदर्शन में गांधी मैदान और कोतवाली थाना में अलग-अलग चार केस दर्ज किए गए है। पूर्व मंत्री के पहुंचते ही प्रदर्शनकारी बेहद उग्र हो गए और उन्होंने इलाके में जमकर तोड़फोड़ व पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस हिंसा में बाकरगंज टीओपी प्रभारी समेत 12 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।दूसरी तरफ पुलिसिया लाठीचार्ज में 20 से अधिक प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है। मजिस्ट्रेट के बयान के आधार पर गांधी मैदान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर शिकंजा कसा है। 200 नामजद और लगभग 2,000 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। 

एग्जिबिशन रोड पर पुलिस की दो गाड़ियां पलटीं

गांधी मैदान से आगे बढ़े उग्र प्रदर्शनकारियों ने एग्जिबिशन रोड पर पुलिस की दो गाड़ियों को निशाना बनाया। पहले वाहनों में तोड़फोड़ की गई और फिर उन्हें पलट दिया गया। इस दौरान बाकरगंज टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार घायल हो गए। घायल अधिकारी को तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया। पुलिस ने अतिरिक्त जवानों और दंगा नियंत्रण वाहनों की मदद से स्थिति संभालने का प्रयास किया।

डाकबंगला चौराहे पर लाठीचार्ज

प्रदर्शनकारियों को डाकबंगला चौराहा और पटना जंक्शन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और भीड़ के बीच तीखी झड़प हुई। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने ईंट-पत्थर फेंके, जबकि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा गया और सड़कों पर ईंट-पत्थर बिखरे दिखाई दिए।

हजारों छात्र पहुंचे, टावर पर चढ़े प्रदर्शनकारी

प्रदर्शन के दौरान वामपंथी छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के पहुंचने के बाद भीड़ और बढ़ गई। गांधी मैदान के आसपास करीब एक हजार से अधिक छात्र और कार्यकर्ता जमा हो गए। कुछ प्रदर्शनकारी टेलीफोन टावर पर भी चढ़ गए, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर भी जमकर नारेबाजी हुई।

राजद नेताओं ने दिया समर्थन

प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेज प्रताप यादव रामगुलाम चौक पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। उन्होंने प्रतिमा पर चढ़कर तिरंगा लहराया और छात्रों की मांगों का समर्थन किया। राजद विधायक गौतम कृष्णा भी डाकबंगला चौराहे पहुंचे। उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और छात्रों के समर्थन में कुछ देर धरने पर बैठे।

पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ाई गई

स्थिति बिगड़ने के बाद गांधी मैदान, डाकबंगला चौराहा, एग्जिबिशन रोड, फ्रेजर रोड और पटना जंक्शन के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल, दंगा नियंत्रण वाहन और वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई।प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है ताकि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।

फिलहाल राजधानी के संवेदनशील इलाकों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। हालांकि यातायात व्यवस्था लंबे समय तक बाधित रही और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।