पाकिस्तान: जेल में बंद इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट की बड़ी राहत, 48 घंटे में अस्पताल भेजने का आदेश
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद पूर्व PM इमरान खान को 48 घंटे में शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश दिया है। जानें उनकी सेहत, मेडिकल बोर्ड और परिवार से मुलाकात को लेकर कोर्ट के निर्देश।
HighLights:
- पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को अस्पताल भेजने का आदेश दिया
- 48 घंटे के भीतर शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा
- अदालत ने इमरान के इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया
- मेडिकल बोर्ड में विशेषज्ञ डॉक्टर, निजी चिकित्सक और बहन डॉ. उजमा खान शामिल होंगी
इस्लामाबाद(Threesocieties.com Desk): पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को देश की सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच इमरान खान को जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। उन्हें 48 घंटे के भीतर अस्पताल भेजने को कहा गया है।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। पिछले कई महीनों से उनकी पार्टी, परिवार और वकील उनकी सेहत को लेकर चिंता जताते रहे हैं। खासकर उनकी आंखों की समस्या को लेकर परिवार की ओर से लगातार बेहतर इलाज की मांग की जा रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक, जेल में रहने के दौरान उनकी दाहिनी आंख की रोशनी काफी प्रभावित होने की बात सामने आई थी।
48 घंटे के भीतर शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इमरान खान को 48 घंटे के भीतर शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में भर्ती कराया जाए। अदालत के निर्देश के मुताबिक वहां उनकी व्यापक मेडिकल जांच और इलाज किया जाएगा। उन्हें 16 सितंबर तक अस्पताल में रखने की बात सामने आई है। अदालत ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति का विस्तृत आकलन करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड गठित करने का भी निर्देश दिया है। इस बोर्ड में इमरान खान के निजी चिकित्सक और उनकी बहन डॉ. उजमा खान को भी शामिल किया जाएगा।
बहनों से मुलाकात पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की परिवार से मुलाकात के मुद्दे पर भी सख्त रुख अपनाया। अदालत ने कहा कि बहनों से मुलाकात कोई एहसान नहीं, बल्कि उनका अधिकार है। अदालत ने पिछले तीन वर्षों में इमरान खान और उनकी बहनों के बीच हुई मुलाकातों की जानकारी भी मांगी है। इसके अलावा उनके बेटों से फोन पर बातचीत और संपर्क से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने परिवार से नियमित मुलाकात की व्यवस्था का भी निर्देश दिया है। उनके बेटों कैसिम और सुलेमान ने लंबे समय से अपने पिता से मिलने की इच्छा जताई है।
मेडिकल रिपोर्ट को लेकर अदालत ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान अदालत ने इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए। अदालत ने जेल प्रशासन से उनकी पूरी मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। रिपोर्टों में इमरान खान के ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव और अन्य स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का उल्लेख किया गया है। उनकी आंख की बीमारी सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन का भी इलाज चल रहा है। जेल प्रशासन की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रभावित आंख की दृष्टि में सुधार हुआ है और वह लगभग सामान्य स्थिति में पहुंच गई है।
मेडिकल बोर्ड करेगा पूरी जांच
अस्पताल में इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जांच होगी। मेडिकल बोर्ड उनकी पुरानी रिपोर्टों का भी अध्ययन करेगा और यह तय करेगा कि उन्हें आगे किस तरह के इलाज की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐसे समय आया है जब इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर उनकी पार्टी और परिवार लगातार सवाल उठा रहे थे। PTI ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि यह कदम पहले ही उठाया जाना चाहिए था।
2023 से जेल में हैं इमरान खान
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ कई कानूनी मामले सामने आए। इनमें तोशाखाना, अल-कादिर ट्रस्ट, राज्य के गोपनीय दस्तावेजों और विवाह से जुड़े मामले शामिल रहे हैं। कुछ मामलों में उन्हें राहत मिल चुकी है, जबकि कई अन्य मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है। इमरान खान और उनकी पार्टी लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि उनके खिलाफ दर्ज कई मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती रही हैं।
PTI ने फैसले का किया स्वागत
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद PTI नेताओं ने इसे राहत भरा फैसला बताया है। पार्टी ने सरकार से अदालत के निर्देशों को तुरंत लागू करने और इमरान खान को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। हालांकि, पाकिस्तान की राजनीति में इमरान खान की स्थिति अभी भी बेहद अहम बनी हुई है। 2024 के आम चुनाव में PTI समर्थित उम्मीदवारों ने बड़ी संख्या में सीटें जीती थीं, लेकिन पार्टी को चुनाव चिह्न से जुड़े विवाद के कारण उम्मीदवारों को निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ना पड़ा था।
Anjala Kumar 



